अमित शाह ने कहा मोदी सरकार ने नक्सलवाद, पूर्वोत्तर उग्रवाद और जेके आतंकवाद का स्थायी समाधान दिया। नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 125 से घटकर शून्य।
मोदी सरकार ने नक्सलवाद उखाड़ फेंका! पूर्वोत्तर-जेके में शांति कैसे लाई?
मोदी सरकार का ऐतिहासिक कमाल: नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और जेके का स्थायी समाधान
गृह मंत्री अमित शाह ने एक रैली में जोरदार तरीके से कहा कि मोदी सरकार ने नक्सलवाद, पूर्वोत्तर के उग्रवाद और जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का स्थायी समाधान दे दिया। 2014 में जहां नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 125 थी, वह आज शून्य हो गई। छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाकों में शांति है, जहां कभी गोली की आवाज गूंजती थी। शाह ने कहा कि यह विकास और सुरक्षा का मिश्रण है।
यह दावा खाली नहीं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से अब तक 10,000 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके। 2025 में नक्सली हिंसा की घटनाएं लगभग खत्म। पूर्वोत्तर में NSCN, ULFA जैसे गुटों ने शांति समझौते किए। जेके में आर्टिकल 370 हटने के बाद आतंकी घटनाएं 70 प्रतिशत गिरीं।
नक्सलवाद का सफाया: आंकड़े बोलते हैं
नक्सलवाद 1967 से चला आ रहा था। आंध्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा रेड कॉरिडोर थे। मोदी सरकार ने सिक्योरिटी फोर्सेस बढ़ाई, सड़कें बनाईं, स्कूल-हॉस्पिटल खोले। 2024 में छत्तीसगढ़ ने 1,000 किमी सड़कें बनाईं। अब नक्सली भटक रहे, सरेंडर कर रहे। बीजापुर, दंतेवाड़ा में ऑपरेशन सफल।
5 FAQs
- प्रश्न: नक्सल प्रभावित जिले कितने बचे?
उत्तर: शून्य। 2014 में 125 थे। - प्रश्न: पूर्वोत्तर में कितने समझौते हुए?
उत्तर: 20+। ULFA-NSCN सरेंडर। - प्रश्न: जेके में आतंकी घटनाएं कितनी घटीं?
उत्तर: 70%। टूरिस्ट 2 करोड़। - प्रश्न: मोदी सरकार की रणनीति क्या?
उत्तर: एलिमिनेशन, एनगेजमेंट, एम्पावरमेंट। - प्रश्न: सरेंडर कितने हुए?
उत्तर: 10,000+ नक्सली।
Leave a comment