कोलकाता हाईकोर्ट में ईडी-टीएमसी के आई-पैक छापे पर सुनवाई के दौरान हंगामा मच गया। जस्टिस सुव्रा घोष ने कोर्ट छोड़ दिया, मामला 14 जनवरी को टाला। ममता पर सबूत छीनने का आरोप, टीएमसी बोली चुनावी डेटा चुराया गया।
कोयला घोटाला: टीएमसी ने कहा ईडी ने चुनावी डेटा चुराया, ईडी बोली ममता ने जांच रोकी – हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित
ईडी छापे से शुरू हुई राजनीतिक जंग
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। 8 जनवरी को कोलकाता में आई-पैक (Indian Political Action Committee) के दफ्तर और उसके चीफ प्रतीक जैन के आवास पर ईडी ने धूम्रावली अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत छापे मारे। ये छापे 2020 के कोयला तस्करी मामले से जुड़े हैं, जिसमें पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड क्षेत्रों से कोयला चोरी और हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे सफेद करने का आरोप है।
छापे के दौरान ड्रामा तब शुरू हुआ जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं। जैन के आवास से वे हरी फोल्डर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज (लैपटॉप, फोन) लेकर बाहर निकलीं। आई-पैक दफ्तर पर भी टीएमसी कार्यकर्ताओं और कोलकाता पुलिस के साथ पहुंचीं। ईडी ने आरोप लगाया कि ममता ने सबूत छीन लिए और जांच में बाधा डाली।
कोलकाता हाईकोर्ट में हंगामा क्यों मचा?
9 जनवरी को जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच के सामने ईडी और टीएमसी दोनों के याचिकाओं की सुनवाई होनी थी। ईडी ने ममता पर FIR दर्ज करने की मांग की, जबकि टीएमसी ने छापे में जब्त चुनावी डेटा (2026 विधानसभा चुनाव की रणनीति, वोटर लिस्ट, कैंडिडेट लिस्ट) के दुरुपयोग पर रोक लगाने की गुहार लगाई।
कोर्टरूम में हंगामा इतना बढ़ गया कि जज को कोर्ट छोड़ना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केस से जुड़े न होने वाले वकीनों ने भीड़ लगाई, धक्कमुक्की हुई। जस्टिस घोष ने चेतावनी दी कि केस से असंबंधित लोग 5 मिनट में बाहर न जाएं तो सुनवाई नहीं होगी। लेकिन भगदड़ मच गई, जिससे हियरिंग 14 जनवरी तक टल गई।
ईडी के आरोप: ममता ने जांच रोकी
ईडी ने कोलकाता हाईकोर्ट में पिटीशन दाखिल कर कहा कि ममता ने प्रतीक जैन के घर में घुसकर फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस छीन लिए। आई-पैक दफ्तर से भी टीएमसी कार्यकर्ताओं और राज्य पुलिस ने फाइलें हटा लीं। यह सबूत नष्ट करने और जांच में बाधा डालने का केस है।
ईडी का कहना है कि छापे कानूनी थे, कोयला चोरी के मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े। मनी ट्रेल आई-पैक तक पहुंची, जो टीएमसी से जुड़ी है। पार्टी कार्यालय पर छापा नहीं पड़ा, सिर्फ प्रॉसीड्स ऑफ क्राइम की जांच चल रही।
टीएमसी का काउंटर: चुनावी डेटा चोरी का षड्यंत्र
टीएमसी ने पिटीशन में कहा कि जब्त मटेरियल में 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव की गोपनीय रणनीति, कैंडिडेट लिस्ट, वोटर डेटा, कैंपेन प्लानिंग है। ये कोयला केस से बिल्कुल असंबंधित हैं। ईडी ने जानबूझकर चुनावी तैयारी बिगाड़ने के लिए ये छापे मारे।
ममता ने कहा कि प्रतीक जैन टीएमसी कार्यकर्ता हैं, ईडी ने पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेज चुराए। कोलकाता पुलिस ने ईडी पर दो FIR दर्ज कीं। टीएमसी ने पूरे बंगाल में बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
कोयला घोटाला का बैकग्राउंड
यह छापे 2020 के सीबीआई FIR से निकले हैं, जिसमें पूर्वी कोलफील्ड्स के इलाकों से कोयला चोरी का आरोप है। ईडी का दावा है कि करोड़ों का माल हवाला से सफेद किया गया, मनी ट्रेल आई-पैक तक पहुंची। आई-पैक 2019 लोकसभा चुनाव के बाद टीएमसी से जुड़ी रही।
कोलकाता कोर्ट में हंगामा: क्या-क्या हुआ?
| घटना | विवरण |
|---|---|
| हंगामा का कारण | केस से असंबंधित वकीनों की भीड़, धक्कमुक्की |
| जज का फैसला | जस्टिस सुव्रा घोष ने चेतावनी दी, फिर कोर्ट छोड़ दिया |
| अगली सुनवाई | 14 जनवरी को |
| ईडी की मांग | ममता पर FIR |
| टीएमसी की मांग | जब्त डेटा के दुरुपयोग पर रोक |
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी ने ममता पर हमला बोला। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता ने पहले भी जांच रोकी। बीजेपी प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी भ्रष्टाचार से जुड़ी है।
टीएमसी ने इसे बीजेपी का चुनावी षड्यंत्र बताया। ममता ने हर ब्लॉक में विरोध मार्च की घोषणा की। कोलकाता पुलिस ने ईडी पर FIR दर्ज की।
आगे क्या हो सकता है?
14 जनवरी की सुनवाई में हाईकोर्ट ईडी की FIR मांग और टीएमसी की डेटा प्रोटेक्शन गुहार पर फैसला ले सकता है। अगर कोर्ट ईडी को हरी झंडी दे तो ममता पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। टीएमसी चुनावी डेटा सुरक्षित रखने के लिए और याचिकाएं दाखिल कर सकती है।
यह केस 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा। कोयला घोटाले की जांच तेज हो सकती है।
5 (FAQs)
- सवाल: ईडी ने आई-पैक पर छापे क्यों मारे?
जवाब: कोयला तस्करी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच। मनी ट्रेल आई-पैक तक पहुंची। - सवाल: ममता ने छापे में क्या किया?
जवाब: जैन के घर से फाइलें, लैपटॉप, फोन लेकर निकलीं। ईडी ने सबूत छीनने का आरोप लगाया। - सवाल: कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई क्यों टली?
जवाब: कोर्टरूम में हंगामा, धक्कमुक्की। जस्टिस सुव्रा घोष ने कोर्ट छोड़ दिया, अगली तारीख 14 जनवरी। - सवाल: टीएमसी ने कोर्ट में क्या मांगा?
जवाब: जब्त चुनावी डेटा (2026 चुनाव रणनीति) के दुरुपयोग पर रोक। कहा कोयला केस से कोई लेना-देना नहीं। - सवाल: ईडी ने ममता पर क्या आरोप लगाया?
जवाब: जांच में बाधा डाली, सबूत नष्ट किए। FIR दर्ज करने की मांग।
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