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देशभर के 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को करीब 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का संवितरण

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केवीआईसी ने पीएमईजीपी के अंतर्गत देशभर के 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की।

पटना : खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत 17 जून को एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 11,480 सेवा क्षेत्र (Service Sector) के लाभार्थियों को करीब 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का संवितरण किया। यह संवितरण लगभग 906 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन नई दिल्ली स्थित राजघाट कार्यालय से सम्पन्न हुआ, जहां से केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने अपनी टीम के साथ ऑनलाइन माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में यह सब्सिडी स्थानांतरित की। कार्यक्रम में केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूप राशि सहित वरिष्ठ अधिकारी मुंबई से वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ का सपना साकार हो रहा है और पीएमईजीपी योजना उसका मजबूत स्तंभ बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन बन गई है जो लाखों युवाओं, महिलाओं और कारीगरों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है। गांव-गांव तक रोजगार और आत्मनिर्भरता के निर्माण में इस योजना की भूमिका निर्णायक रही है।

इस व्यापक संवितरण में देश के सभी छह अंचलों की सक्रिय भागीदारी रही। केंद्रीय जोन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड की कुल 2403 परियोजनाओं के लिए करीब 72 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई, जिनके लिए कुल 218 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। पूर्वी जोन में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की 996 परियोजनाओं को करीब 22 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जबकि ऋण स्वीकृति करीब 71 करोड़ रुपये रही।

उत्तर भारत के राज्यों– पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और केंद्र शासित चंडीगढ़ – के अंतर्गत कुल 2713 परियोजनाओं को करीब 61 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई और इन परियोजनाओं के लिए 184 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। पूर्वोत्तर क्षेत्र की 81 परियोजनाओं को करीब 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसमें असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल रहे।

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 4565 परियोजनाओं को शामिल करते हुए करीब 116 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई, जबकि इन परियोजनाओं के लिए 343 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया। पश्चिम जोन के महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा राज्यों की कुल 722 परियोजनाओं के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की गई, जो 82 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसके बदले लाभार्थियों को 27,166 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देशभर में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक बनाता है। यह कार्यक्रम न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को धरातल पर साकार करता है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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