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पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: सुवेंदु बोले- ममता SIR से घबरा गईं, अब 2026 चुनाव खतरे में

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Suvendu Adhikari CEC letter, Mamata Banerjee SIR claims
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प. बंगाल LoP सुवेंदु Adhikari ने CEC को पत्र लिखकर CM ममता बनर्जी के SIR अभियान आरोपों को बकवास बताया। कहा- ये TMC के फर्जी वोटर, डुप्लिकेट और घुसपैठियों को उजागर कर रहा, जिससे 2026 चुनाव प्रभावित। ममता घबरा रही हैं।

बंगाल SIR पर BJP का हमला: सुवेंदु ने CEC को बताया- ममता के दावे झूठे, TMC के गंदे राज खुल रहे

सुवेंदु Adhikari ने CEC को पत्र: ममता के SIR आरोपों को बताया बकवास

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और BJP के दिग्गज सुवेंदु अधikari ने 11 जनवरी 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अधikari ने ममता के 10 जनवरी के पत्र को ‘बकवास, अतिशयोक्तिपूर्ण और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया’ करार दिया।​

उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया वोटर लिस्ट में TMC के सालों पुराने घोटालों को उजागर कर रही है- फर्जी वोटर, डुप्लिकेट एंट्रीज और अवैध घुसपैठिए। अधikari का आरोप है कि ममता इसे रोकना चाहती हैं क्योंकि ये TMC के 2026 विधानसभा चुनाव की संभावनाओं को चोट पहुंचा रहा। सोशल मीडिया X पर पत्र शेयर करते हुए बोले, ‘ये TMC के गंदे राज खोल रही है। ममता घबरा गई हैं।’​

SIR क्या है और क्यों विवाद में?

चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू किया है, जो वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने का अभियान है। इसका मकसद फर्जी, मृत और डुप्लिकेट वोटरों को हटाना, नए वोटर जोड़ना और पारदर्शिता लाना है। ये 2026 चुनाव से पहले हो रहा, इसलिए राजनीतिक तापमान चढ़ गया।​

ममता ने CEC को पत्र में आरोप लगाया कि SIR में IT सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा, वोटर नाम बैकएंड से बिना सूचना हटाए जा रहे। उन्होंने समयसीमा, प्रक्रिया और उद्देश्यों पर अस्पष्टता की शिकायत की। कहा कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ कैटेगरी में वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाना परेशानी दे रहा। अनौपचारिक चैनलों से निर्देश आने का भी इल्जाम।​

सुवेंदु का पलटवार: TMC के राज खुल रहे

सुवेंदु ने ममता के दावों को ‘काल्पनिक कथा’ कहा। पत्र में लिखा कि SIR निष्पक्ष और व्यवस्थित है, जो TMC के फर्जी वोटरों का पर्दाफाश कर रहा। आरोप लगाया कि TMC ने सालों तक बॉगस एंट्रीज, डुप्लिकेट्स और बॉर्डर पार घुसपैठियों को पाला-पोसा है, ताकि चुनाव में धांधली हो।​

उन्होंने कहा, ‘ममता का पत्र SIR को तोड़ने की हताश कोशिश है। ये प्रक्रिया TMC को नुकसान पहुंचा रही, इसलिए हिस्टेरिया फैला रही हैं। हरासमेंट के दावे बेबुनियाद।’ ECI की तारीफ करते हुए बोले कि इसे रोकना संविधान के लोकतांत्रिक आदर्शों के खिलाफ होगा।​​

ममता बनर्जी का पक्ष: SIR से वोटर परेशान

ममता ने कहा कि SIR का मकसद मौजूदा वोटरों को हटाना लग रहा, न कि सुधार। उन्होंने ECI से जवाब मांगा कि बिना अधिकृत तरीके से नाम क्यों डिलीट हो रहे। अलग-अलग राज्यों में अलग नियमों का हवाला देकर असमानता का मुद्दा उठाया। चेतावनी दी कि ये 2026 से पहले सामूहिक वोटर हटाने का खतरा है।​

