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जर्मनी में कैद भारतीय बेटी: अरिहा शाह को लौटाने की जंग, मोदी ने मर्ज से क्या कहा?

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पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से बेबी अरिहा शाह का मामला उठाया। 2021 से जर्मनी के फॉस्टर केयर में, माता-पिता बरी लेकिन बच्ची नहीं लौटी। भारत मानवीय आधार पर लड़ रहा। पूरी कहानी। 

4 साल से फॉस्टर केयर में बेबी अरिहा: भारत सरकार की मानवीय अपील, जर्मनी का अब क्या जवाब?

बेबी अरिहा शाह केस: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर से उठाया मामला, 4 साल की जंग का पूरा सच

जर्मनी में फंसी 5 साल की भारतीय बेटी अरिहा शाह का मामला अब भारत सरकार के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गांधीनगर में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक में इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये सिर्फ कानूनी नहीं, मानवीय मामला है। भारत जर्मनी से लगातार बात कर रहा, अरिहा को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने की पूरी कोशिश में लगा है।​

कहानी शुरू होती है सितंबर 2021 से। अहमदाबाद के धारा और भावेश शाह जर्मनी में रहते थे। उनकी 7 महीने की बेटी अरिहा के डायपर बदलते समय खून निकला। घबराकर बर्लिन हॉस्पिटल ले गए। वहां जर्मन चाइल्ड सर्विसेज ने शक किया, Jugendamt (यूथ वेलफेयर ऑफिस) ने 23 सितंबर को बच्ची को माता-पिता से अलग कर फॉस्टर केयर में डाल दिया। आरोप थे चाइल्ड अब्यूज के। पुलिस केस चला, लेकिन फरवरी 2022 में मेडिकल जांच के बाद बंद हो गया। कोई चार्जशीट नहीं, माता-पिता बरी।​

फिर भी जर्मन कोर्ट ने फैसला दिया कि बच्ची का ‘बेस्ट इंटरेस्ट’ फॉस्टर केयर में है। कारण- कथित नेग्लिजेंस। सिर और प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें बताईं। माता-पिता निराश होकर भारत लौट आए। अरिहा अब 5 साल की, 5 फॉस्टर होम बदल चुकी। जैन कम्युनिटी ने ‘सेव अरिहा’ कैंपेन चलाया। धारा शाह ने मोदी को चिट्ठी लिखी। भारत ने कई बार अपील की, लेकिन जर्मनी नहीं माना।​

विदेश मंत्रालय सक्रिय। 2024 में तत्कालीन विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, एमईए और बर्लिन दूतावास प्रयासरत। पीएम मोदी ने अक्टूबर 2024 में ओलाफ शोल्ट्ज से बात की। अब मर्ज के दौरे पर फिर उठाया। मिस्री बोले, ‘परिवार का दर्द समझते हैं। हर कदम पर साथ। अरिहा को इंडियन एनवायरनमेंट दें- भारतीयों से मिलना, त्योहार मनाना, हिंदी सीखना।’ एडिशनल सेक्रेटरी (यूरोप) परिवार से रेगुलर कॉन्टैक्ट में।​

अरिहा की आंटी किंजल शाह ने अहमदाबाद में कहा, ‘कोर्ट ने माता-पिता को क्लियर कर दिया। वो कहीं जा सकते हैं, सिर्फ हमारी बेटी कैद। दोनों सरकारें बात करें।’ सेव अरिहा टीम ने मर्ज विजिट से पहले अपील की। सोशल मीडिया पर कैंपेन वायरल। जर्मनी का सिस्टम स्ट्रिक्ट- बच्चे का हित सर्वोपरि, फैमिली से अलग करना आम। भारत में फैमिली सेंट्रिक अप्रोच।​

अरिहा केस टाइमलाइन

  • सितंबर 17, 2021: हॉस्पिटल विजिट, डायपर ब्लीडिंग।
  • सितंबर 23, 2021: Jugendamt कस्टडी।
  • फरवरी 2022: पुलिस केस बंद, माता-पिता बरी।
  • 2023: कोर्ट ने फॉस्टर केयर जारी रखा।
  • 2024: मोदी-शोल्ट्ज बातचीत।
  • जनवरी 2026: मोदी-मर्ज मीटिंग।​

जर्मनी vs भारत: चाइल्ड वेलफेयर

पहलूजर्मनी (Jugendamt)भारत
अप्रोचस्टेट इंटरवेंशन, बच्चा पहलेफैमिली सेंट्रिक
अब्यूज केसतुरंत फॉस्टर केयरफैमिली काउंसलिंग
कल्चरल राइट्सलोकल इंटीग्रेशनपैरेंटल हेरिटेज
रिटर्न प्रोसेसकोर्ट अप्रूवल जरूरीएमेसी बनाम वेलफेयर 

भारत सरकार के प्रयास

  • डिप्लोमैटिक चैनल: दिल्ली-बर्लिन।
  • कल्चरल कनेक्शन: हिंदी, त्योहार।
  • फैमिली सपोर्ट: रेगुलर विजिट।
  • ह्यूमैनिटेरियन अपील।

परिवार की स्थिति

  • धारा-भावेश अहमदाबाद में।
  • महीने में दो बार मिलते।
  • जैन कम्युनिटी कैंपेन।
  • धारा की चिट्ठी मोदी को।

जर्मन सिस्टम की खासियत
Jugendamt बहुत पावरफुल। 2021 में 50,000+ बच्चे फॉस्टर में। इंडियन फैमिलीज के कई केस। प्राइवेसी स्ट्रिक्ट, माता-पिता नाम नहीं बताए। लेकिन अरिहा का हाई प्रोफाइल।

इंडियन डायस्पोरा इश्यू
यूरोप में 10+ ऐसे केस। भारत सरकार अलर्ट। जर्मनी के साथ व्यापार बढ़ा- 2025 में €25 बिलियन। डिप्लोमेसी में दबाव।

मानवीय पक्ष
5 साल की बच्ची संस्कृति से कटी। हिंदी नहीं बोलती? त्योहार नहीं मनाए? माता-पिता का दर्द। भारत कहता- बच्चे का हित परिवार में।

ग्लोबल इंपैक्ट
कस्टडी केस डिप्लोमेसी प्रभावित। जर्मन चांसलर का पहला भारत दौरा। ट्रेड, डिफेंस के बीच ह्यूमैन टच।

भविष्य की उम्मीद
मर्ज का जवाब आएगा। कोर्ट अपील? इंडियन फॉस्टर? सरकार हर कदम पर। अरिहा घर लौटे, ये प्रार्थना।

अरिहा केस ने दुनिया को सोचने पर मजबूर किया। बच्चे का हित क्या? संस्कृति का अधिकार? भारत जंग लड़ रहा। जीत की उम्मीद।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. बेबी अरिहा का केस क्या है?
    2021 में डायपर ब्लीडिंग पर जर्मनी ने फॉस्टर केयर में डाला। माता-पिता बरी, बच्ची नहीं लौटी।
  2. पीएम मोदी ने क्या किया?
    जर्मन चांसलर मर्ज से जनवरी 2026 में बात की। पहले शोल्ट्ज से।
  3. जर्मनी का स्टैंड क्या?
    कोर्ट ने नेग्लिजेंस मानकर फॉस्टर जारी रखा। Jugendamt कंट्रोल।
  4. भारत क्या कर रहा?
    मानवीय अपील, हिंदी-त्योहार कनेक्शन। एमईए सक्रिय।
  5. परिवार की हालत?
    अहमदाबाद में, महीने में दो बार मिलते। सेव अरिहा कैंपेन।

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