मुरशिदाबाद में प्राइमरी स्कूल टीचर और BLO हमीमुल इस्लाम (47) स्कूल में फांसी लगाकर मरे। परिवार ने SIR ड्यूटी के भारी दबाव को जिम्मेदार ठहराया। MLA ने EC पर रशिंग का आरोप लगाया। पोस्टमॉर्टम और जांच जारी।
पश्चिम बंगाल में BLO की दर्दनाक मौत: SIR ड्यूटी के प्रेशर से स्कूल में फांसी, MLA ने EC पर साधा निशाना
मुरशिदाबाद में BLO टीचर की सुसाइड: SIR दबाव ने लिया जान, परिवार ने खोला दर्द
पश्चिम बंगाल के मुरशिदाबाद जिले के पाइकमारी चार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। स्थानीय प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने वाले और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) हमीमुल इस्लाम ने शनिवार रात स्कूल के एक कमरे में फांसी लगा ली। 47 साल के हमीमुल का शव रविवार सुबह लोगों को मिला। परिवार ने साफ आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्यूटी के भारी दबाव ने उन्हें ये कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। (attached_file:1)
रणिताला थाने के एक अधिकारी ने बताया कि हमीमुल पाइकमारी चार कृष्णापुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में टीचर थे और खड़िबोना ग्राम पंचायत के पूर्व आलायपुर गांव के एक बूथ के BLO थे। शनिवार सुबह वो स्कूल के लिए घर निकले, लेकिन दोपहर तक लौटे नहीं। घंटों इंतजार के बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। रात करीब 10 बजे स्थानीय लोगों को स्कूल के अंदर लटका शव दिखा। पुलिस ने तुरंत पहुंचकर शव बरामद किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सुसाइड की पुष्टि हुई है। (attached_file:1)
SIR ड्यूटी का दबाव: परिवार का गुस्सा फूटा
परिवार वालों का दावा है कि हमीमुल दोहरी जिम्मेदारी से बुरी तरह टूट चुके थे। दिनभर स्कूल में पढ़ाना और उसके बाद SIR की भारी भरकम ड्यूटी। बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने रोते हुए कहा, ‘हमीमुल का दिमाग काम के बोझ तले दब गया था। चुनाव आयोग ने इतना काम थोप दिया कि सामना करना मुश्किल हो गया।’ उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में मैपिंग, अनमैपिंग और वोटर लिस्ट अपडेट का प्रेशर बढ़ गया था। हमीमुल रात-रात भर जागकर मोबाइल ऐप पर डेटा भरते थे। (attached_file:1)
भागबांगोला के तृणमूल कांग्रेस MLA रियाज हुसैन सरकार ने परिवार से मुलाकात की और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘EC SIR प्रक्रिया को बहुत जल्दबाजी में पूरा कराने को कहा रहा है। BLOs पर इतना काम डाल दिया कि हालत खराब हो रही है। हमीमुल को मैपिंग-मैपिंग के अलावा ढेर सारे टास्क सौंपे गए थे। ये क्रूरता है।’ MLA ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाए। (attached_file:1)
SIR क्या है और BLOs पर क्यों बढ़ रहा बोझ?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की वो खास मुहिम है जिसमें वोटर लिस्ट को 100% सटीक बनाने के लिए हर बूथ के BLOs को घर-घर जाकर सर्वे करना पड़ता है। इसमें नाम जोड़ना, हटाना, आधार लिंकिंग, मैपिंग और मोबाइल ऐप पर डेटा एंट्री जैसे काम शामिल हैं। बंगाल में नवंबर 2025 से ये प्रक्रिया तेज हो गई है। ()
लेकिन BLOs, जो ज्यादातर प्राइमरी टीचर या आंगनवाड़ी वर्कर होते हैं, इन दोहरी जिम्मेदारियों से जूझ रहे हैं। कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि SIR के दौरान ऐप में तकनीकी खराबी, धीमा सर्वर और टारगेट न पूरा होने पर सजा का डर BLOs को मानसिक रूप से तोड़ रहा है। हमीमुल जैसे सैकड़ों BLOs रातों को जागकर काम कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच चल रही है। (attached_file:1)()
बंगाल में BLO मौतों का सिलसिला: आंकड़े डराते हैं
हमीमुल की मौत अकेली नहीं है। पश्चिम बंगाल में SIR शुरू होने के बाद कई BLOs की संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं। मुरशिदाबाद, मालदा, साउथ 24 परगना जैसे जिलों से ऐसी खबरें आ रही हैं। कुछ हार्ट अटैक से मरे, तो दो महिलाओं ने सुसाइड कर ली। कुल मिलाकर कम से कम 7 BLOs की मौतें दर्ज हैं। ()()
उदाहरण के तौर पर:
- मुरशिदाबाद के खग्राम में 56 साल के जाकिर हुसैन की कार्डियक अरेस्ट से मौत। परिवार ने SIR स्ट्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
- मालदा में ICDS वर्कर सम्प्रीता चौधरी ने सुसाइड किया।
- साउथ 24 परगना में कई BLOs बीमार पड़े। एक ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘इतने मामूली काम के लिए जिंदगी खत्म करने को मजबूर कर रहे हैं।’ ()()()
ये आंकड़े चिंताजनक हैं। टीचर्स यूनियन और राजनीतिक दल चुनाव आयोग से मांग कर रहे हैं कि SIR प्रक्रिया को रिव्यू किया जाए। ()
BLOs की जिंदगी: दोहरी मार क्यों पड़ रही?
