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उपायुक्त ने किया समाहरणालय परिसर में पौधारोपण

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आगंतुकों के लिए बन रहे सीटिंग एरिया, पार्क व पार्किंग का किया निरीक्षण

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में कई प्रकार के फलदार पौधे लगाए।

इसके बाद उपायुक्त ने समाहरणालय में आगंतुकों के लिए बन रहे पार्किंग, सिटिंग व वेटिंग एरिया एवं पार्क का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन बड़ी तादाद में आम लोग अपने विभिन्न कार्यों से समाहरणालय में आते हैं। आम जनों की सुविधा के लिए समाहरणालय के पूर्वी हिस्से में सिटिंग व वेटिंग एरिया तथा पार्क का निर्माण किया जा रहा है।

आम जनों के साथ पदाधिकारी, मीडिया कर्मी भी समाहरणालय आते हैं। अक्सर उनके वाहन खुले में खड़े रहते हैं। इसलिए चार पहिया और दुपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग शेड युक्त विशाल पार्किंग एरिया बनाया जा रहा है।

उपायुक्त ने जिला उद्यान पदाधिकारी को समाहरणालय के पूर्वी भाग में भी वृहद पैमाने पर पौधारोपण करने का निर्देश दिया।

इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला उद्यान पदाधिकारी जनार्दन शर्मा, शशि शेखर सिन्हा तथा समाहरणालय के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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