पश्चिम बंगाल में SIR वोटर लिस्ट रिवीजन से दो मौतें। लक्ष्मीकांत राय बाजार में गिरे, अनीता बिस्वास स्ट्रोक से गईं। ममता बोलीं- 77 मौतें, EC पर हमला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार।
वोटर लिस्ट से नाम गायब, चिंता से हार्ट अटैक: बंगाल के दो मासूमों की ट्रेजिक कहानी
पश्चिम बंगाल में SIR चिंता से दो मौतें: वोटर लिस्ट रिवीजन का खौफनाक खेल
पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) वोटर लिस्ट के नाम पर दो मासूम जिंदगियां छिन गईं। सोमवार को उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज में दैनिक मजदूर लक्ष्मीकांत राय बाजार में गिर पड़े, जबकि उत्तर 24 परगना के बसिरहाट में बुजुर्ग महिला अनीता बिस्वास स्ट्रोक से चल बसीं। दोनों परिवारों ने SIR नोटिस और सुनवाई की चिंता को मौत का कारण बताया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर 77 मौतें, 4 सुसाइड अटेम्प्ट और 17 बीमारियों का दावा किया।
कालीगंज की घटना सबसे दर्दनाक। 50 पार के लक्ष्मीकांत राय बोचदंगा चंदोल गांव के रहने वाले थे। धनकैली बाजार में भीड़ के बीच अचानक गिर पड़े। कालीगंज स्टेट जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम चल रहा। बेटे हीरू राय ने कहा, ‘पापा को SIR सुनवाई का नोटिस मिला। 2002 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं। 19 जनवरी को बीडीओ के पास हाजिर होना था। नोटिस मिलने के बाद खाना-पीना छोड़ दिया, काम पर नहीं गए। वोट खोने का डर सता रहा था।’ ट्रिनामूल नेता निताई वैष्णव ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया, बीजेपी यूथ लीडर गौरंगा दास ने राजनीतिक साजिश कहा।
दूसरी घटना बदुरिया की। 60 पार की अनीता बिस्वास का नाम 1995 की लिस्ट में था, लेकिन 2002 वाली में गायब। बेटे काशीनाथ ने बताया, ‘5 जनवरी को सुनवाई में गए, डॉक्यूमेंट जमा किए। कोई आश्वासन नहीं मिला। 7 जनवरी को स्ट्रोक पड़ा, बसिरहाट हॉस्पिटल में रविवार रात निधन।’ परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा। अधिकारी कहते हैं मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहेंगे।
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा। कहा, SIR से डर, धमकी और बिना प्लानिंग के काम से 77 मौतें हुईं। BLOs पर बोझ पड़ा। उधर कोलकाता में BLO राइट्स प्रोटेक्शन कमिटी ने राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पर प्रदर्शन किया। मृत BLO परिवार संग पहुंचे, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश में पुलिस से झड़प। उन्होंने मुआवजे की मांग रखी, मीटिंग की अपील की।
SIR क्या है? चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चलाया। 2002 वाली Qualifying Date पर नाम चेक। जिनका नाम नहीं या संदिग्ध, उन्हें नोटिस। सुनवाई में साबित करना पड़ता कि नागरिक हैं। लेकिन ग्रामीण इलाकों में डर फैल गया। लोग सोचते हैं वोटिंग राइट चला जाएगा। दस्तावेज जुटाना मुश्किल।
पहले भी ऐसी घटनाएं। मालदा में BLO सम्प्रीता चौधरी की मौत, परिवार ने SIR प्रेशर बताया। पुरुलिया में 82 साल के बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड किया। कैसेरा में 75 साल के जमाल अली को नोटिस मिला, रात में मौत। कल्याणी में 72 के जहांलाल महतो हार्ट अटैक से गए। नादिया में बुजुर्ग ने खाना छोड़ दिया। कुल 77 मौतों का आंकड़ा डरावना।
राजनीतिक जंग तेज। TMC चिल्ला रही- EC BJP का इंस्ट्रूमेंट। बीजेपी कहती- झूठी प्रोपेगैंडा। लेकिन परिवारों का दर्द सच्चा। ग्रामीण मजदूर, बुजुर्ग महिलाएं- इनके लिए वोटर लिस्ट जिंदगी-मौत का सवाल बन गई।
SIR प्रक्रिया की समयरेखा
- नवंबर 2025: SIR शुरू।
- दिसंबर: पहली मौतें, सुसाइड।
- जनवरी 2026: 77 मौतें, 4 सुसाइड अटेम्प्ट।
- 19 जनवरी तक: सुनवाइयां चलेंगी।
मुख्य घटनाएं तालिका
| जिला | नाम | कारण | तारीख |
|---|---|---|---|
| कालियागंज | लक्ष्मीकांत राय | बाजार में कोलैप्स | 12 जनवरी |
| बसिरहाट | अनीता बिस्वास | स्ट्रोक | 11 जनवरी रात |
| मालदा | सम्प्रीता चौधरी | BLO स्ट्रेस | 7 जनवरी |
| पुरुलिया | 82 वर्षीय | सुसाइड | दिसंबर |
BLO प्रदर्शन के मुद्दे
ममता का पत्र मुख्य बिंदु
EC का पक्ष
ग्रामीणों की परेशानी
ऐसे अभियानों का इतिहास
पहले भी स्पेशल रिवीजन हुए, लेकिन इतना विवाद नहीं। बंगाल में राजनीति गर्म। TMC चुनाव से पहले EC पर हमला। लेकिन मौतें तो हो रही। सुधार जरूरी- हेल्पलाइन, आसान प्रक्रिया।
सरकार क्या करे?
- BLO को ट्रेनिंग, मुआवजा।
- परिवारों को मदद।
- ट्रांसपेरेंट प्रोसेस।
- डर दूर करने कैंपेन।
ये सिर्फ दो मौतें नहीं, सिस्टम की कमजोरी की कहानी। वोटर लिस्ट साफ होनी चाहिए, लेकिन जिंदगियां न जाएं। ममता सही कहें या गलत, परिवारों का गम कम न होगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सच्चाई खुलेगी। तब तक सतर्क रहें।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- SIR क्या होता है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- वोटर लिस्ट 2002 क्वालीफाइंग डेट पर चेक। संदिग्ध नाम नोटिस। - लक्ष्मीकांत राय की मौत का कारण?
परिवार कहता SIR नोटिस की चिंता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेंडिंग। - ममता ने कितनी मौतें बताईं?
77 मौतें, 4 सुसाइड अटेम्प्ट, 17 बीमार। CEC को पत्र। - BLO क्यों प्रदर्शन कर रहे?
काम का प्रेशर, मृतकों को मुआवजा नहीं। - क्या EC मान रहा जिम्मेदारी?
नहीं, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार। राजनीतिक आरोप खारिज।
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