कानपुर के सचेन्दी में 14 साल की नाबालिग को पत्रकार शिवबरन यादव और SI अमित मौर्य ने SUV में 2 घंटे गैंगरेप किया। पत्रकार गिरफ्तार, SI फरार। पुलिस ने DCP दिनेश त्रिपाठी हटाए, SHO विक्रम सिंह सस्पेंड। परिवार ने ढिलाई का आरोप।
14 साल की लड़की का अपहरण-रेप: पुलिस यूनिफॉर्म पहने आरोपी SUV में ले गए, परिवार ने लगाए ढिलाई के आरोप
कानपुर का सचेन्दी रेप केस: पत्रकार गिरफ्तार, कांस्टेबल फरार, पुलिस ने बड़े अफसर हटाए
कानपुर के सचेन्दी इलाके में 5 जनवरी की रात को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 14 साल की नाबालिग लड़की को स्थानीय पत्रकार शिवबरन यादव और पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) अमित मौर्य ने SUV में अगवा कर लिया। रेलवे ट्रैक के पास सुनसान जगह पर 2 घंटे तक गैंगरेप किया और बेहोश हालत में उसके घर के बाहर फेंक दिया। पत्रकार को हिरासत में ले लिया गया, SI फरार। पुलिस ने DCP (West) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटा दिया और SHO विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया।
घटना का पूरा विवरण
पीड़िता कक्षा 7 की ड्रॉपआउट है। सोमवार रात करीब 10 बजे घर से बाहर निकली तो SUV में सवार दो लोग आए। एक पुलिस यूनिफॉर्म में था। लड़की को जबरन कार में बिठाया और सचेन्दी के पास रेलवे ट्रैक वाली सुनसान जगह ले गए। वहां अंदर ही 2 घंटे तक गैंगरेप किया। रात 12 बजे के करीब बेहोश हालत में घर के बाहर छोड़ भागे।
पीड़िता का भाई बाहर बेहोश मिली तो 112 पर कॉल की, लेकिन लोकल पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परिवार का आरोप कि जब पुलिस को बताया कि एक आरोपी पुलिसवाला है, तो थाने से भगा दिया। मंगलवार को सीनियर अफसरों से शिकायत पर FIR दर्ज हुई।
पुलिस कार्रवाई और अपडेट्स
– FIR पहले अनजान लोगों पर किडनैप, गैंगरेप और POCSO एक्ट के तहत।
– जांच में पत्रकार शिवबरन यादव (YouTuber भी) और SI अमित मौर्य का नाम सामने। शिवबरन हिरासत में, पूछताछ जारी।
– अमित मौर्य (भिंमसेन आउटपोस्ट का पूर्व इंचार्ज) फरार, 4 टीमें तलाश में। उसकी SUV जब्त।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि पूरी पारदर्शिता से जांच हो रही। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज। POCSO के अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा रही।
पुलिस पर ढिलाई के आरोप, बड़े एक्शन
पीड़िता के परिवार ने कहा कि नाम पहले FIR में नहीं डाले गए, पुलिस ने ढकी। कमिश्नर ने:
– DCP (West) दिनेश चंद्र त्रिपाठी हटाए।
– SHO सचेन्दी विक्रम सिंह सस्पेंड (POCSO न लगाने, फैक्ट्स तोड़ने पर)।
– नया SHO दीना नाथ मिश्रा, ADCP (West) कपिल देव सिंह जांच।
अमित मौर्य का बैकग्राउंड
मौर्य भिंमसेन थाने का इंचार्ज था, 3 जनवरी को ट्रांसफर हो गया था। घटना के समय सचेन्दी में था। परिवार का आरोप कि SUV उसकी ही थी, पीड़िता ने फोटो पहचानी।
| अधिकारी/आरोपी | स्टेटस | एक्शन |
|---|---|---|
| पत्रकार शिवबरन यादव | हिरासत में, पूछताछ | गिरफ्तारी जल्द |
| SI अमित मौर्य | फरार | 4 टीमें, सस्पेंड |
| DCP दिनेश त्रिपाठी | हटाए गए | – |
| SHO विक्रम सिंह | सस्पेंड | – |
परिवार के आरोप और पुलिस ढिलाई
भाई ने कहा कि 112 कॉल पर कोई रिस्पॉन्स नहीं, थाने से भगाया। FIR मंगलवार को सीनियर अफसरों से मिलने पर। मोबाइल जब्त कर घर लौटने से रोका। कमिश्नर ने पारदर्शिता का वादा किया।
कानपुर पुलिस का बयान
DCP (West) दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि FIR अनजान पर, जांच में नाम आए। पत्रकार पूछताछ में। कमिश्नर रघुबीर लाल: “अरेस्ट जल्द, पारदर्शी जांच।” मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार।
मामले का सामाजिक असर
UP में नाबालिग रेप केसों में पुलिस इन्वॉल्वमेंट से गुस्सा। POCSO एक्ट सख्ती से लागू। परिवार ने न्याय की मांग।
कानून और सजा
– POCSO एक्ट: 10 साल से आजीवन कारावास।
– IPC 376D: गैंगरेप पर 20 साल से मौत।
– किडनैपिंग धाराएं।
5 FAQs
- कानपुर सचेन्दी रेप केस में आरोपी कौन हैं?
पत्रकार शिवबरन यादव (गिरफ्तार) और SI अमित मौर्य (फरार)। - घटना कैसे हुई?
5 जनवरी रात 10 बजे SUV से अगवा, रेलवे ट्रैक के पास 2 घंटे गैंगरेप, बेहोश छोड़ भागे। - पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
FIR POCSO के तहत, पत्रकार हिरासत में, SI पर 4 टीमें। DCP हटाया, SHO सस्पेंड। - परिवार का आरोप क्या है?
112 पर कोई रिस्पॉन्स नहीं, थाने से भगाया क्योंकि आरोपी पुलिसवाला था। - जांच का स्टेटस?
मेडिकल, मजिस्ट्रेट बयान। पारदर्शिता का दावा।
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