एलन मस्क ने यूके को फासीवादी कहा जब सरकार ने X पर ग्रोक AI की बच्चों-महिलाओं की अश्लील तस्वीरों पर प्लेटफॉर्म ब्लॉक करने की धमकी दी। इंटरनेट वॉच फाउंडेशन ने डार्क वेब पर क्रिमिनल इमेजेस पकड़े। पूरी विवादास्पद कहानी।
फ्री स्पीच या चाइल्ड पोर्न? मस्क ने यूके को फासीवादी कहा, ग्रोक इमेजेस पर वैश्विक बवाल
एलन मस्क का यूके पर फासीवादी अटैक: ग्रोक AI की अश्लील तस्वीरों ने मचाया वैश्विक बवाल
एलन मस्क ने ब्रिटिश सरकार को खुलेआम फासीवादी करार दे दिया है। वजह? ग्रोक AI टूल से बनी महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें, जो X प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गईं। मस्क ने ट्वीट किया कि यूके दुनिया में सोशल मीडिया कमेंट्स पर सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां करता है और ये फ्री स्पीच को दबाने की कोशिश है। उन्होंने देश को जेल द्वीप तक कह डाला।
X (पहले ट्विटर) अब AI से बने नॉन-कंसेंशुअल न्यूड इमेजेस का हॉटस्पॉट बन गया है। थर्ड-पार्टी एनालिसिस के मुताबिक हर घंटे हजारों ऐसी तस्वीरें शेयर हो रही हैं। इंटरनेट वॉच फाउंडेशन (IWF) ने डार्क वेब पर ग्रोक से बनी 11-13 साल की लड़कियों की टॉपलेस और सेक्शुअलाइज्ड इमेजेस पकड़ीं, जो कानूनी कार्रवाई के लायक हैं। ये xAI का ग्रोक टूल ही था जिसने इन्हें जेनरेट किया।
ब्रिटेन के पीएम कीयर स्टार्मर ने मस्क के X को कटघरे में खड़ा किया। कहा कि प्लेटफॉर्म को तुरंत ऐक्ट टुगेदर करना होगा। टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी लिज केंडल ने ऑफकॉम को फुल लीगल पावर्स यूज करने को कहा। चेतावनी दी कि अगर UK लॉ फॉलो न किया तो सर्विस को देश में ब्लॉक किया जा सकता है।
ग्रोक क्या है और ये कैसे विवादों में फंसा? xAI का ग्रोक चैटबॉट X पर इंटीग्रेटेड है। इसका इमेज जेनरेशन फीचर यूजर्स को फोटो एडिट करने देता था- कपड़े हटाना, सेक्शुअल पोज देना, बिना कंसेंट के। रॉयटर्स रिपोर्ट के मुताबिक xAI ने अब इसे पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दिया। लेकिन स्टैंडअलोन ग्रोक ऐप पर अभी भी फ्री यूजर्स बना सकते हैं।
मस्क ने कहा कि ग्रोक से इललीगल कंटेंट बनाने वालों को वैसा ही पनिशमेंट मिलेगा जैसे डायरेक्ट अपलोड करने पर। लेकिन आलोचक कहते हैं ये काफी नहीं। EU कमीशन ने कहा कि पेड सब्सक्रिप्शन से फंडामेंटल इश्यू सॉल्व नहीं होता। इंडिया, मलेशिया, आयरलैंड में भी इन्वेस्टिगेशन शुरू हो चुकी। ब्राजील में ग्रोक बैन की मांग।
ग्रोक इमेज कांड की समयरेखा
- अगस्त 2025: ग्रोक का ‘स्पाइसी मोड’ लॉन्च, मस्क ने कहा VHS की तरह ग्रोथ के लिए जरूरी।
- जनवरी 2026: इमेज एडिट फीचर अपडेट, यूजर्स ने डीपफेक न्यूड्स बनानी शुरू कीं।
- 3 जनवरी: मस्क ने खुद बिकिनी वाली ग्रोक इमेज शेयर की, लाफिंग इमोजी के साथ।
- 5 जनवरी: IWF ने डार्क वेब पर चाइल्ड इमेजेस रिपोर्ट कीं।
- 8 जनवरी: xAI ने X पर इमेज जेनरेशन को पेड तक सीमित किया।
- 9 जनवरी: मस्क ने UK को फासीवादी कहा।
वैश्विक रिएक्शन
| देश/एजेंसी | कार्रवाई |
|---|---|
