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सोनिया गांधी और राहुल पर दिल्ली पुलिस की FIR: नेशनल हेराल्ड घोटाले का पूरा सच क्या है?

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National Herald Controversy: Congress Calls It Fake, BJP Eyes 2000 Cr Assets
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नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल पर नई FIR दर्ज! दिल्ली पुलिस ने ED शिकायत पर कार्रवाई की। कांग्रेस ने मोदी-शाह पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया।

राहुल-सोनिया पर अपराधी साजिश का आरोप: नेशनल हेराल्ड केस में 2000 करोड़ की संपत्ति का खेल

नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल पर नई FIR, क्या है मोदी-शाह की ‘बदले की राजनीति’?

आजकल राजनीतिक गलियारों में नेशनल हेराल्ड केस फिर से गरमा गया है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। ये FIR ED की शिकायत पर 3 अक्टूबर 2025 को दर्ज हुई, जिसमें अपराधी साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस इसे पूरी तरह झूठा और बदले की राजनीति बता रही है, जबकि BJP चुप्पी साधे हुए है।

लेकिन सवाल ये है कि ये केस आखिर है क्या? कैसे एक पुराना अखबार का मामला इतना बड़ा घोटाला बन गया? चलिए समझते हैं पूरी कहानी को, तथ्यों के साथ। ये केस 2012 से चल रहा है, जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में शिकायत की थी। उनका दावा था कि सोनिया-राहुल ने अपनी प्राइवेट कंपनी यंग इंडियन के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को हथिया लिया, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर कंपनी है।

नेशनल हेराल्ड का इतिहास: स्वतंत्रता संग्राम से घोटाले तक

नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में हुई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इसे आजादी की लड़ाई के लिए लॉन्च किया था। AJL नाम की कंपनी बनी, जो कांग्रेस से जुड़ी रही। 1950-60 के दशक में सरकार ने AJL को दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसी जगहों पर जमीनें सस्ते दामों पर दीं, ताकि अखबार चल सके। कुल संपत्ति का वैल्यू आज 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।

लेकिन 2008 में अखबार बंद हो गया। AJL ने वाणिज्यिक इस्तेमाल शुरू कर दिया। कांग्रेस ने AJL को ब्याज रहित लोन दिया, करीब 90 करोड़ रुपये। फिर 2010 में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड बनी। इसमें सोनिया-राहुल की 38-38% हिस्सेदारी थी। बाकी मोतीलाल वोहरा और ओस्कर फर्नांडिस की। यंग इंडियन ने वो 90 करोड़ का लोन सिर्फ 50 लाख रुपये में ‘सेटल’ कर दिया। बदले में AJL ने अपनी 99% शेयर्स यंग इंडियन को दे दिए। यही तो सवाल है – 2000 करोड़ की कंपनी 50 लाख में कैसे?

ED का कहना है कि ये सब साजिश थी। कांग्रेस के नेताओं ने पोजीशन का दुरुपयोग किया। प्रॉपर्टीज को गलत तरीके से हथियाया। 2022 में सोनिया-राहुल से ED ने पूछताछ की। अप्रैल 2025 में ED ने चार्जशीट दाखिल की। अब दिल्ली कोर्ट 16 दिसंबर को फैसला लेगा।

नई FIR के आरोप: क्या-क्या लगाया गया?

दिल्ली पुलिस की ये FIR ED की शिकायत पर बनी। IPC की धारा 120B (क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी), 403 (ईमानदार मिसएप्रोप्रिएशन), 406 (क्रिमिनल ब्रेक ऑफ ट्रस्ट) और 420 (चीटिंग) लगाई गईं। आरोपी हैं – सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, AJL, यंग इंडियन और डॉटेक्स मर्चेंडाइज।

ED ने तीन और फ्रॉड बताए:

  • 2017-18 में यंग इंडियन को 18.12 करोड़ के फर्जी डोनेशन।
  • AJL को 9 कंपनियों से 38.41 करोड़ का फेक एडवांस रेंट।
  • 2017-21 के बीच 29.45 करोड़ का नकली एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू, ज्यादातर जन्मदिन मुबारकबाद वाले ऐड।
आरोप का प्रकारराशि (करोड़ रुपये में)विवरण
फर्जी डोनेशन18.12यंग इंडियन को टैक्स डिमांड चुकाने के नाम पर
फेक एडवांस रेंट38.419 कंपनियों से, कांग्रेस नेताओं के इशारे पर
नकली ऐड रेवेन्यू29.45बधाई संदेश वाले ऐड, बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं
कुल AJL टेकओवर2000+ (संपत्ति मूल्य)50 लाख में 99% शेयर्स

ये आंकड़े ED की जांच से आए हैं। पुलिस का कहना है कि ये PMLA की धारा 66(2) के तहत शेयर किए गए।

कांग्रेस का जवाब: ‘झूठा केस, बदले की राजनीति’

कांग्रेस कम्युनिकेशन इंचार्ज जयराम रमेश ने X पर पोस्ट किया – ‘मोदी-शाह जोड़ी अपनी उत्पीड़न, धमकी और बदले की शरारती राजनीति जारी रखे हुए है। जो धमकाते हैं, वो खुद डरे हुए हैं। नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह बोगस है। न्याय जीतेगा। सत्यमेव जयते।’

5 FAQs

  1. प्रश्न: नेशनल हेराल्ड केस में मुख्य आरोप क्या हैं?
    उत्तर: अपराधी साजिश से AJL की 2000 करोड़ संपत्ति को 50 लाख में हथियाना, फर्जी डोनेशन, रेंट और ऐड रेवेन्यू।
  2. प्रश्न: सोनिया-राहुल की यंग इंडियन में कितनी हिस्सेदारी थी?
    उत्तर: दोनों की 38-38% यानी कुल 76% शेयर्स।
  3. प्रश्न: कांग्रेस ने FIR पर क्या कहा?
    उत्तर: मोदी-शाह की बदले की शरारती राजनीति, पूरी तरह झूठा केस।
  4. प्रश्न: अगली सुनवाई कब है?
    उत्तर: 16 दिसंबर 2025 को दिल्ली कोर्ट में ED चार्जशीट पर cognisance का फैसला।
  5. प्रश्न: ED ने क्या कार्रवाई की?
    उत्तर: 661 करोड़ की प्रॉपर्टीज अटैच, सोनिया-राहुल से पूछताछ, अप्रैल 2025 में चार्जशीट।
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