Home झारखण्ड खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए धान अधिप्राप्ति की आधिकारिक घोषणा, MSP ₹2450 प्रति क्विंटल।
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खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए धान अधिप्राप्ति की आधिकारिक घोषणा, MSP ₹2450 प्रति क्विंटल।

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चतरा : झारखण्ड सरकार द्वारा खरीफ विपणन सत्र (KMS) 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। किसानों के हितों की रक्षा एवं उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2450 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
धान अधिप्राप्ति का कार्य 15 दिसम्बर 2025 से प्रारम्भ होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो किसान अब तक निबंधित नहीं हैं, वे अविलम्ब ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना निबंधन सुनिश्चित करें। किसानों की सुविधा के लिए ई-उपार्जन मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से किसान स्वयं पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग तथा भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन निबंधन हेतु किसान https://uparjan.jharkhand.gov.in पर जा सकते हैं, वहीं प्रज्ञा केन्द्रों पर भी प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी क्रय केन्द्रों पर 4G सक्षम ई-पॉस मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से धान क्रय किया जाएगा। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी रोक लगेगी।

इस वर्ष चतरा जिले में कुल 33 धान अधिप्राप्ति केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 28 पैक्स एवं 05 एफपीओ शामिल हैं। सभी केन्द्रों पर निर्धारित मापदंडों के अनुरूप धान अधिप्राप्ति की जाएगी। किसानों को ₹2450 प्रति क्विंटल की दर से धान का एकमुश्त भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा। निबंधित किसान 16 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 200 क्विंटल तक धान की बिक्री कर सकेंगे।

इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का पूरा और समय पर मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धान अधिप्राप्ति की समस्त प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और किसान हितैषी बनाया गया है। सभी किसानों से अपील है कि वे समय रहते ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधन कराएं और अपना धान सीधे सरकारी अधिप्राप्ति केन्द्रों पर ही बेचें, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सके तथा बिचौलियों से बचाव हो सके।

किसानों की सुविधा के लिए किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता हेतु टोल-फ्री हेल्पलाइन 1967 अथवा 18002125512 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी-सह-जिला प्रबंधक, झारखण्ड राज्य खाद्य निगम, चतरा एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी, चतरा कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अपना धान सीधे सरकारी अधिप्राप्ति केन्द्रों पर बेचें, बिचौलियों से बचें तथा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकतम लाभ लें।

धान अधिप्राप्ति से जुड़े कर्मियों को दिया गया हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण

खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति कार्य को सुचारु, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में एक दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में धान अधिप्राप्ति केन्द्रों के प्रतिनिधि, ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता (VLW), मार्केटिंग ऑफिसर (MO), प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCO) एवं ई-पॉस इंजीनियरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ई-उपार्जन पोर्टल, ई-पॉस मशीन संचालन, बायोमेट्रिक सत्यापन, धान तौल एवं ऑनलाइन प्रविष्टि, स्लॉट बुकिंग, भुगतान प्रक्रिया तथा तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। ई-पॉस इंजीनियरों द्वारा मशीन संचालन का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी धान अधिप्राप्ति केन्द्रों पर निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन किया जाए तथा किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशिक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि खरीफ विपणन सत्र के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं किसान हितैषी तरीके से संपन्न हो।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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