Superbugs के खिलाफ भारत की नई रणनीति – नाफिथ्रोमाइसिन एंटीबायोटिक, ICMR सर्विलांस, NAP-AMR 2.0। 83% मरीजों में MDR बैक्टीरिया, समाधान और रोकथाम के तरीके जानें।
Superbugs संकट पर भारत की जीत: नाफिथ्रोमाइसिन और NAP-AMR 2.0 से नई उम्मीद
पिछले आर्टिकल में हमने भारत के बढ़ते Superbugs संकट को देखा – ESKAPE पाथोजन्स, ICMR के 2.67 लाख मौतें 2021 में। लेकिन अच्छी खबर ये है कि भारत अब लड़ रहा है। वोकहार्ट का स्वदेशी नाफिथ्रोमाइसिन (Miqnaf) MDR निमोनिया के खिलाफ गेम-चेंजर है – 30 साल और 500 करोड़ की मेहनत। CDSCO ने अप्रूव किया, लैंसेट में फेज-3 ट्रायल पब्लिश। 83% भारतीय मरीज MDR कैरी करते हैं (AIG हॉस्पिटल स्टडी)। NAP-AMR 2.0 (2025-29) लॉन्च, वन हेल्थ अप्रोच से सर्विलांस, स्टewardship और इनोवेशन। WHO की तरह, भारत अब नारकोटिक्स लेवल कंट्रोल ला रहा। रोज 15 मिनट जागरूकता से बदलाव आएगा। आयुर्वेदिक हर्ब्स जैसे नीम को भी इंटीग्रेट करें।
नाफिथ्रोमाइसिन: भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
नाफिथ्रोमाइसिन लैक्टोन-केटोलाइड क्लास का, स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया पर 10 गुना प्रभावी। 3-दिन कोर्स, एजिथ्रोमाइसिन से बेहतर। कैंसर, डायबिटीज मरीजों के लिए बेस्ट। जितेंद्र सिंह ने कहा, सेल्फ-रिलायंस में माइलस्टोन। लैंसेट eClinical में ट्रायल: US, यूरोप, भारत में सफल। साइड इफेक्ट्स कम, रिकवरी तेज। ICMR स्टडीज में CABP के 80% केस MDR। ये दवा रेसिस्टेंट स्ट्रेन्स को टारगेट करती। WHO ESKAPE में शामिल पाथोजन्स पर काम। भारत में लॉन्च FY25, सैकड़ों करोड़ मार्केट।
NAP-AMR 2.0: 6 प्राथमिकताओं वाला नेशनल प्लान
स्वास्थ्य मंत्री ने लॉन्च किया। प्राथमिकताएं:
- ICMR-AMRSN मजबूत, एनिमल-फूड-एनवायरनमेंट लिंक।
- AMS प्रोग्राम हॉस्पिटल्स में, प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट।
- जन जागरूकता: डॉक्टर्स, फार्मासिस्ट, किसानों के लिए।
- Schedule H1 सख्त, OTC क्रिटिकल एंटीबायोटिक्स बंद।
- स्वच्छ भारत, जल जीवन से IPC इंटीग्रेट।
- R&D: फेज थेरेपी, रैपिड डायग्नोस्टिक्स।
डाउनटूअर्थ रिपोर्ट: नारकोटिक्स जैसा डिजिटल ट्रैकिंग। eSanjeevani से लिंक। 2050 तक 40 मिलियन मौतें रोकें।
ICMR AMR सर्विलांस: आठवीं रिपोर्ट से नई डेटा
28 नवंबर 2025 को ICMR ने रिपोर्ट रिलीज। 83% मरीज MDRO कैरी। बच्चे <5 में मौतें घटीं, 70+ में 80% बढ़ीं (लैंसेट)। साउथ एशिया में 11.8 मिलियन मौतें 2025-50। ग्लोबल GLASS में भारत टॉप। चैलेंजेस: ओवरक्राउडिंग, पुअर सैनिटेशन, ओवर-प्रिस्क्राइबिंग। सॉल्यूशन: वैक्सीनेशन, क्लीन वॉटर। WAAW 2025 में नारकोटिक्स कंट्रोल पर फोकस।
वन हेल्थ अप्रोच: ह्यूमन-एनिमल-एनवायरनमेंट
AMR 80% एनिमल्स से आता। ग्रोथ प्रमोटर्स बैन। फार्मा वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट। फ्लेमिंग फंड, ग्लोबल AMR सर्विलांस से कोलैब। नीम, हल्दी जैसे आयुर्वेदिक वैकल्पिक। NIH स्टडीज में बैक्टीरियल वॉल टारगेटिंग दवाएं। टेक्सोबैक्टिन, ODLs जैसे ग्लोबल न्यूज। भारत में फेज थेरेपी ट्रायल।
प्रिवेंशन टिप्स: रोजमर्रा के उपाय
- एंटीबायोटिक्स डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन पर।
- कोर्स पूरा करें।
- हाथ धोएं, वैक्सीन लें।
- मीट अच्छे से पकाएं।
- फार्मा वेस्ट नाले में न डालें।
ICMR: सेल्फ-मेडिकेशन बंद। पब्लिक कैंपेन जरूरी।
AMR vs नई दवाओं कम्पैरिजन टेबल
| पैरामीटर | पुरानी दवाएं (एजिथ्रोमाइसिन) | नाफिथ्रोमाइसिन |
|---|---|---|
| MDR प्रभाव | 50-60% असफल | 90%+ सफल |
| ट्रीटमेंट समय | 5-7 दिन | 3 दिन |
| कॉस्ट | ₹200-500 | ₹500-1000 (अनुमान) |
| साइड इफेक्ट्स | ज्यादा | कम |
| उपलब्धता | OTC | प्रिस्क्रिप्शन |
भविष्य: इनोवेशन और चैलेंजेस
Wockhardt का Zaynich भी आ रहा। ग्लोबल: 39 मिलियन मौतें 2050 तक। भारत NAP से लीड करे। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप। आयुष मंत्रालय से इंटीग्रेशन।
5-6 FAQs
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