MCD बायपोल से एक दिन पहले AAP के दो बार विधायक राजेश गुप्ता ने BJP जॉइन कर लिया। केजरीवाल पर ‘उपयोग-फेंक’ नीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा- कई लोग AAP छोड़ना चाहते हैं। जानें इस राजनीतिक ड्रामे की पूरी कहानी।
दो बार के AAP विधायक राजेश गुप्ता ने क्यों चुना BJP का दामन? अंदर की पूरी कहानी
आप विधायक राजेश गुप्ता का बीजेपी में शामिल होना दिल्ली की राजनीति में भूचाल ला रहा है। MCD यानी मुनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली के बायपोल से महज एक दिन पहले ये कदम उठाया गया। राजेश गुप्ता, जो दो बार विधायक रह चुके हैं, ने आम आदमी पार्टी को अलविदा कह दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया। दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सच्चदेवा की मौजूदगी में शनिवार को ये स्वागत हुआ। गुप्ता भावुक नजर आए और केजरीवाल पर सीधी चोट की। उन्होंने कहा कि पार्टी में काम करने वालों को ‘उपयोग करके फेंक’ दिया जाता है। ये घटना MCD के 12 वार्डों में हो रहे बायपोल को और रोमांचक बना रही है।
राजेश गुप्ता कौन हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा
राजेश गुप्ता दिल्ली की राजनीति में कोई नए चेहरे नहीं हैं। वे आम आदमी पार्टी के टिकट पर दो बार विधायक बने। पहले 2015 में और फिर 2020 में। वे संगठन में सालों से सक्रिय थे। लेकिन अब उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली। स्वागत समारोह में दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सच्चदेवा, विधायक राजकुमार भाटिया और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर मौजूद थे। सच्चदेवा ने गुप्ता को पार्टी शॉल ओढ़ाई। गुप्ता ने कहा कि वे लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहे थे। टिकट वितरण ने आखिरकार ये फैसला करा दिया। खासकर उस उम्मीदवार को टिकट मिलना, जिसे पहले ही पार्टी ने नोटिस दिया था।
केजरीवाल पर गुप्ता के गंभीर आरोप
गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल पर खुलकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कामगारों को महत्व नहीं देते। ‘उपयोग और फेंक’ ये उनकी नीति है। अन्ना आंदोलन के दिनों में नौकरी छोड़कर आए लोग आज उपेक्षित हैं। गुप्ता बोले- कई लोग AAP छोड़ना चाहते हैं। उन्हें सम्मान मिलने वाली पार्टी में जाना चाहिए। उन्होंने कई बड़े नामों का जिक्र किया जो पहले AAP से दूर हो चुके। एक-एक करके सब चले गए, अब मेरी बारी है। सच्चदेवा ने भी कहा कि गुप्ता जिम्मेदार प्रतिनिधि हैं। केजरीवाल ने उनके प्रयासों को नजरअंदाज किया।
MCD बायपोल का राजनीतिक महत्व
ये बायपोल दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की पहली बड़ी परीक्षा है। बीजेपी 27 साल बाद सत्ता में लौटी है। अब 12 वार्डों में वोटिंग हो रही। इनमें से 9 बीजेपी के पास पहले थे। बीजेपी ने 53 उम्मीदवार उतारे। AAP की कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश। गुप्ता का शामिल होना बीजेपी को मजबूती दे रहा। सच्चदेवा ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया पर दिल्ली को बर्बाद करने का आरोप लगाया। 12 साल AAP ने राज किया, दिल्ली खराब हालत में छोड़ी। अब बीजेपी संभाल रही। केजरीवाल पंजाब चले गए।
दिल्ली राजनीति में दल-बदल की बढ़ती प्रवृत्ति
