केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वाहन-से-वाहन (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी 2026 अंत तक पूरे देश में लागू होगी। यह ब्लाइंड स्पॉट, कोहरा और पार्क्ड वाहनों से दुर्घटनाएं 80% कम करेगी। OBU की कीमत ₹5-7K, 30MHz फ्री स्पेक्ट्रम।
केंद्रीय मंत्री गडकरी: V2V टेक 2026 तक अनिवार्य, कैशलेस ट्रीटमेंट ₹1.5L तक, नए नियम
V2V टेक्नोलॉजी: कारें आपस में बात करेंगी, दुर्घटनाएं 80% कम – 2026 तक रोलआउट
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वाहन-से-वाहन (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी 2026 के अंत तक पूरे भारत में लागू हो जाएगी। यह सिस्टम रियर-एंड कोलिजन, कोहरे से चेन रिएक्शन और पार्क्ड वाहनों से टक्कर जैसी दुर्घटनाओं को 80% तक कम करेगा। राज्य परिवहन मंत्रियों की बैठक के बाद गडकरी ने यह जानकारी दी।
V2V कैसे काम करेगा?
हर वाहन में On Board Unit (OBU) लगेगा, जो स्पीड, लोकेशन, एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग जैसी जानकारी वायरलेस तरीके से पास के वाहनों को भेजेगा। मोबाइल नेटवर्क की जरूरत नहीं। उदाहरण: अगर कोई कार अचानक ब्रेक लगाए, तो आसपास के वाहनों को अलर्ट मिलेगा और ड्राइवर विजुअली देखने से पहले ही गाड़ी धीमी हो जाएगी।
यह खासतौर पर कम विजिबिलिटी (कोहरा, बारिश) में कारगर। ब्लाइंड स्पॉट्स में वाहनों को डिटेक्ट करेगा। अधिकारियों का अनुमान: 80% क्रैश रिडक्शन संभव।
कीमत, स्टैंडर्ड्स और स्पेक्ट्रम
– OBU की लागत: ₹5,000-7,000 प्रति वाहन।
– शुरू में नई गाड़ियों में अनिवार्य, बाद में पुरानी में रेट्रोफिटिंग।
– DoT ने 5.875-5.905 GHz में 30MHz स्पेक्ट्रम मंजूर किया, मैन्युफैक्चरर्स के लिए फ्री।
– कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट: ₹5,000 करोड़।
स्टैंडर्ड्स वाहन निर्माताओं से सलाह लेकर फाइनल हो रहे, नोटिफिकेशन जल्द।
भारत में रोड सेफ्टी का संकट
भारत में रोड एक्सीडेंट की संख्या दुनिया में सबसे ऊंची। कोहरा से हाईवे पर चेन कोलिजन और पार्क्ड ट्रक से टक्कर आम। V2V सेंसर-बेस्ड ADAS से अलग है, क्योंकि यह डायरेक्ट वाहन-कम्युनिकेशन पर काम करता है। दुनिया में कुछ ही देशों में लागू।
| दुर्घटना प्रकार | V2V से लाभ | अनुमानित कमी |
|---|---|---|
| रियर-एंड कोलिजन | ब्रेकिंग अलर्ट | 80% |
| कोहरा पाइल-अप | विजिबिलिटी से पहले वार्निंग | 70-80% |
| ब्लाइंड स्पॉट | लोकेशन शेयरिंग | 80% |
| पार्क्ड वाहन हिट | स्टेशनरी अलर्ट | 75% |
अन्य रोड सेफ्टी कदम
- कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम
रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स के लिए ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज (7 दिन तक)। पायलट में 6 राज्यों में 6,833 क्लेम, ₹73.88 लाख वितरित। जल्द पूरे देश में लॉन्च। - नए नियम
– बार-बार वायलेशन पर इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ाना, ड्राइविंग लाइसेंस वैलिडिटी कम करना।
– बस बॉडी डिजाइन में बदलाव।
– मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन।
V2V का भविष्य: चुनौतियां और फायदे
फायदे:
– सस्ता (₹5-7K OBU)।
– फ्री स्पेक्ट्रम।
– सभी वाहनों (दो-पहिया से भारी वाहन) में संभव।
चुनौतियां:
– पुरानी गाड़ियों में रेट्रोफिट।
– निर्माताओं का अनुपालन।
– ग्रामीण इलाकों में कवरेज।
गडकरी का विजन: “रोड सेफ्टी टेक्नोलॉजी से”।
5 FAQs
- V2V क्या है?
वाहन-से-वाहन कम्युनिकेशन, जहां कारें स्पीड, ब्रेकिंग आदि शेयर कर अलर्ट भेजेंगी, बिना मोबाइल नेटवर्क। - कब लागू होगा?
2026 अंत तक, पहले नई गाड़ियां, फिर रेट्रोफिटिंग। - OBU की कीमत?
₹5,000-7,000 प्रति वाहन। - स्पेक्ट्रम?
DoT ने 30MHz (5.875-5.905 GHz) फ्री दिया। - फायदे?
रियर-एंड, कोहरा, ब्लाइंड स्पॉट क्रैश 80% कम।
- cashless treatment road accident victims ₹1.5 lakh
- DoT 30MHz spectrum 5.9GHz V2V
- India road accidents reduction 80%
- Motor Vehicles Act amendments
- Nitin Gadkari V2V alerts road safety
- V2V communication technology India rollout 2026
- V2V for fog blind spots rear-end crashes
- vehicle-to-vehicle OBU cost ₹5000-7000
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