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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के बीच 9 एनटीपीसी अधिकारी भारत लौटे: रामपाल प्रोजेक्ट पर संकट?

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमलों के बीच रामपाल थर्मल प्लांट से एनटीपीसी के 9 वरिष्ठ अधिकारी बिना बताए भारत लौट आए। खुफिया एजेंसियों ने विदेशी साजिश का अलर्ट दिया। चुनाव से पहले तनाव चरम पर। पूरी खबर।

भारत के 9 अधिकारी बांग्लादेश से फरार: सुंदरबन प्रोजेक्ट पर खतरा, यूनुस सरकार पर सवाल

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के बीच रामपाल प्रोजेक्ट से 9 एनटीपीसी अधिकारी भारत लौट आए

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बगरहाट के रामपाल थर्मल पावर प्लांट से नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के 9 वरिष्ठ भारतीय अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के शनिवार को प्रोजेक्ट साइट छोड़कर भारत लौट आए। प्लांट प्रबंधन को सुबह नाश्ते की जांच के दौरान उनकी अनुपस्थिति पता चली। बाद में पता चला कि वे भोमरा लैंड पोर्ट से भारत प्रवेश कर चुके थे। ये अधिकारी बांग्लादेश इंडिया फ्रेंडशिप पावर कंपनी लिमिटेड (बीआईएफपीसीएल) के तहत काम कर रहे थे।

भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार ये कदम बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के कारण उठाया गया। एक अधिकारी ने बताया, ‘रामपाल के खिलाफ लगातार एनजीओ नेटवर्क से समर्थित अभियान चल रहे हैं, जो पहले भी भारत समर्थित अन्य प्रोजेक्ट्स के खिलाफ सक्रिय रहे। ये सिर्फ पर्यावरणीय चिंता नहीं, बल्कि भारत विरोधी समन्वित कथा है।’ खुफिया इनपुट्स में बांग्लादेश में किसी भी अशांति के बढ़ने पर रामपाल संचालन बाधित होने का खतरा बताया गया। ‘सरकार अपने नागरिकों व डेपुटेशन कर्मियों को जोखिम नहीं लेना चाहती। रामपाल पर प्रतिद्वंद्वी शक्तियों की विदेशी एजेंसियों से भी धमकी थी।’

भारत ने पहले ही बांग्लादेश को नॉन-फैमिली पोस्टिंग घोषित कर दिया था। जनवरी में अधिकारियों के परिवार वालों को लौटने की सलाह दी गई। मिशन और पोस्ट अभी खुले हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी। ये फैसला 12 फरवरी 2026 को होने वाले राष्ट्रिय चुनावों से ठीक पहले आया जब बांग्लादेश में राजनीतिक व सांप्रदायिक तनाव चरम पर है। अवामी लीग प्रतिबंधित, हिंसा बढ़ रही।

रामपाल पावर प्रोजेक्ट का विवाद पुराना है। 1320 मेगावाट कोयला आधारित ये प्लांट सुंदरबन मैंग्रोव जंगल के करीब है। पर्यावरण कार्यकर्ता, नागरिक समूह व नेशनल कमिटी टू प्रोटेक्ट ऑयल गैस मिनरल्स पावर एंड पोर्ट्स ने प्रदर्शन किए। प्रदूषण, कोयला रिसाव व भूमि विस्थापन से नाजुक इकोसिस्टम को खतरा बताया। भारत-बांग्लादेश संयुक्त उद्यम 2013 से चल रहा, 2022 तक आंशिक चालू। लेकिन स्थानीय विरोध व अब सुरक्षा खतरे से संकट।

बांग्लादेश का आंतरिक संकट गहरा गया। शुक्रवार रात नरसिंदी में 25 साल के हिंदू चंचल भौमिक को गैरेज में सोते हुए जिंदा जला दिया। सीसीटीवी में संदिग्ध हरकतें। मानवाधिकार संगठनों ने अल्पसंख्यक हमलों में तेजी दर्ज की। अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में हिंसा बढ़ी। हसीना ने भारत में पहली रैली में यूनुस पर कानूनव्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. एनटीपीसी अधिकारी क्यों लौटे?
    हिंदू हमलों व रामपाल पर खतरे से। बिना बताए भोमरा से भारत।
  2. रामपाल प्रोजेक्ट क्या है?
    1320 MW कोयला प्लांट सुंदरबन के पास। भारत-बांग्लादेश जॉइंट। पर्यावरण विवाद।
  3. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले क्यों?
    यूनुस सरकार के बाद अल्पसंख्यक हिंसा तेज। चुनाव तनाव।
  4. भारत ने क्या कदम उठाया?
    नॉन-फैमिली पोस्टिंग। परिवार लौटाए। मिशन खुले।
  5. चुनाव कब?
    12 फरवरी 2026। अवामी लीग बैन। हिंसा चिंता।
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