पिछले कुछ सालों में दिल्ली में कई बड़े नेता बदले हैं। AAP से बीजेपी या कांग्रेस की ओर। गुप्ता का केस इसी चेन का हिस्सा। अन्ना आंदोलन के पुराने साथी आज बिखर चुके। कारण? टिकट, सम्मान और नीतिगत मतभेद। बीजेपी इसे AAP की कमजोरी बता रही। चुनाव से पहले ऐसे स्विच बड़ा संदेश देते। MCD बायपोल MCD का भविष्य तय करेगा। अगर बीजेपी जीती तो AAP पर दबाव बढ़ेगा।
राजेश गुप्ता के BJP जॉइन करने के मुख्य कारण (बुलेट पॉइंट्स में)
- लंबे समय से उपेक्षा का एहसास: संगठन में सालों काम, लेकिन सम्मान न मिलना।
- टिकट वितरण में धोखा: नोटिस वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता।
- ‘उपयोग-फेंक’ नीति: केजरीवाल पर कामगारों को फेंकने का आरोप।
- अन्ना आंदोलन के साथियों की अनदेखी: नौकरी छोड़ने वालों को भुला दिया।
- बीजेपी में सम्मान: सच्चदेवा ने जिम्मेदार नेता बताया।
MCD बायपोल: वार्ड-वार स्थिति की तुलना (टेबल)
| वार्ड संख्या | पहले की पार्टी | वर्तमान उम्मीदवार | महत्व |
|---|---|---|---|
| 1-3 | बीजेपी | बीजेपी | मजबूत पकड़ |
| 4-6 | AAP | बीजेपी | फतह की उम्मीद |
| 7-9 | बीजेपी | बीजेपी | बचाने की जंग |
| 10-12 | AAP/अन्य | बीजेपी | गुप्ता प्रभाव |
(नोट: ये अनुमानित डेटा है, आधिकारिक चुनाव आयोग साइट से चेक करें)
AAP की कमजोरी के संकेत
गुप्ता ने कहा- कई लोग जाना चाहते हैं। AAP में असंतोष बढ़ा। केजरीवाल दिल्ली छोड़ भागे। सिसोदिया जैसे नेता पंजाब फोकस। दिल्लीवासी परेशान। कचरा, सड़कें, पानी की समस्या। बीजेपी सरकार सुधार ला रही। बायपोल इसका टेस्ट। अगर हार हुई तो AAP का ग्राफ गिरेगा। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं- दल-बदल AAP को महंगा पड़ेगा।
दिल्ली बीजेपी की रणनीति
वीरेंद्र सच्चदेवा सक्रिय। नए सदस्यों का स्वागत। गुप्ता जैसे लोकल लीडर से फायदा। 53 कैंडिडेट्स मजबूत। पिछले 9 वार्ड बचाने का लक्ष्य। नए जीतने की प्लानिंग। केजरीवाल की अनुपस्थिति पर सवाल। ये बायपोल विधानसभा का ट्रेलर। बीजेपी जीत की हैट्रिक चाहती।
राजेश गुप्ता का बयान: पूरा विश्लेषण
गुप्ता भावुक थे। आंसू थे। उन्होंने कहा- केजरीवाल ने सबको छोड़ा। एक-एक करके चले। आज मैं भी। ये सिर्फ टिकट नहीं, सम्मान का सवाल। AAP अब लोगों की नहीं सोचती। अन्ना के पुराने सिपाही भटक रहे। बीजेपी में नया जीवन। सच्चदेवा ने कहा- दिल्ली को केजरीवाल ने बर्बाद किया। अब हम संवारेंगे।
MCD बायपोल के बाद का परिदृश्य
रविवार को वोटिंग। रिजल्ट सोमवार। अगर बीजेपी स्वीप तो AAP संकट। गुप्ता प्रभाव दिखेगा। अन्य MLA भी सोचें। दिल्ली राजनीति हॉट। बीजेपी मजबूत। AAP को आईना। वोटर फैसला करेंगे।
5 FAQs
- प्रश्न: राजेश गुप्ता ने AAP क्यों छोड़ी?
उत्तर: टिकट वितरण और ‘उपयोग-फेंक’ नीति से नाराज। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार। - प्रश्न: MCD बायपोल कब हो रहे हैं?
उत्तर: 1 दिसंबर 2025 को वोटिंग, 2 दिसंबर को रिजल्ट। 12 वार्ड शामिल। - प्रश्न: गुप्ता को किसने स्वागत किया बीजेपी में?
उत्तर: दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सच्चदेवा, राजकुमार भाटिया और प्रवीण शंकर कपूर। - प्रश्न: AAP में कितने लोग छोड़ना चाहते हैं?
उत्तर: गुप्ता के अनुसार कई। अन्ना आंदोलन के पुराने साथी असंतुष्ट। - प्रश्न: ये बायपोल का राजनीतिक महत्व क्या?
उत्तर: बीजेपी की पहली टेस्ट पावर वापसी के बाद। AAP की कमजोरी उजागर।
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