गोवा CM प्रमोद सावंत ने तीसरे जिले का नाम ‘कुशावती’ रखा। साउथ गोवा के 4 तालुकों – धरबंदोरा, क्वेपेम, सांगुएम, कनाकोना से बनेगा। 27% आदिवासी आबादी वाला एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट, क्वेपेम HQ। केंद्र से 15 करोड़ फंड्स।
गोवा में तीसरा जिला कुशावती: क्वेपेम हेडक्वार्टर, साउथ गोवा से अलग होकर विकास की नई राह!
गोवा को मिला तीसरा जिला ‘कुशावती’: CM प्रमोद सावंत का ऐतिहासिक फैसला
31 दिसंबर 2025 को गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने घोषणा की कि राज्य का तीसरा जिला ‘कुशावती’ नाम से बनेगा। यह नाम प्राचीन कुशावती नदी के नाम पर रखा गया है, जो इन इलाकों से होकर बहती है। वर्तमान में गोवा में सिर्फ दो जिले हैं – नॉर्थ गोवा और साउथ गोवा। नया जिला साउथ गोवा के चार तालुकों – धरबंदोरा, क्वेपेम, सांगुएम और कनाकोना से बनेगा। यह कदम राज्य के बैलेंस्ड डेवलपमेंट और बेहतर गवर्नेंस के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशावती को देश का एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट बनाया जाएगा। इससे केंद्र से अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये मिलेंगे। जिले में 27 प्रतिशत आदिवासी आबादी है, इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्पेशल फोकस। क्वेपेम शहर मुख्यालय बनेगा, जहां से कनाकोना और धरबंदोरा जैसे दूर इलाकों को स्पेशल बस सर्विस कनेक्ट करेगा। शुरुआत में साउथ गोवा कलेक्टर ही नया जिला संभालेगा।
कुशावती जिले का गठन कैसे हुआ?
गोवा कैबिनेट ने जुलाई 2025 में प्रस्ताव पास किया। नवंबर 2023 में चीफ सेक्रेटरी की अगुआई में 7 सदस्यीय कमिटी बनी, जिसने पॉपुलेशन, इकोनॉमी, इंफ्रा, पब्लिक ओपिनियन चेक किया। कमिटी ने सिफारिश की कि नया जिला पिछड़े तालुकों के विकास को बूस्ट देगा। 30 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद। तीसरी जिला पंचायत भी आज ही नोटिफाई हो गई।
शुरुआती व्यवस्था:
- एडमिन साउथ गोवा से चलेगा।
- फुल-टाइम कलेक्टर बाद में।
- क्वेपेम HQ: बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित।
लॉन्ग टर्म बेनिफिट्स: वेलफेयर स्कीम्स का लास्ट-माइल डिलीवरी, लोकल पार्टिसिपेशन बढ़ेगा।
कुशावती नदी: नाम का ऐतिहासिक महत्व
CM सावंत ने बताया कि कुशावती गोवा की प्राचीन नदी है, जो राज्य की कल्चरल हेरिटेज का प्रतीक। चालुक्य काल में गोवा आधुनिक था। नदी किनारे उसगलीमल रॉक एंग्रेविंग्स हैं – ग्लोबल टूरिस्ट अट्रैक्शन। नदी चारों तालुकों से होकर गुजरती, पूरा जिला कवर करती। यह नाम गोवा की जियोग्राफिकल आइडेंटिटी को दर्शाता।
नया जिले की भूगोल और जनसांख्यिकी
कुशावती साउथ गोवा के पूर्वी-साउथ पार्ट्स को कवर करेगा। तालुका:
- क्वेपेम: HQ, इंडस्ट्रियल हब।
