बीजापुर के करेगुट्टा पहाड़ियों में नक्सली IED ब्लास्ट से 11 जवान घायल। DRG और CoBRA टीम पर हमला, रायपुर एयरलिफ्ट। PLGA बटालियन 1 का खतरा, 31 मार्च डेडलाइन से पहले बड़ी चुनौती!
छत्तीसगढ़ नक्सल ऑपरेशन में 6 IED ब्लास्ट, क्या माओवादी PLGA बटालियन 1 का खेल खत्म?
बीजापुर IED ब्लास्ट: नक्सलियों का गणतंत्र दिवस को खूनी तोहफा, 11 जवान घायल!
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर IED बमों से हमला बोल दिया। करेगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में 6 धमाकों से 11 जवान घायल हो गए। ये जवान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के थे। खुफिया जानकारी पर चलाए गए एंटी-माओइस्ट ऑपरेशन के दौरान ये ब्लास्ट हुए। सभी घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि सब स्थिर हैं, कोई जान का खतरा नहीं।
यह घटना छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर हुई, जहां पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन 1 सक्रिय है। यह बैन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओइस्ट) का सशस्त्र विंग है। खुफिया एजेंसियों को 100 से ज्यादा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। ऑपरेशन शनिवार को शुरू हुआ, लेकिन रविवार को IED ब्लास्ट ने सबको हिला दिया। बीजापुर हमेशा से नक्सल हॉटस्पॉट रहा है, जहां 2024-25 में 500 से ज्यादा माओवादी मारे गए।
घायल जवानों की डिटेल्स और चोटें
10 जवान DRG के हैं, एक कोबरा का सब-इंस्पेक्टर। 3 को पैर में गंभीर चोट, 3 को आंखों में शैल splinter। मुख्य घायल:
- कोबरा सब-इंस्पेक्टर जी डी रुद्रेश सिंह (201 बटालियन): पैर में भारी चोट।
- DRG जवान: शैलेंद्र एका, अयातु पोटाम (पैर चोट), सोनम कुनजाम, रमेश हेमला, प्रकाश मिच्छा (आंखें)।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “पहाड़ी इलाका मुश्किल था, लेकिन हेलीकॉप्टर से सभी को सुरक्षित निकाला। सब होश में हैं।” आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि की। यह 2026 का 20वां माओवादी मारने का आंकड़ा है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का टारगेट रखा है। ज्यादातर टॉप लीडर खत्म या सरेंडर हो चुके।
5 FAQs
- प्रश्न: बीजापुर ब्लास्ट में कितने जवान घायल हुए?
उत्तर: 11 जवान, 10 DRG और 1 CoBRA सब-इंस्पेक्टर। सभी रायपुर एयरलिफ्ट। - प्रश्न: IED ब्लास्ट कहां हुए?
उत्तर: करेगुट्टा हिल्स, छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर। 6 ब्लास्ट। - प्रश्न: PLGA बटालियन 1 क्या है?
उत्तर: माओइस्ट्स का सशस्त्र विंग, 100+ कैडर। टारगेट ऑपरेशन। - प्रश्न: नक्सल उन्मूलन कब तक?
उत्तर: केंद्र का टारगेट 31 मार्च 2026। 500+ मारे 2024-25 में। - प्रश्न: घायलों की हालत कैसी?
उत्तर: सभी स्थिर, होश में। पैर और आंखों की चोटें।
Leave a comment