अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव का उद्घाटन किया। हनुमान वाली पतंग उड़ाकर दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी दोस्ती दिखाई। 50 देशों से 135 पतंगबाज शामिल।
अहमदाबाद में हाई वोल्टेज डिप्लोमेसी: पीएम मोदी के साथ जर्मन चांसलर ने हनुमान पतंग उड़ाकर मचाया शोर!
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की साबरमती पर हनुमान पतंगबाजी: भारत-जर्मनी दोस्ती की मिसाल
मकर संक्रांति का त्योहार आने ही वाला है और अहमदाबाद की साबरमती नदी किनारे पहले ही हवा में रंग बिरंगी पतंगें नाचने लगी हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव 2026 का शानदार उद्घाटन किया। सबसे खास बात ये रही कि दोनों नेताओं ने भगवान हनुमान की तस्वीर वाली विशाल पतंग उड़ाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ये नजारा देखकर हजारों लोग जोर-जोर से चिल्ला उठे- ‘भाई जी भाई जी’!
सुबह सबसे पहले पीएम मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे। महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। ये आश्रम 1917 में गांधीजी ने बसाया था और 1930 तक उनकी कर्मभूमि रहा। स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख केंद्र था ये। वहां से दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट गए, जहां उत्सव की शुरुआत हुई। गुजरात सरकार ने तीन दिनों का ये फेस्टिवल आयोजित किया है, जो 14 जनवरी तक चलेगा।
उद्घाटन से पहले मोदी-मर्ज ने स्थानीय महिला कारीगरों से गपशप की। पतंग बनाने की कला समझी। फिर ओपन व्हीकल में घूमे और खुद पतंग उड़ाई। हनुमान वाली पतंग तो खास तौर पर लोगों का दिल जीत गई। वीडियो में दिखा कि चांसलर मर्ज भी खूब उत्साहित थे, मोदी जी के साथ मिलकर मजे ले रहे थे। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘कल्चरल डिप्लोमेसी’ का शानदार नमूना बता रहे हैं।
इस फेस्टिवल में 50 देशों से 135 विदेशी पतंगबाज आए हैं। भारत भर से 65 और गुजरात के 871 लोकल लोग शामिल। पिछले दो दिनों में ये किटिस्ट्स राजकोट, सूरत, धोलावीरा (कच्छ) और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (नर्मदा) घूम चुके। अहमदाबाद में तीन दिन और रंगारंग कार्यक्रम होंगे। विशाल तिरंगे पतंगें, अनोखे डिजाइन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी देशभक्ति थीम वाली पतंगें हवा में लहराएंगी।
ये सिर्फ पतंगबाजी नहीं, भारत-जर्मनी रिश्तों का भी प्रतीक है। चांसलर मर्ज का ये पहला आधिकारिक भारत दौरा है। भारत-जर्मनी डिप्लोमेटिक रिलेशंस के 75 साल और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के 25 साल पूरे हो रहे। उद्घाटन के बाद दोनों नेता गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वहां साझेदारी की प्रोग्रेस रिव्यू होगी। शाम को डेलिगेशन लेवल टॉक्स और जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट है।
मोदी-मर्ज बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे। रीजनल-ग्लोबल मुद्दों पर बात होगी। जर्मनी भारत का महत्वपूर्ण पार्टनर है। ट्रेड, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी में कोऑपरेशन बढ़ रहा। ये विजिट ऐसे समय हो रही जब दोनों देश यूरोप-अमेरिका के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहे।
पतंग उत्सव का इतिहास और महत्व
गुजरात में मकर संक्रांति को ‘उत्तरायण’ कहते हैं। सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है, सर्दी खत्म होकर गर्मी शुरू। पतंग उड़ाना परंपरा है- अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक। साबरमती रिवरफ्रंट पर ये इंटरनेशनल इवेंट 2016 से हो रहा। हर साल दुनिया भर से पतंगबाज आते। 2026 में थीम ‘कल्चरल एक्सचेंज’। हनुमान पतंग भक्ति और शक्ति का संदेश देती।
मोदी-मर्ज की जोड़ी क्यों खास?
