“आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार”- सेवा का अधिकार सप्ताह।
शिविरों में प्राप्त हुए 13095 आवेदन, 642 का निष्पादन।
2681 लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण।
धनबाद । झारखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष (रजत पर्व) के शुभ अवसर पर तथा सेवा का अधिकार सप्ताह के अंतिम दिन विभिन्न प्रखंडों के पंचायतों एवं नगर निकाय के वार्डों में “आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरवासी उमड़े।
इसकी जानकारी देते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि राज्य सरकार की फोकस एरिया की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 13095 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें जाति प्रमाण पत्र के 75, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 से जुड़े 70 सहित 642 आवेदनों का निष्पादन किया गया। वहीं 2681 लाभुकों के बीच ऑन द स्पॉट परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण पत्र के 189, आय प्रमाण पत्र के 141, जन्म प्रमाण पत्र के 134, मृत्यु प्रमाण पत्र के 32, दाखिल खारिज वादों के 61, जमीन मापी के 4, भूमि धारण प्रमाण पत्र 26, नया राशन कार्ड 1570, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के 116, वृद्धा पेंशन के 898, विधवा पेंशन के 50, दिव्यांगता पेंशन के 44, कम्बल के 60, धोती साड़ी लूंगी के 196, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 से जुड़े 143, विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए 9431 सहित 13095 आवेदन प्राप्त हुए।
इसमें जाति प्रमाण पत्र के 75, आय प्रमाण पत्र के 55, जन्म प्रमाण पत्र के 38, मृत्यु प्रमाण पत्र के 11, नया राशन कार्ड 26, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के 32, वृद्धा पेंशन के 53, विधवा पेंशन के 6, दिव्यांगता पेंशन के 1, धोती साड़ी लूंगी के 108, झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 से जुड़े 70, विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के 167 सहित 642 आवेदनों का निष्पादन किया गया।
शिविरों के दौरान 28 लाभुकों को लेमिनेटेड जाति प्रमाण पत्र, 811 स्वयं सहायता समूह / क्लस्टर मेंबर को आइडेंटी कार्ड का वितरण, 31 को साइकिल, 1464 लाभुकों को स्वेटर तथा अन्य 347 सहित 2681 लाभुकों के बीच ऑन द स्पॉट परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
शिविरों में जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीडीओ-सीओ एवं विभागीय कर्मी शिविरों में उपस्थित रहे तथा लाभुकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया।
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