Home धर्म अय्यप्पा भक्तों के लिए Makaravilakku 2026 का विशेष महत्व
धर्म

अय्यप्पा भक्तों के लिए Makaravilakku 2026 का विशेष महत्व

Share
Makaravilakku 2026
Share

Makaravilakku 2026 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर मनाया जाएगा। सबरीमाला मंदिर में दिव्य ज्योति दर्शन के महत्व और पूजा विधि की पूरी जानकारी।

Makaravilakku 2026: तारीख, समय, पूजा विधि और महत्व

मकरविलक्कु हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो मुख्य रूप से केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला अय्यप्पा मंदिर से जुड़ा है। यह पर्व मकर संक्रांति के दिन मनाया जाता है, जब भक्तों को पोनंबलमेडु पहाड़ी पर तीन बार दिव्य ज्योति (मकरविलक्कु) के दर्शन होते हैं। आइए जानते हैं मकरविलक्कु 2026 की तारीख, समय, पूजा विधि और इसके गहन धार्मिक महत्व के बारे में।

मकरविलक्कु 2026 की तारीख और समय

पर्वतारीख और समय
मकरविलक्कुबुधवार, 14 जनवरी 2026
मकरविलक्कु संक्रांति क्षणदोपहर 3:13 बजे (नई दिल्ली समय)
मकर संक्रांतिबुधवार, 14 जनवरी 2026

मकरविलक्कु क्या है?

मकरविलक्कु का अर्थ है ‘मकर का प्रकाश’। यह सबरीमाला मंदिर से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित पोनंबलमेडु पहाड़ी पर संध्या समय तीन बार दिखाई देने वाली दिव्य ज्योति है। भक्त इसे भगवान अय्यप्पा की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक मानते हैं। मंडाला-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा का यह चरमोत्कर्ष होता है।

मकरविलक्कु का धार्मिक महत्व

यह पर्व भगवान अय्यप्पा भक्ति का प्रतीक है। दिव्य ज्योति दर्शन को देखना भक्तों के लिए आंतरिक शांति, विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत माना जाता है। मकर संक्रांति के समय सूर्य का उत्तरायण होना सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है। यह अनुशासन, भक्ति और समर्पण की शिक्षा देता है।

मकरविलक्कु पर पूजा विधि

  • मकर संक्रांति पूजा: सबरीमाला मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
  • ज्योति दर्शन: संध्या समय पोनंबलमेडु पर दिव्य प्रकाश के दर्शन होते हैं।
  • अनुष्ठान: भक्त अय्यप्पा मंत्रों का जाप करते हैं, सामूहिक प्रार्थना करते हैं।
  • व्रत और नियम: भक्त 41 दिनों का व्रत रखते हैं, काले वस्त्र धारण करते हैं।

सबरीमाला तीर्थयात्रा और मकरविलक्कु

यह पर्व वार्षिक तीर्थयात्रा सीजन का समापन है। लाखों भक्त पूरे भारत से सबरीमाला आते हैं। मंदिर परिसर भक्ति, एकता और परंपराओं से गूंज उठता है। यह केवल दृश्य नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति का फल है।

मकरविलक्कु 2026 का विशेष महत्व

2026 में मकरविलक्कु मकर संक्रांति पर पड़ रहा है, जो इसे और भी शुभ बनाता है। भक्तों के लिए यह आस्था, धैर्य और भगवान अय्यप्पा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

FAQs

Q1. मकरविलक्कु कब मनाया जाता है?
A: मकर संक्रांति के दिन, जो 2026 में 14 जनवरी को है।

Q2. मकरविलक्कु क्या है?
A: पोनंबलमेडु पर दिखने वाली दिव्य ज्योति, जो भगवान अय्यप्पा का आशीर्वाद मानी जाती है।

Q3. मकरविलक्कु संक्रांति क्षण कब है?
A: 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:13 बजे।

Q4. मकरविलक्कु में कौन सी पूजा की जाती है?
A: मकर संक्रांति पूजा और ज्योति दर्शन।

Q5. सबरीमाला तीर्थयात्रा का क्या महत्व है?
A: यह भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।

Q6. मकरविलक्कु दर्शन का फल क्या है?
A: आंतरिक शांति, विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्ति।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Daily Rashifal:10 जनवरी 2026:नौकरी, व्यापार, धन के योग–12 राशियों का सटीक भविष्यवाणी!

10 जनवरी 2026 Daily Rashifal: नौकरी प्रमोशन (मेष, वृषभ), व्यापार लाभ (मिथुन,...

Ank 7 Rashifal 2026:व्यापार उछाल, स्वास्थ्य चेतावनी, प्रेम में उतार-चढ़ाव!

Ank 7 Rashifal 2026 पूर्वानुमान: वित्तीय उन्नति लेकिन खर्च नियंत्रण। करियर में...

Thai Pongal 2026:तमिल हार्वेस्ट फेस्टिवल का पूरा 4-दिवसीय सेलिब्रेशन गाइड!

Thai Pongal 2026: 14 जनवरी (मंगलवार) संक्रांति 3:13 PM। भोगी (13), थाई...