TMC का दावा है कि SIR में पारदर्शिता की कमी है- समयबद्ध होने का नाम, लेकिन क्लियर टाइमलाइन्स नहीं। वोटरों को क्लेम्स-ऑब्जेक्शन के लिए बुलाना आम नागरिकों पर बोझ।​

SIR विवाद की समयरेखा

  • दिसंबर 2025: ECI ने बंगाल में SIR की घोषणा।
  • जनवरी 2026 शुरुआत: सुवेंदु ने पहला पत्र CEC को लिखा, ममता के आलोचनाओं का जवाब दिया।
  • 10 जनवरी: ममता का CEC को पत्र- SIR पर गंभीर आपत्तियां।
  • 11 जनवरी: सुवेंदु का जवाबी पत्र- आरोपों को बकवास बताया।​

राजनीतिक निहितार्थ: 2026 चुनाव पर असर

BJP का कहना है कि SIR से साफ वोटर लिस्ट बनेगी, जो फ्री एंड फेयर इलेक्शन सुनिश्चित करेगी। सुवेंदु बोले कि TMC चुनावी संभावनाओं को बचाने के लिए प्रक्रिया रोकना चाहती। दूसरी तरफ TMC इसे ECI का BJP समर्थित दांव मान रही, जो उनके वोट बैंक को नुकसान पहुंचाएगा।​​

विशेषज्ञों का मानना है कि SIR जैसे अभियान पारदर्शिता लाते हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए संवेदनशील। बंगाल में घुसपैठिए वोटरों का पुराना मुद्दा है, जो BJP लगातार उठाती रही।​

दोनों पक्षों के मुख्य आरोप

पक्षमुख्य आरोपजवाब
ममता बनर्जी (TMC)SIR में IT दुरुपयोग, नाम बिना सूचना डिलीट, अस्पष्ट नियम ​
सुवेंदु अधikari (BJP)ममता के दावे बकवास, SIR TMC फर्जी वोटर उजागर कर रहा ​ECI निष्पक्ष, TMC घबरा रही ​

क्या होगा आगे?

CEC जवाब देगा या SIR प्रक्रिया जारी रखेगा। अगर विवाद बढ़ा तो कोर्ट जा सकता है। बंगाल में वोटर लिस्ट क्लीनिंग 2026 चुनाव के लिए अहम। दोनों दल इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रहे।​

ये विवाद लोकतंत्र की मजबूती पर बहस छेड़ रहा- साफ वोटर लिस्ट जरूरी या राजनीतिक हथियार? समय बताएगा।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सुवेंदु अधikari ने CEC को पत्र क्यों लिखा?
    ममता बनर्जी के SIR आरोपों का जवाब देने के लिए। उन्होंने दावों को बकवास बताया और कहा कि SIR TMC के फर्जी वोटर उजागर कर रहा।​
  2. SIR अभियान क्या है?
    ECI का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- वोटर लिस्ट साफ करना, फर्जी/मृत/डुप्लिकेट नाम हटाना, पारदर्शिता लाना। बंगाल में 2026 चुनाव से पहले।​
  3. ममता ने SIR पर क्या आपत्ति जताई?
    IT सिस्टम दुरुपयोग, नाम बिना सूचना डिलीट, अस्पष्ट समयसीमा और नियम। वोटरों को परेशानी।​
  4. सुवेंदु ने ममता के आरोपों को कैसे खारिज किया?
    कहा ये TMC की हताशा है, SIR उनके गंदे राज खोल रहा- बॉगस वोटर, घुसपैठिए। ECI निष्पक्ष।​
  5. SIR विवाद का 2026 चुनाव पर असर?
    BJP कहती SIR से साफ चुनाव, TMC का वोट बैंक सिकुड़ेगा। राजनीतिक जंग तेज।

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