नितीश कुमार ने आज पटना के गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, साथ में दो डिप्टी सीएम भी बने।
नितीश कुमार के दसवें कार्यकाल की शुरुआत, NDA नेताओं ने दी बधाई
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नितीश कुमार ने गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री पद की रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ ली। उनके साथ सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित कई प्रमुख NDA नेताओं ने भाग लिया।
नितीश कुमार ने पहली बार 2000 में सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री पद संभाला था। 2005 के बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया और 2015 से उनका निरंतर कार्यकाल अभी भी कायम है। कुल मिलाकर, नितीश कुमार 19 वर्षों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिससे वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में शामिल हो गए हैं।
मुख्यमंत्री के रूप में नितीश कुमार को वेतन, डीए (महंगाई भत्ता, हर छह महीने में समायोजित होता है) और पूर्व सांसद व विधायक के रूप में पेंशन मिलेगी। शपथ ग्रहण के साथ-साथ यह चर्चा भी चल रही थी कि कई बार मुख्यमंत्री बनने से पेंशन कई गुना बढ़ेगी, लेकिन उन्हें एक बार ही पेंशन मिलेगी।
कांग्रेस ने नितीश कुमार को बधाई दी, वहीं पवन खेड़ा ने उम्मीद जताई कि नितीश कुमार इस बार ‘धोखा’ का शिकार नहीं होंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आशंका जताई कि बीजेपी उन्हें पांच साल तक मुख्यमंत्री नहीं रखेगी।
इस भव्य समारोह में NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। नितीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यपाल से नई सरकार के गठन का दावा पेश किया।
FAQs:
- नितीश कुमार कितनी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं?
उत्तर: अभी दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। - शपथ समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?
उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जे पी नड्डा समेत कई NDA नेता। - नितीश कुमार को कितने वर्षों का राजनीतिक अनुभव है?
उत्तर: वे 2000 से अब तक 19 वर्षों से अधिक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। - क्या उन्हें कई बार मुख्यमंत्री बनने पर कई पेंशन मिलेंगी?
उत्तर: नहीं, उन्हें एक ही बार पेंशन मिलेगी। - किसने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली?
उत्तर: सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा।
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