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समाहरणालय परिसर में नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित

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नशामुक्त समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का लिया गया संकल्प

धनबाद । नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगाँठ के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय परिसर में नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर पदाधिकारियों और कर्मियों को यह शपथ दिलाई गई।

इस संक्षिप्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशामुक्त समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। एडीएम सप्लाई जियाउल अंसारी ने सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई।

शपथ संदेश में कहा गया कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा होते हैं और उनकी शक्ति का समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं का सर्वाधिक संख्या में जुड़ना आवश्यक है। सभी ने स्वयं को, परिवार को और समुदाय को नशामुक्त बनाने की प्रतिज्ञा ली, यह मानते हुए कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना है। इसके तहत आज सभी प्रोजेक्ट तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी शपथ दिलाई गई।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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