हिमाचल के सिरमौर में शिमला-कुपवी बस 500 फुट खाई में गिरी। 14 की मौत, 52 घायल। हरिपुरधार के पास ठंडी फिसलन से हादसा, लोकल्स ने रेस्क्यू किया। PM ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता घोषित की।
हिमाचल ट्रेजेडी: शिमला-कुपवी बस हरिपुरधार खाई में गिरी, मौत का आंकड़ा 14 पहुंचा, PM ने दी 2 लाख सहायता
हिमाचल बस हादसे का पूरा विवरण
सिरमौर जिले के हरिपुरधार गांव के पास शुक्रवार दोपहर एक प्राइवेट बस सड़क से फिसलकर 500 फुट गहरी खाई में गिर गई। बस शिमला से कुपवी जा रही थी, जिसमें 40 से 52 यात्री सवार थे। हादसे में बस उल्टी होकर खाई तल में जा गिरी, जिससे भारी तबाही मच गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 1–2 बजे हुआ। सिरमौर डीसी प्रियंका वर्मा ने बताया कि मौत का आंकड़ा 14 पहुंच गया है, जिसमें बस ड्राइवर, 7–8 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। 52 लोग घायल हुए, जिनमें 4–9 की हालत गंभीर है। नौ गंभीर घायलों को नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि कुछ को शिमला के IGMC भेजा गया।
हादसे के कारण: ठंडी फिसलन और चालक का कंट्रोल खोना?
स्थानीय लोगों और प्रारंभिक जांच के आधार पर, हादसे की मुख्य वजह सड़क पर जमी ठंडी (फ्रॉस्ट) लगती है। हिमाचल में जनवरी का मौसम कड़ाके की सर्दी का होता है, खासकर पहाड़ी सड़कों पर पाला जम जाता है, जिससे वाहन आसानी से फिसल जाते हैं।
लोगों का कहना है कि बस चालक ने कंट्रोल खो दिया, जिससे यह राजगढ़ रूट पर हरिपुरधार (नाहन से करीब 95 किमी दूर) के पास खाई में समा गई। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि सड़क की स्थिति, बस की फिटनेस, ड्राइवर की ट्रेनिंग और अन्य कारकों की पड़ताल हो सके।
तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और खाई में उतरकर घायलों को बचाने का काम शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि सैकड़ों ग्रामीण रस्सियां लटकाकर बस के मलबे से यात्रियों को निकाल रहे थे।
संग्राह SDM सुनील कयाथ ने बताया कि रेस्क्यू वॉर फुटिंग पर चल रहा था। घायलों और शवों को संग्राह, दादाहू, नाहन और शिमला के अस्पतालों में पहुंचाया गया। BJP के बलवीर चौहान जैसे स्थानीय नेताओं ने ग्रामीणों की तारीफ की कि उन्होंने मुश्किल हालात में कमाल का काम किया।
नेताओं की प्रतिक्रिया और सहायता पैकेज
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा शोक व्यक्त किया और जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद तथा घायलों को बेहतर इलाज का निर्देश दिया। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नाहन मेडिकल कॉलेज जाकर घायलों का हाल जाना।
प्रधानमंत्री ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार की सहायता घोषित की। BJP के JP नड्डा, जयराम ठाकुर, राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने भी शोक व्यक्त किया।
हादसे के आंकड़े: एक नजर
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल यात्री | 40–52 |
| मौतें | 14 (ड्राइवर सहित, 7–8 महिलाएं, 2 बच्चे) |
| घायल | 52 (4–9 गंभीर) |
| अस्पताल | संग्राह, दादाहू, नाहन मेडिकल कॉलेज, IGMC शिमला |
| स्थान | हरिपुरधार, सिरमौर (नाहन से 95 किमी) |
| खाई की गहराई | 500 फुट (कुछ में 100 मीटर) |
हिमाचल की पहाड़ी सड़कें: खतरे क्यों ज्यादा?
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसे आम हैं, खासकर सर्दियों में। राज्य में करीब 40 हजार किमी सड़कें हैं, जिनमें से ज्यादातर पहाड़ी, घुमावदार और संकरी हैं। सर्दी में ठंडी, कोहरा, भूस्खलन और बर्फबारी से खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- पिछले साल हिमाचल में 1500 से ज्यादा सड़क हादसे हुए, जिनमें 600 से अधिक मौतें।
- बसें ओवरलोड, पुरानी, चालक थकान और सड़क रखरखाव की कमी मुख्य वजहें।
- सिरमौर जैसे इलाकों में खाइयां गहरी और पहुंच मुश्किल।
रेस्क्यू में लोकल हीरो बने
इस हादसे में ग्रामीणों का योगदान सराहनीय रहा। वे रस्सियां बांधकर खाई उतरे, मलबा हटाया और घायलों को कंधों पर उठाकर ऊपर लाए। BJP के बलवीर चौहान ने कहा कि लोकल्स ने मुश्किल इलाके में कमाल किया। प्रशासन ने भी तुरंत NDRF जैसी टीमें भेजीं।
आगे क्या कदम?
डीसी प्रियंका वर्मा और एसपी निश्चित नेगी ने बताया कि रेस्क्यू पूरा हो गया है, लेकिन जांच जारी है। डिप्टी सीएम ने मजिस्ट्रियल प्रोब के आदेश दिए। सड़क सुरक्षा के लिए चालक ट्रेनिंग, बस फिटनेस चेक और विंटर टायर्स अनिवार्य करने की मांग उठ रही है।
हिमाचल सड़क हादसों पर आंकड़े
| साल | हादसे | मौतें | घायल |
|---|---|---|---|
| 2024 | 1,500+ | 600+ | 5,000+ |
| 2025 | 1,400 | 550 | 4,800 |
| सिरमौर 2026 | 1 (यह हादसा) | 14 | 52 |
(स्रोत: राज्य ट्रैफिक डेटा)
सर्दियों में पहाड़ी सड़कों पर सेफ्टी टिप्स
- चालक: ठंडी सड़कों पर धीमी स्पीड, विंटर टायर्स, ओवरटेकिंग न करें।
- यात्री: ओवरलोड बस न लें, सीटबेल्ट बांधें, इमरजेंसी नंबर सेव रखें।
- सरकार: सड़कें साफ रखें, चेकपोस्ट बढ़ाएं।
यह हादसा हिमाचल की सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाता है। उम्मीद है जांच से सुधार होंगे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- सवाल: हिमाचल बस हादसे में कितने मरे?
जवाब: सिरमौर हादसे में 14 लोगों की मौत हुई, जिसमें ड्राइवर, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। 52 घायल। - सवाल: बस कहाँ से कहाँ जा रही थी?
जवाब: शिमला से कुपवी via राजगढ़। हादसा हरिपुरधार गांव के पास हुआ, जो नाहन से 95 किमी दूर है। - सवाल: हादसे की वजह क्या बताई जा रही?
जवाब: प्रारंभिक जांच में सड़क पर जमी ठंडी (फ्रॉस्ट) से चालक का कंट्रोल खोना मुख्य कारण लगता है। पूरी जांच जारी। - सवाल: पीड़ितों को क्या सहायता मिलेगी?
जवाब: PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार। राज्य सरकार भी मदद कर रही। - सवाल: रेस्क्यू कैसे हुआ?
जवाब: लोकल ग्रामीणों ने सबसे पहले रस्सियों से उतरकर बचाया। फिर प्रशासन ने संग्राह, दादाहू, नाहन और शिमला अस्पतालों में इलाज कराया।
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