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X प्लेटफॉर्म का राज खुलेगा: मस्क 7 दिन में कोड रिलीज करेंगे, यूजर्स को मिलेगी झलक

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Elon Musk X algorithm, X open source code
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एलन मस्क ने घोषणा की कि X प्लेटफॉर्म का नया एल्गोरिदम 7 दिनों में ओपन सोर्स होगा। ऑर्गेनिक व एड पोस्ट रिकमेंडेशन का पूरा कोड सार्वजनिक होगा, हर 4 हफ्ते अपडेट। ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने का कदम।

एलन मस्क ने किया वादा निभाया: X का नया एल्गोरिदम ओपन सोर्स, हर 4 हफ्ते अपडेट

एलन मस्क का X प्लेटफॉर्म अब एल्गोरिदम का पूरा राज खोलेगा

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने शनिवार को X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि प्लेटफॉर्म का नया रिकमेंडेशन एल्गोरिदम 7 दिनों में पूरी तरह ओपन सोर्स कर दिया जाएगा। इसमें ऑर्गेनिक पोस्ट्स और विज्ञापनों की रैंकिंग तय करने वाला सारा कोड सार्वजनिक होगा। मस्क ने कहा, ‘ये हर 4 हफ्ते दोहराया जाएगा, डेवलपर नोट्स के साथ ताकि समझ आए कि क्या बदला।’​

ये कदम 2023 में मस्क के वादे को पूरा करता है, जब उन्होंने प्लेटफॉर्म ट्रांसपेरेंसी का भरोसा दिलाया था। पहले 2023 में एक वर्जन रिलीज हुआ था, लेकिन अपडेट नहीं मिला। अब X नियमित रूप से कोड शेयर करेगा, जिससे डेवलपर्स, रिसर्चर्स और यूजर्स खुद देख सकेंगे कि फीड कैसे बनता है। मस्क का लक्ष्य है ‘अनरिग्रेटेड यूजर-सेकंड्स’ मैक्सिमाइज करना, यानी वो कंटेंट दिखाना जो यूजर को बोर न करे।​

X का एल्गोरिदम क्या करता है?
X का एल्गोरिदम decides करता है कि आपके फॉर यू फीड में कौन सी पोस्ट्स सबसे ऊपर आएंगी। ये यूजर के इंटरेस्ट, एंगेजमेंट (लाइक, रीट्वीट, कमेंट, ड्वेल टाइम), फॉलोअर्स की एक्टिविटी और पोस्ट की फ्रेशनेस जैसे फैक्टर्स को देखता है। ऑर्गेनिक पोस्ट्स के लिए engagement signals वेटेज ज्यादा, जबकि ads के लिए बिडिंग, रिलेवेंसी और क्वालिटी स्कोर मायने रखते हैं।​

ओपन सोर्सिंग से फायदे

  • ट्रांसपेरेंसी: यूजर्स bias के आरोप लगा सकेंगे या नहीं, कोड से साफ हो जाएगा।
  • इनोवेशन: डेवलपर्स सुधार सुझा सकेंगे, थर्ड-पार्टी टूल्स बन सकेंगे।
  • अकाउंटेबिलिटी: रेगुलेटर्स आसानी से चेक कर सकेंगे।
  • कम्युनिटी बिल्डिंग: X अब सिर्फ प्लेटफॉर्म नहीं, डेवलपर इकोसिस्टम बनेगा।​

X पर रेगुलेटरी प्रेशर
ये ऐलान इसलिए भी अहम है क्योंकि X कई रेगुलेटर्स के रडार पर है। दिसंबर 2025 में EU ने डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) उल्लंघन पर 120 मिलियन यूरो (140 मिलियन डॉलर) का फाइन लगाया। वजहें- ब्लू चेकमार्क सब्सक्रिप्शन ट्रांसपेरेंसी, एड रेपॉजिटरी की कमी और रिसर्चर्स को डेटा एक्सेस न देना। EU ने एल्गोरिदम और इल्लीगल कंटेंट पर डेटा रिटेंशन ऑर्डर 2026 तक बढ़ा दिया।​

जुलाई 2025 में पेरिस प्रॉसिक्यूटर्स ने algorithmic bias और डेटा एक्सट्रैक्शन पर जांच शुरू की, जिसे X ने ‘पॉलिटिकल मोटिवेटेड’ बताया। यूके और फ्रांस में भी इल्लीगल कंटेंट इश्यू। ओपन सोर्सिंग से X खुद को क्लीन साबित कर सकता है।​

