Home दुनिया सॉफ्टवेयर खराबी से हाहाकार: एयरबस ने 6000 जेट्स ग्राउंड किए, भारत पर असर?
दुनिया

सॉफ्टवेयर खराबी से हाहाकार: एयरबस ने 6000 जेट्स ग्राउंड किए, भारत पर असर?

Share
From IndiGo to American Airlines: Airbus Software Fix Hits Half the Global Fleet
Share

एयरबस ने सॉफ्टवेयर समस्या पर 6000 A320 विमानों का रिकॉल किया। अमेरिका, भारत, यूरोप में फ्लाइट डिले-कैंसिलेशन।

अमेरिका से भारत तक फ्लाइट कैंसिल: एयरबस A320 रिकॉल का झटका, क्या होगा सफर?

29 नवंबर 2025 को एयरबस ने बड़ा ऐलान किया। कंपनी ने अपने मशहूर A320 फैमिली के 6000 विमानों पर तत्काल मरम्मत का आदेश दिया। यह ग्लोबल फ्लीट का आधे से ज्यादा है। समस्या सॉफ्टवेयर में है, जो फ्लाइट कंट्रोल को प्रभावित कर सकती है। अमेरिका के सबसे व्यस्त ट्रैवल वीकेंड के ठीक बीच यह झटका आया। भारत की इंडिगो जैसी एयरलाइंस भी प्रभावित।

यह रिकॉल एयरबस के 55 साल के इतिहास में सबसे बड़े में से एक है। A320 ने हाल ही बोइंग 737 को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा डिलीवर मॉडल बन गया। बुलेटिन जारी होने पर 3000 विमान हवा में थे। मरम्मत पुराने सॉफ्टवेयर पर रिवर्ट करना है, जो 2 घंटे लेगा। लेकिन प्लेन दोबारा उड़ान भरने से पहले यह जरूरी। सिर्फ मरम्मत सेंटर तक फेरिंग की इजाजत। यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने इमरजेंसी डायरेक्टिव जारी किया।

समस्या क्या है? जेटब्लू हादसे ने खोला राज

मुख्य दिक्कत ELAC (Elevator and Aileron Computer) में। यह पायलट के साइड-स्टिक से कमांड रियर elevators तक भेजता है, जो नोज एंगल कंट्रोल करता। सोलर फ्लेयर्स से डेटा करप्ट हो सकता। ट्रिगर जेटब्लू फ्लाइट था, 30 अक्टूबर को कैंकन से न्यूर्क। अचानक ऊंचाई गिरी, कई पैसेंजर्स घायल। टैम्पा में इमरजेंसी लैंडिंग। FAA जांच में है। थेल्स (कंप्यूटर मेकर) कहता है सॉफ्टवेयर उनकी जिम्मेदारी नहीं।

A320 1984 में लॉन्च, पहला फ्लाई-बाय-वायर। 1987 में पहली फ्लाइट। कुल 11,300 एक्टिव, जिसमें 6440 कोर A320। लो-कॉस्ट कैरियर्स का फेवरेट।

प्रभावित एयरलाइंस और फ्लाइट्स

अमेरिकन एयरलाइंस (बड़ा ऑपरेटर): 480 में 340 प्रभावित, शनिवार तक खत्म। लुफ्थांसा, ईजीजेट, इंडिगो प्लेन्स आउट ऑफ सर्विस कर रिमेडी करेंगे। एवियानका: 70% फ्लीट, 8 दिसंबर तक टिकट सेल बंद। एयर फ्रांस: 35 फ्लाइट्स कैंसिल (5%)। वोलारिस: 72 घंटे डिले। एयर न्यूजीलैंड: कैंसिलेशन वार्निंग। फिनएयर: 1 घंटा लेट।

भारत में इंडिगो सबसे ज्यादा A320 यूज करता। डेल्टा, जेटब्लू, यूनाइटेड (टॉप यूएस) प्रभावित। चीन, यूरोप, भारत बड़े कस्टमर।

नीचे टेबल में टॉप ऑपरेटर्स का असर:

एयरलाइनA320 फ्लीटप्रभावित (%)एक्शन प्लान
अमेरिकन एयरलाइंस480340 (71%)2 घंटे/प्लेन, शनिवार तक
इंडिगो (भारत)300+ज्यादातरशॉर्ट ग्राउंडिंग
एवियानकाअनुमानित70%टिकट सेल बंद दिसंबर 8 तक
एयर फ्रांस35 फ्लाइट्स कैंसिल
लुफ्थांसाकुछआउट ऑफ सर्विस

मरम्मत का चैलेंज: क्यों मुश्किल?

रिपेयर आसान लेकिन हैंगर स्पेस कम। इंजन चेक के लिए सैकड़ों प्लेन्स पहले से ग्राउंडेड। लेबर शॉर्टेज। हॉलिडे पीक में प्रॉब्लम। एरोडायनामिक एडवाइजरी के माइक स्टेंगेल: “टाइमिंग खराब।” लेकिन नाइट चेक्स में हो सकता। इंडस्ट्री सोर्स: 1000+ में हार्डवेयर चेंज, लंबा ग्राउंडिंग। रोब मॉरिस: हैंगर कैपेसिटी पर सवाल।

5 FAQs

  1. प्रश्न: एयरबस ने कितने A320 विमान रिकॉल किए?
    उत्तर: 6000, जो ग्लोबल फ्लीट का 53% से ज्यादा। सॉफ्टवेयर रिवर्ट से फिक्स।
  2. प्रश्न: समस्या क्या है और क्यों हुई?
    उत्तर: ELAC सॉफ्टवेयर में सोलर फ्लेयर से डेटा करप्ट। जेटब्लू हादसा ट्रिगर।
  3. प्रश्न: भारत की इंडिगो पर क्या असर?
    उत्तर: ज्यादातर A320 प्रभावित, शॉर्ट ग्राउंडिंग। फ्लाइट डिले संभव।
  4. प्रश्न: मरम्मत में कितना समय लगेगा?
    उत्तर: 2 घंटे प्रति प्लेन, लेकिन हैंगर शॉर्टेज से चैलेंज। कुछ लंबा।
  5. प्रश्न: पैसेंजर्स को क्या सलाह?
    उत्तर: स्टेटस चेक, इंश्योरेंस, एक्स्ट्रा टाइम रखें। अल्टरनेटिव प्लान।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

कीव में विस्फोटों की रात: रूस की जंग जारी, शांति योजना पर सवाल खड़े

रूस ने यूक्रेन पर रातभर 500+ ड्रोन और मिसाइलें दागीं, कीव में...

अफगान वीजा बंद, आश्रय आवेदन फ्रीज: क्या बदलेगा ट्रंप का नया इमिग्रेशन नियम?

.अमेरिका ने अफगान पासपोर्ट वीजा और आश्रय फैसले रोके। डीसी में नेशनल...

जैमा इस्लामिया पर छापा या नागरिकों पर हमला? दक्षिण सीरिया में इज़राइल की घुसपैठ पर बड़े सवाल

दक्षिण सीरिया के बेइट जिन गांव में इज़राइल की घुसपैठ के दौरान...

हॉन्गकॉन्ग की सबसे भयानक आग: 128 जिंदगियां गईं, क्या बचाव के सबक सीखे भारत?

हॉन्गकॉन्ग में अपार्टमेंट अग्निकांड से 128 मौतें, 79 घायल। 1948 के बाद...