आंखें लाखों रंग कैसे देखती? Sunlight रिफ्लेक्ट, 3 कोन्स (रेड-ग्रीन-ब्लू) सिग्नल भेजें, ब्रेन इंटरप्रेट। सेब लाल, आकाश नीला कैसे? विज्ञान समझें।
लाल से बैंगनी तक:आंखें हर रंग कैसे पहचानती हैं?
Sunlight से रंग जन्म: बेसिक साइंस
सूर्य प्रकाश सफेद लगता लेकिन रेनबो के सभी रंगों का मिश्रण। वस्तु पर गिरे प्रकाश में कुछ रंग अवशोषित, कुछ परावर्तित। परावर्तित प्रकाश आंखों तक पहुंचे तो वस्तु का रंग दिखे। सेब लाल इसलिए क्योंकि वो लाल प्रकाश परावर्तित करता। आकाश नीला क्योंकि वायुमंडल नीला स्कैटर करता।
आंखों के कोन्स सेल्स: 3 रंग डिटेक्टर
रेटिना में 3 प्रकार कोन्स:
- रेड कोन्स: लंबी वेवलेंथ (लाल)
- ग्रीन कोन्स: मध्यम वेवलेंथ (हरा)
- ब्लू कोन्स: छोटी वेवलेंथ (नीला)
ये मिलकर लाखों शेड्स बनाते। पिंक फूल = रेड+ग्रीन मिक्स। वायलेट ग्रेप्स = ब्लू+रेड। कोन्स डिफेक्ट = कलर ब्लाइंडनेस।
ऑप्टिक नर्व से ब्रेन: कलर क्रिएशन
कोन्स सिग्नल ऑप्टिक नर्व से ब्रेन के विजुअल कॉर्टेक्स भेजें। ब्रेन इंटरप्रेट कर रंग बनाता। बिना ब्रेन सिर्फ लाइट, कोई कलर नहीं। घास हरी, इंद्रधनुष रंगीन ब्रेन की देन।
| कोन प्रकार | वेवलेंथ (nm) | मुख्य रंग |
|---|---|---|
| L-कोन्स | 564 | लाल |
| M-कोन्स | 534 | हरा |
| S-कोन्स | 420 | नीला |
रंगों का जीवन में महत्व
सुरक्षा: चटक रंग खतरे चेतावनी (आग, साइन बोर्ड)।
खान-पान: पके फल-सब्जियां पहचान।
भावनाएं: खुशी (पीला), शांत (नीला), उत्तेजना (लाल)।
क्रिएटिविटी: कम्युनिकेशन, लर्निंग, सेल्फ-एक्सप्रेशन।
(FAQs)
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