- सांगुएम: माइनिंग, फॉरेस्ट्स।
- धरबंदोरा: ग्रामीण, ट्राइबल।
- कनाकोना: बीचेस, टूरिज्म (पालोलेम, अगोंडा)।
गांव: कुरचोरें, रिवोना, कोलेम, मोलेम, कोटिगाओ आदि। 27% ट्राइबल पॉपुलेशन – गावड़ा, वेलिप, धंगार। कुल एरिया ~1000 sq km अनुमानित।
गोवा के जिले: पहले vs अब
| विशेषता | नॉर्थ गोवा | साउथ गोवा (पुराना) | कुशावती (नया) |
|---|---|---|---|
| तालुके | 6 (पणजी, बिचोलिम आदि) | 6 (मोडा, क्वेपेम आदि) | 4 (क्वेपेम, सांगुएम आदि) |
| मुख्यालय | पणजी | मार्गाव | क्वेपेम |
| फोकस | टूरिज्म, अर्बन | माइनिंग, एग्री | ट्राइबल डेवलप, एस्पिरेशनल |
| आबादी % ट्राइबल | कम | मध्यम | 27% |
एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट स्टेटस: फंडिंग बूस्ट
NITI आयोग के तहत एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स को हेल्थ, एजुकेशन, इंफ्रा पर स्पेशल फंड्स। गोवा सरकार केंद्र से 15 करोड़ + रिक्वेस्ट करेगी। ट्राइबल्स के लिए स्कॉलरशिप, हाउसिंग, स्किलिंग प्रोग्राम्स। जिला पंचायत से ग्रामीण विकास तेज।
आदिवासी आबादी को फायदा
27% ट्राइबल्स: गावड़ा कम्युनिटी सबसे बड़ी। पिछड़े इलाकों में सड़क, स्कूल, हॉस्पिटल्स की कमी। नया जिला लोकल गवर्नेंस सुधारेगा। CM: “तीसरा जिला पंचायत से विलेज-सेंट्रिक डेवलपमेंट।” 2037 तक सेल्फ-रिलायंट गोवा का लक्ष्य।
राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव
- बेहतर एडमिन: दूर इलाकों में सर्विस डिलीवरी तेज।
- सेंट्रल स्कीम्स: PMAY, PMGSY आसान।
- टूरिज्म-माइनिंग बैलेंस: कनाकोना बीचेस, सांगुएम मिनरल्स।
- BJP सरकार का मास्टरस्ट्रोक: डेवलपमेंट नैरेटिव।
कमिटी रिपोर्ट: पॉपुलेशन बढ़ोतरी, बैकवर्ड तालुक डेवलपमेंट जरूरी।
भविष्य की योजनाएं
- इंफ्रा: कलेक्टरेट, कोर्ट, हॉस्पिटल बिल्डिंग।
- ट्रांसपोर्ट: क्वेपेम से स्पेशल बस।
- ट्राइबल वेलफेयर: 15 करोड़ से प्रोजेक्ट्स।
नोटिफिकेशन जल्द, फुल ऑपरेशन 6-12 महीने में। कुशावती गोवा के साउथ-ईस्ट को नई पहचान देगा।
5 FAQs
- गोवा का तीसरा जिला कौन सा है और क्यों नाम कुशावती?
कुशावती – प्राचीन नदी के नाम पर, जो चार तालुकों से होकर बहती और गोवा की कल्चरल हेरिटेज का प्रतीक। - कुशावती जिले में कौन-कौन तालुके शामिल?
धरबंदोरा, क्वेपेम, सांगुएम, कनाकोना – सब साउथ गोवा से। - मुख्यालय कहां और शुरुआती एडमिन कैसे?
क्वेपेम मुख्यालय। साउथ गोवा कलेक्टर संभालेगा, बस सर्विस कनेक्टिविटी। - एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट का क्या फायदा?
केंद्र से 15 करोड़ अतिरिक्त फंड्स इंफ्रा, ट्राइबल वेलफेयर के लिए। - कब होगा नोटिफिकेशन और फुल स्टेटस?
जल्द जारी, इंफ्रा बनने पर फुल ऑपरेशनल (6-12 महीने)।
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