महाराष्ट्र सरकार ने CRS (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) में अनियमितताओं की जांच के लिए SIT गठित की। यवतमाल के शेंदुरसनी ग्राम पंचायत (आबादी 1300) में 27,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए, जो साइबर फ्रॉड का शक पैदा कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत का CRS आईडी हैक: 1500 लोगों वाले गांव में 27,000 दाखले, अब SIT जांच करेगी IP लॉग्स
शेंदुरसनी CRS घोटाला: 1300 आबादी वाले गांव में 27,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, महाराष्ट्र ने SIT बनाई
महाराष्ट्र सरकार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) सॉफ्टवेयर में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। यवतमाल जिले के अर्णी तहसील की शेंदुरसनी ग्राम पंचायत (आबादी लगभग 1300) में 27,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आया, जो गांव की डेमोग्राफिक प्रोफाइल से पूरी तरह मेल नहीं खाता।
यह घोटाला सितंबर से नवंबर 2025 के बीच डिस्कवर हुआ, जब डिले ड बर्थ एंड डेथ रजिस्ट्रेशन वेरिफिकेशन ड्राइव चला। स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि 27,397 जन्म रजिस्ट्रेशन और 7 मृत्यु रिकॉर्ड CRS में दर्ज हैं – संख्या गांव की आबादी से 20 गुना ज्यादा।
CRS क्या है और घोटाला कैसे पकड़ा गया?
CRS भारत सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन को सेंट्रलाइज करता है। ग्राम पंचायतों को यूजर आईडी दी जाती है। शेंदुरसनी में वेरिफिकेशन के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को संदेह हुआ। जांच में पाया गया कि CRS आईडी मुंबई से मॉप्ड (मैप्ड) थी, यानी बाहरी लोग गांव के आईडी से फर्जी एंट्री कर रहे थे।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) ने यवतमाल सिटी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई (भारतीय न्याय संहिता और IT एक्ट के तहत)। SDPO यवतमाल ने प्रारंभिक जांच शुरू की।
SIT का गठन: कौन करेगा जांच?
घटना की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने SIT बनाई। सुपरविजन: ADG महाराष्ट्र साइबर। मेंबर्स: डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर।
SIT के एक्शन प्लान:
– इस हफ्ते ग्राम पंचायत का फील्ड विजिट, ग्राउंड वेरिफिकेशन।
– ऑपरेशनल प्रोसेस चेक, सिस्टम गैप्स की पहचान।
– IP लॉग्स का कंप्रीहेंसिव एनालिसिस।
– फर्जी प्रमाणपत्रों के नामों वाले लोगों से पूछताछ।
– मोडस ऑपरेंडी का पता लगाना।
SIT मीटिंग में IO को सुपरवाइजरी नोट्स जारी, टेक्निकल डायरेक्टिव्स दिए गए।
घोटाले का पैमाना: आंकड़ों में
| विवरण | संख्या | समयावधि |
|---|---|---|
| गांव आबादी | 1,300–1,500 | – |
| जन्म रजिस्ट्रेशन | 27,397 | सितंबर–नवंबर 2025 (3 महीने) |
| मृत्यु रिकॉर्ड | 7 | उसी अवधि |
| कुल CRS एंट्री | ~27,000 | डिले रजिस्ट्रेशन |
संभावित मकसद: आईडी फ्रॉड या सरकारी योजनाएं?
अधिकारी मानते हैं कि फर्जी प्रमाणपत्र सरकारी योजनाओं (राशन, पेंशन, स्कॉलरशिप), आईडी प्रूफ (आधार, वोटर ID), जमीन दस्तावेज या अन्य फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो सकते। BJP नेता किरीट सोमैया ने बंगाल–यूपी कनेक्शन का शक जताया।
ग्राम पंचायत जांच में पाया गया कि सभी एंट्री पंचायत के जुरिस्डिक्शन के बाहर।
पहले की जांच और FIR
जिला परिषद CEO ने डिप्टी CEO की अगुआई में कमिटी बनाई। साइट विजिट के बाद निष्कर्ष: सभी रिकॉर्ड संदिग्ध। DHO ने 11 दिसंबर को रिपोर्ट दी।
प्रभाव: डिजिटल सिस्टम पर सवाल
यह घटना CRS जैसी डिजिटल सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती है:
– आईडी सिक्योरिटी गैप्स।
– IP ट्रैकिंग की कमी।
– वेरिफिकेशन प्रोसेस में ढील।
SIT सुधारात्मक उपाय और गाइडलाइंस सुझाएगी।
क्या होगा आगे?
SIT फील्ड विजिट के बाद रिपोर्ट देगी। आरोपी पकड़े गए तो BNS/IT एक्ट के तहत सजा। मामला बड़ा होने पर राज्यव्यापी ऑडिट संभव।
5 FAQs
- शेंदुरसनी ग्राम पंचायत में क्या अनियमितता मिली?
1300–1500 आबादी वाले गांव में सितंबर–नवंबर 2025 में 27,397 जन्म और 7 मृत्यु रिकॉर्ड CRS में दर्ज मिले। - महाराष्ट्र सरकार ने क्या कार्रवाई की?
गृह विभाग ने ADG महाराष्ट्र साइबर के सुपरविजन में SIT गठित की, जिसमें हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर और DHO मेंबर्स हैं। - SIT क्या करेगी?
फील्ड विजिट, IP लॉग्स चेक, फर्जी नामों वालों से पूछताछ, सिस्टम गैप्स पहचान और सुधार सुझाव। - FIR किस आधार पर दर्ज हुई?
BNS और IT एक्ट के तहत यवतमाल पुलिस में, SDPO जांच कर रहा। - फर्जी प्रमाणपत्रों का मकसद क्या हो सकता है?
आईडी फ्रॉड, सरकारी योजनाओं में लाभ, जमीन दस्तावेज या अन्य फ्रॉड।
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