- पहली बार कोई विदेशी चांसलर गुजरात के इस फेस्टिवल में।
- हनुमान पतंग से इंडियन कल्चर शोकेस।
- पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट बढ़ा।
- डिप्लोमेसी में फन एलिमेंट।
इंटरनेशनल पतंग उत्सव 2026: आंकड़े
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| विदेशी पतंगबाज | 135 (50 देशों से) |
| भारतीय पतंगबाज | 65 |
| गुजरात लोकल | 871 |
| कुल दिन | 3 (12-14 जनवरी) |
| पिछले स्थान | राजकोट, सूरत, धोलावीरा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी |
मोदी-मर्ज विजिट टाइमलाइन
- सुबह: साबरमती आश्रम में गांधी को श्रद्धांजलि।
- दोपहर: रिवरफ्रंट पर उद्घाटन, कारीगरों से भेंट।
- दोपहर: पतंग उड़ाई (हनुमान स्पेशल)।
- शाम: महात्मा मंदिर में टॉक्स।
- अगला: जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस।
पर्यटन पर असर
ये इवेंट गुजरात टूरिज्म को बूस्ट देगा। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी। होटल बुकिंग फुल। लोकल इकोनॉमी को फायदा। पतंग बाजारों में रौनक।
कल्चरल डिप्लोमेसी की ताकत
ऐसे इवेंट्स से देश-विदेश के लोग करीब आते। जर्मनी जैसे पार्टनर के साथ सॉफ्ट पावर काम आती। मोदी की स्ट्रैटेजी- डिप्लोमेसी में कल्चर मिक्स करें। योगा डे, अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स जैसा।
गुजरात की पतंगबाजी परंपरा
‘कपड़ा कटे, डोरी मोड़े, पतंग उड़ावे तो ठीक, वरना घर में झगड़ा होई जाए’ – लोकल कहावत। उत्तरायण में घर-घर पतंग। ‘भाई जी’ चिल्लाहट हवा में गूंजती। अब ग्लोबल लेवल पर।
भारत-जर्मनी रिश्ते मजबूत
75 साल डिप्लोमेसी, 25 साल स्ट्रैटेजिक टाई-अप। ट्रेड 25 बिलियन यूरो। टेक, ऑटो, रिन्यूएबल में पार्टनरशिप। मर्ज का विजिट नई शुरुआत।
मकर संक्रांति स्पेशल टिप्स
- गुजरात स्टाइल तिल-गुड़ लड्डू खाएं।
- पतंग उड़ाते वक्त सेफ्टी का ध्यान।
- अहमदाबाद घूमें- आश्रम, रिवरफ्रंट, उत्सव।
साबरमती पर मोदी-मर्ज की पतंगबाजी ने दुनिया को दिखा दिया कि डिप्लोमेसी में भी मजे हो सकते। हनुमान जी की तरह शक्ति और भक्ति का संदेश हवा में उड़ा। मकर संक्रांति की शुभकामनाएं!
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने कौन सी पतंग उड़ाई?
हनुमान जी वाली विशाल पतंग। साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव के उद्घाटन के दौरान। - इंटरनेशनल पतंग उत्सव कब तक चलेगा?
12 से 14 जनवरी 2026 तक, अहमदाबाद में। 50 देशों से 135 पतंगबाज। - चांसलर मर्ज का भारत दौरा क्यों खास?
भारत-जर्मनी रिलेशंस 75 साल, स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप 25 साल पूरे। पहला आधिकारिक विजिट। - उत्सव में क्या-क्या खास हुआ?
गांधी आश्रम विजिट, महिला कारीगरों से भेंट, ओपन व्हीकल राइड, पतंग उड़ाना। - अगला प्रोग्राम क्या?
गांधीनगर महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बैठक, डेलिगेशन टॉक्स, जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस।
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