X एल्गोरिदम का इतिहास

  • 2022: मस्क ने ट्विटर खरीदा, एल्गोरिदम ट्रांसपेरेंसी का वादा।
  • 2023: पहला वर्जन ओपन सोर्स, लेकिन अपडेट्स नहीं।
  • 2025: Grok AI इंटीग्रेशन शुरू, For You फीड में बग फिक्स।
  • 2026: फुल कोड + रेगुलर अपडेट्स।​

ओपन सोर्स एल्गोरिदम: क्या दिखेगा कोड में?
X का नया एल्गोरिदम टेस्ला जैसे सॉफ्टवेयर अपडेट स्ट्रैटजी फॉलो करेगा। मुख्य कंपोनेंट्स:

  • Engagement weighting: लाइक्स (3x), रीट्वीट्स (12x), कमेंट्स (4x), बुकमार्क्स (1x)।
  • Reply boost: वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता।
  • Ad ranking: CTR प्रेडिक्शन + क्वालिटी स्कोर।
  • Grok integration: AI-powered relevance scoring।

X vs दूसरे प्लेटफॉर्म्स

प्लेटफॉर्मएल्गोरिदम स्टेटसअपडेट फ्रीक्वेंसीट्रांसपेरेंसी लेवल
X (2026)फुल ओपन सोर्सहर 4 हफ्तेहाई 
TikTokब्लैक बॉक्सकोई नहींलो
Instagramपार्शियलसालानामीडियम
YouTubeपार्शियलतिमाहीमीडियम

डेवलपर नोट्स का महत्व
हर रिलीज के साथ डेवलपर नोट्स आएंगे, जो बताएंगे:

  • क्या बदला (engagement weights, ranking factors)?
  • परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट्स।
  • बग फिक्स और A/B टेस्ट रिजल्ट्स।
    ये टेस्ला FSD अपडेट्स जैसा होगा।​

भारत के लिए क्या मतलब?
भारत में X के 2.5 करोड़+ एक्टिव यूजर्स हैं। ओपन एल्गोरिदम से क्रिएटर्स को फायदा- वो जान सकेंगे कि वायरल होने के लिए क्या स्ट्रैटजी काम करेगी। इंडियन डेवलपर्स कस्टम टूल्स बना सकेंगे। लेकिन प्राइवेसी कंसर्न्स भी उठ सकते हैं।

चुनौतियां और रिस्क्स

  • मिसयूज: स्पैमर्स एल्गोरिदम गेम कर सकते।
  • कॉम्प्लेक्सिटी: लाखों लाइन्स कोड समझना मुश्किल।
  • लीगल: EU फाइन के बाद और स्क्रूटनी।
    मस्क का जवाब- ट्रांसपेरेंसी ही सॉल्यूशन।​

फ्यूचर प्लान्स
मस्क ने संकेत दिया कि Grok AI को और डीप इंटीग्रेट करेंगे। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाने का विजन। ओपन सोर्स कम्युनिटी से फीडबैक लेकर इम्प्रूव करेंगे।​

X यूजर्स के लिए टिप्स

  • ज्यादा एंगेजमेंट के लिए: थ्रेड्स बनाएं, पोल्स यूज करें।
  • वेरिफिकेशन: ब्लू टिक से रीप्लाई बूस्ट।
  • कंसिस्टेंसी: रोज पोस्ट करें।
    ओपन सोर्स के बाद स्ट्रैटजी चेंज हो सकती।

एलन मस्क का ये कदम सोशल मीडिया की दुनिया में नया दौर शुरू कर सकता है। क्या बाकी प्लेटफॉर्म्स फॉलो करेंगे? वक्त बताएगा। लेकिन X अब ओपन बुक हो गया।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. X का नया एल्गोरिदम कब ओपन सोर्स होगा?
    7 दिनों में पूरा कोड रिलीज होगा, उसके बाद हर 4 हफ्ते अपडेट्स।​
  2. ओपन सोर्स से यूजर्स को क्या फायदा?
    फीड कैसे बनता है, ये समझ सकेंगे। Bias चेक हो सकेगा।​
  3. क्या ads का कोड भी खुलेगा?
    हां, ऑर्गेनिक और विज्ञापन दोनों रिकमेंडेशन कोड सार्वजनिक।
  4. ये कदम EU फाइन से जुड़ा है?
    रेगुलेटरी प्रेशर के बीच आया, DSA ट्रांसपेरेंसी से मैच।
  5. डेवलपर नोट्स क्या होंगे?
    चेंजेस, इम्प्रूवमेंट्स और टेस्ट रिजल्ट्स की डिटेल्ड एक्सप्लनेशन।

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