ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पांचवीं चिट्ठी लिखी। SIR रिवीजन में AI एरर से वोटर परेशान, 77 मौतें, 4 सुसाइड बBid, अमर्त्य सेन-शमी तक तलब। महिलाओं का अपमान, तुरंत बंद करो।
बंगाल वोटर लिस्ट पर ममता का गुस्सा: अमर्त्य सेन से लेकर शमी तक परेशान, क्या EC का राजनीतिक एजेंडा?
ममता बनर्जी का चुनाव आयोग को पांचवां पत्र: वोटर लिस्ट रिवीजन से बंगाल में हाहाकार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 12 जनवरी 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपनी पांचवीं चिट्ठी लिखी। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को वोटर डिलीशन का हथियार बताया। बोलीं, ‘EC अपने 20 साल के फैसलों को नकार रहा, वोटरों को दोबारा पहचान साबित करने पर मजबूर कर रहा। ये असंवैधानिक है।’ चिट्ठी में हाथ से लिखा नोट भी था- जवाब की उम्मीद नहीं, लेकिन ड्यूटी है रिकॉर्ड पर लाना।
SIR का दूसरा फेज चल रहा है। 2002 की वोटर लिस्ट को AI से डिजिटाइज किया, जिसमें भारी गलतियां हुईं। लाखों वोटरों को ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ में डाल दिया। इन्हें क्लेम्स-ऑब्जेक्शन फेज में सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा। ममता ने कहा, पहले क्वासी-ज्यूडिशियल हियरिंग से ठीक किया था, अब फिर से परेशान। ये एक्सक्लूजन का गेम लगता है।
मानवीय क्षति भयानक। 77 मौतें हो चुकीं, 4 सुसाइड अटेम्प्ट, 17 लोग बीमार हो अस्पताल पहुंचे। वजह- डर, धमकी, ओवरवर्क। गंगा सागर मेला चल रहा, पुलिस स्ट्रेच्ड, फिर भी EC ऑब्जर्वर्स के लिए सिक्योरिटी मांग रहा। ममता बोलीं, आम नागरिकों की सुरक्षा पहले।
प्रसिद्ध लोगों पर भी जुल्म। नोबेल विजेते अमर्त्य सेन, कवि जॉय गोस्वामी, एक्टर-एमपी दीपक अधिकारी (देव), क्रिकेटर मोहम्मद शामी, भारत सेवाश्रम संघ के महाराज को समन। ममता ने सवाल उठाया, ‘क्या ये EC की हिम्मत नहीं?’
महिलाओं के साथ बदसलूकी। शादी के बाद ससुराल गईं, सरनेम चेंज किया तो पहचान साबित करो। ममता बोलीं, ‘ये आधी आबादी का अपमान। क्या संवेदनशीलता शून्य?’ ऑब्जर्वर्स-माइक्रो ऑब्जर्वर्स बिना ट्रेनिंग के हैं, कुछ वोटरों को गाली देते, ‘एंटी-नेशनल’ कहते। राजनीतिक बायस साफ दिखता है।
ममता ने तुरंत बंद करने को कहा। बोलीं, ‘वोटरों और मशीनरी की पीड़ा खत्म करो। लोकतंत्र बचाओ।’ ये पांचवीं चिट्ठी है SIR शुरू होने के बाद। पहली में ऑब्जर्वर इश्यूज, दूसरी में ट्रेनिंग की कमी। EC चुप्पी साधे है।
SIR का बैकग्राउंड
EC ने SIR को क्लीन रोल के लिए शुरू किया। लेकिन बंगाल में विवाद। पहला फेज जनवरी 2025 में, दूसरा अब। AI टूल से 2002 लिस्ट डिजिटाइजेशन में नाम, DOB, पिता का नाम मिसमैच। लाखों को डाउटफुल।
प्रभावित आंकड़े
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| मौतें | 77 |
| सुसाइड अटेम्प्ट | 4 |
| अस्पताल | 17 |
| प्रसिद्ध लोग प्रभावित | अमर्त्य सेन, शमी, आदि |
ममता की चिट्ठियों की समयरेखा
- चिट्ठी 1: ऑब्जर्वर बायस।
- चिट्ठी 2: ट्रेनिंग की कमी।
- चिट्ठी 3: SIR का डिलीशन एजेंडा।
- चिट्ठी 4: AI एरर्स।
- चिट्ठी 5 (12 जनवरी): ह्यूमन कॉस्ट।
प्रभावित हस्तियां
- अमर्त्य सेन: नोबेल विजेता।
- जॉय गोस्वामी: कवि।
- दीपक अधिकारी: एक्टर-एमपी।
- मोहम्मद शामी: क्रिकेटर।
- सेवाश्रम महाराज।
EC का पक्ष
EC कहता है SIR सुधार के लिए। लेकिन ममता आरोप लगाती हैं- BJP फेवर, TMC वोटर कट। बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव नजदीक।
राजनीतिक कोण
ममता इसे BJP का कंस्पिरेसी बताती। EC केंद्र के अधीन। बंगाल में TMC मजबूत, रोल रिवीजन से फायदा BJP को? गंगा सागर पर फोकस डायवर्ट।
महिलाओं की समस्या
शादी के बाद नाम चेंज कॉमन। फिर भी समन। सोशल सेंसिटिविटी जीरो। EC को समझना चाहिए।
ऑब्जर्वर्स की शिकायतें
पिछले विवाद
2024 लोकसभा में भी SIR पर रार। ममता ने तब कहा था वोटर सप्रेशन। EC ने क्लीन रोल का दावा। लेकिन कोर्ट में चैलेंज।
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर ममता को सपोर्ट। #SaveBengalVoters ट्रेंडिंग। विपक्ष चुप, BJP ने EC का बचाव।
क्या होगा आगे
EC जवाब देगा? SIR रद्द? बंगाल चुनाव प्रभावित? ममता की चिट्ठियां हाईकोर्ट जा सकतीं। लोकतंत्र का सवाल।
वोटर रिवीजन का महत्व
क्लीन लिस्ट जरूरी, लेकिन परेशानी बर्दाश्त नहीं। AI यूज में सावधानी बरतें। ट्रेनिंग दें। संवेदनशीलता रखें। ममता ने सही उठाया मुद्दा।
ये विवाद बंगाल की राजनीति को नया मोड़ देगा। EC की निष्पक्षता सवालों के घेरे में। वोटरों का दर्द खत्म कब होगा?
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- वोटर लिस्ट क्लीन करने का EC कैंपेन। बंगाल में दूसरा फेज। - ममता ने EC को कितनी चिट्ठियां लिखीं?
पांचवीं 12 जनवरी को। हर बार नई शिकायतें। - कितनी मौतें हुईं SIR से?
77 मौतें, 4 सुसाइड अटेम्प्ट, 17 हॉस्पिटल। - किस-किस को समन मिला?
अमर्त्य सेन, शमी, जॉय गोस्वामी, देव आदि। - महिलाओं की क्या समस्या?
शादी के बाद सरनेम चेंज पर पहचान साबित करो।
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