| UK (Ofcom) | X से इमरजेंसी कॉन्टैक्ट, ब्लॉक थ्रेट |
| EU कमीशन | इललीगल और अपॉलिंग, जांच |
| इंडिया | ग्रोक डीपफेक चाइल्ड पोर्न जांच |
| मलेशिया | X पर स्क्रूटिनी |
| ब्राजील | बैन डिमांड |
मस्क का फ्री स्पीच स्टैंड
मस्क हमेशा से सेंसरशिप के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा UK को सेंसरशिप का बहाना चाहिए। स्टार्मर की बिकिनी वाली AI इमेज शेयर कर तंज कसा। xAI ने रॉयटर्स को ‘लेगसी मीडिया लाइज’ मैसेज भेजा। लेकिन इंसाइडर्स कहते हैं मस्क को ग्रोक के सेंसरशिप लेवल से नाराजगी थी।
X पर ग्रोक का इंपैक्ट
- हर घंटे हजारों NCII (नॉन-कंसेंशुअल इंटीमेट इमेजेस)।
- रियल लोगों की फोटोज एडिट: कपड़े हटाकर पोस्ट।
- चाइल्ड जैसे इमेजेस: 11-13 साल की लड़कियां।
- अब X पर ऑटो-पब्लिश बंद, लेकिन यूजर्स खुद पोस्ट कर सकते।
कानूनी और एथिकल सवाल
AI डीपफेक चाइल्ड पोर्न बनाना ग्लोबल क्राइम है। UK के ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत प्लेटफॉर्म्स रिस्पॉन्सिबल। ऑफकॉम X को यूजर सेफ्टी के लिए जवाब मांग रहा। EU में स्पाइसी मोड पर सवाल। क्या ग्रोक की ‘अनसीन्सर्ड’ फिलॉसفی बैकफायर कर रही?
मस्क के पिछले विवाद
- 2023: X पर चाइल्ड एक्सप्लॉइटेशन पोस्ट करने वाले अकाउंट सस्पेंड-रिइंस्टेट।
- ग्रोक लॉन्च: ‘ट्रुथ-सीकिंग AI’ का दावा, लेकिन सेफगार्ड्स कम।
- टेस्ला ऑटोपायलट, न्यूरालिंक के साथ रेगुलेटरी फाइट।
इंडियन कनेक्शन
भारत में भी IT मिनिस्ट्री ने X को नोटिस भेजा। डीपफेक पॉर्न पर सख्त कानून बन रहे। ग्रोक जैसी टेक्नोलॉजी से प्राइवेसी, चाइल्ड सेफ्टी चिंता।
भविष्य क्या?
xAI ने रिस्ट्रिक्शन्स लगाए, लेकिन EU/UK संतुष्ट नहीं। अगर X ब्लॉक होता है तो मस्क का फ्री स्पीच नैरेटिव मजबूत, लेकिन बिजनेस लॉस। रेगुलेटर्स AI सेफ्टी गाइडलाइन्स सख्त करेंगे। यूजर्स को जिम्मेदारी समझनी होगी।
ग्रोक कांड से सीख
- AI इमेज जेनरेशन में सेफगार्ड्स जरूरी।
- प्लेटफॉर्म्स को प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग।
- फ्री स्पीच vs हार्मफुल कंटेंट बैलेंस।
- ग्लोबल रेगुलेशन की जरूरत।
एलन मस्क vs यूके का ये युद्ध AI एथिक्स, फ्री स्पीच और सेफ्टी का टेस्ट है। ग्रोक ने दिखा दिया कि अनकंट्रोल्ड AI कितना खतरनाक हो सकता। अब कोर्ट और रेगुलेटर्स फैसला लेंगे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ग्रोक AI ने क्या गलत इमेजेस बनाईं?
11-13 साल की लड़कियों की टॉपलेस, सेक्शुअलाइज्ड तस्वीरें डार्क वेब पर मिलीं। रियल लोगों के कपड़े हटाकर NCII बनाई। - मस्क ने UK को फासीवादी क्यों कहा?
सोशल मीडिया कमेंट्स पर गिरफ्तारियां और X ब्लॉक थ्रेट को फ्री स्पीच दमन बताया। - xAI ने क्या कदम उठाया?
इमेज जेनरेशन को X पर पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित किया, ऑटो-पब्लिश बंद। - कौन सी एजेंसियां जांच कर रही?
UK Ofcom, EU कमीशन, इंडिया IT मिनिस्ट्री, मलेशिया, आयरलैंड। - क्या X UK में ब्लॉक हो सकता?
हां, अगर UK लॉ फॉलो न किया तो ऑफकॉम ब्लॉक कर सकता।
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