नेपाल में 4.1 तीव्रता का भूकंप सुबह 8:13 बजे आया, 5 किमी गहराई पर। हिमालयी प्लेट टकराव से खतरा। पिछले भूकंप, कारण, सुरक्षा टिप्स और भारत पर असर की पूरी जानकारी।
नेपाल भूकंप 4.1: हल्का लेकिन खतरनाक, 2015 जैसी तबाही का डर क्यों?
नेपाल में फिर भूकंप: 4.1 तीव्रता का झटका, हिमालय की चट्टानें क्यों बेचैन?
दोस्तों, रविवार सुबह नेपाल की धरती फिर कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक 4.1 तीव्रता का भूकंप 7 दिसंबर 2025 को सुबह 8:13 बजे आया। एपिसेंटर नेपाल में लट 29.59 N, लॉन्ग 80.83 E पर, सिर्फ 5 किमी गहराई। ये शैलो क्वेक ज्यादा खतरनाक होते क्योंकि ऊर्जा सतह तक तेज पहुंचती। कोई जानमाल की हानि नहीं, लेकिन डर का माहौल। भारत के उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास कंपन महसूस। पिछले हफ्ते 30 नवंबर को 4.2, 6 नवंबर को 3.6 का झटका। आखिर क्यों बार-बार? चलिए वैज्ञानिक कारण समझें।
नेपाल हिमालय का हिस्सा, जहां इंडियन और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। इंडियन प्लेट हर साल 4-5 cm उत्तर की ओर सरकती, सबडक्शन जोन बनाती। दबाव बढ़ता, अचानक रिलीज होता – भूकंप। USGS के मुताबिक नेपाल में सालाना 50+ क्वेक्स। 2015 का 7.8 रिक्टर ने 9,000 मार डाले, लाखों बेघर। आज का 4.1 हल्का लेकिन आफ्टरशॉक का खतरा।
हाल के भूकंप: आंकड़ों में नेपाल का सिस्मिक पैटर्न
2025 में नेपाल में भूकंपों का सिलसिला। यहां टेबल से देखें:
| तारीख | तीव्रता | गहराई (किमी) | लोकेशन | प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| 7 दिसंबर | 4.1 | 5 | नेपाल बॉर्डर | हल्का झटका, कोई नुकसान न |
| 30 नवंबर | 4.2 | 10 | फार-वेस्ट | शैलो, आफ्टरशॉक संभावना |
| 6 नवंबर | 3.6 | 10 | उत्तरी नेपाल | मामूली कंपन |
| अप्रैल 2015 | 7.8 | 15 | गोरखा | 9,000 मौतें, तबाही |
सोर्स: NCS, USGS डेटा।
5 FAQs
- आज नेपाल भूकंप कब-कहां आया?
7 दिसंबर सुबह 8:13, 4.1 तीव्रता, 5 किमी गहराई। - शैलो भूकंप क्यों खतरनाक?
ऊर्जा सतह तक तेज पहुंचती, ज्यादा शेकिंग। - नेपाल में भूकंप का मुख्य कारण?
इंडियन-यूरेशियन प्लेट टक्कर। - भारत में असर?
उत्तराखंड-UP बॉर्डर पर कंपन, अलर्ट जारी। - सुरक्षा टिप्स?
ड्रॉप-कवर-होल्ड, मजबूत जगह छिपें।
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