बूथ लेवल ऑफिसर वो वॉलंटियर्स होते हैं जो चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ हैं। ज्यादातर प्राइमरी स्कूल टीचर, आंगनवाड़ी सुचिता या ग्राम सेवक होते हैं। इनका मुख्य काम पढ़ाना या बच्चों की देखभाल होता है, लेकिन चुनाव के समय ये वोटर लिस्ट का जिम्मा भी उठाते हैं। SIR में तो हालात और बिगड़ जाते हैं। ()
- घर-घर जाकर 1000+ वोटर्स का डेटा कलेक्ट करना।
- मोबाइल ऐप पर रियल टाइम अपलोड, जो अक्सर हैंग हो जाता।
- मैपिंग-अनमैपिंग का टास्क।
- टारगेट न पूरा हो तो सजा का डर।
ऐसे में नींद पूरी न होना, फैमिली टाइम न मिलना और मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। हमीमुल के मामले में परिवार ने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट ने ड्यूटी से राहत नहीं दी। (attached_file:1)
सुसाइड रोकने के उपाय: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वर्कलोड से उपजी निराशा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ जरूरी कदम:
- समय पर मदद लें: हेल्पलाइन 104 या 9152987821 पर कॉल करें।
- वर्क-लाइफ बैलेंस: निर्धारित समय के बाद काम बंद।
- बातचीत: परिवार या सहकर्मियों से तनाव शेयर करें।
- ब्रेक लें: थोड़ा आराम मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी।
सरकार को भी BLOs के लिए काउंसलिंग सेंटर और तकनीकी सपोर्ट बढ़ाना चाहिए। ()
राजनीतिक बवाल: EC पर सियासत
TMC MLA रियाज सरकार ने EC को जिम्मेदार ठहराया। विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा। चुनाव आयोग ने अब तक चुप्पी साधे रखी है। ये मामला अब मानसिक स्वास्थ्य, वर्क कल्चर और चुनावी तैयारियों पर सवाल उठा रहा है। क्या हमीमुल की मौत आखिरी होगी? (attached_file:1)
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- हमीमुल इस्लाम कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
हामीमुल (47) प्राइमरी टीचर और BLO थे। शनिवार रात पाइकमारी चार स्कूल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम करवाया। (attached_file:1) - परिवार ने सुसाइड का कारण क्या बताया?
परिवार का कहना है कि SIR ड्यूटी का भारी दबाव। टीचिंग के साथ वोटर लिस्ट मैपिंग-अनमैपिंग का काम रातों की नींद उड़ा गया था। (attached_file:1) - SIR प्रक्रिया क्या है जो इतना प्रेशर बना रही?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन वोटर लिस्ट को अपडेट करने की EC मुहिम। BLOs को घर-घर सर्वे, ऐप पर डेटा भरना पड़ता। बंगाल में कई तकनीकी दिक्कतें। () - बंगाल में SIR से कितनी BLO मौतें हो चुकीं?
कम से कम 7 BLOs की मौतें दर्ज। कुछ सुसाइड, कुछ हार्ट अटैक। मुरशिदाबाद, मालदा समेत कई जिलों से केस। ()() - पुलिस और सरकार क्या कर रही?
रणिताला पुलिस जांच कर रही। MLA ने EC से जांच की मांग। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार। परिवार को मुआवजे की बात चल रही।
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