ED ने सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी पर अवरोध का पैटर्न बताते हुए CBI जांच मांगी। I-PAC कोयला घोटाले में छापे के दौरान सबूत छीन लिए। संविधान का अपमान, राज्य पुलिस दुरुपयोग। पूरी जानकारी।
ममता का कानून तोड़ने का पैटर्न: ED का सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी, राज्य पुलिस का दुरुपयोग बंद करो!
ममता बनर्जी पर ED का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा हमला: संविधान का अपमान, जांच में बाधा डालने का पैटर्न
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ धमाकेदार याचिका दायर की है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि ममता ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तरों पर छापेमारी के दौरान खुद घुसकर सबूत छीन लिए और राज्य पुलिस का दुरुपयोग कर केंद्र की जांच रोकी। ED ने इसे ‘संविधान का अपमान’ बताते हुए CBI जांच की मांग की है। मामला 2742 करोड़ के अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का है।
घटना 8 जनवरी की है। ED को I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर 20 करोड़ के संदिग्ध फंड्स के सबूत मिले। तभी ममता बनर्जी चीफ सेक्रेटरी, DGP राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर के साथ अचानक पहुंच गईं। ED के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों को धमकाया, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छीन लीं। सर्च ऑपरेशन रोक दिया। मीडिया के सामने ये सब हुआ, जिसे ED ने ‘कानून का तमाशा’ कहा। सबूत PMLA के तहत पहले ही जब्त हो चुके थे।
ED की याचिका में साफ कहा गया कि ये पहली बार नहीं। ममता ने ‘कानून हाथ में लेने का पैटर्न’ बना लिया है। जब भी जांच उनके खिलाफ जाती है, राज्य मशीनरी लग जाती। कोलकाता हाई कोर्ट में भी TMC समर्थकों ने हंगामा कर सुनवाई रुकवाई। व्हाट्सएप ग्रुप्स से भीड़ जुटाई। उसके बाद ED अधिकारियों पर कई FIR दर्ज। ED बोली- लोकल पुलिस पर भरोसा नहीं, वही आरोपी हैं। ललिता कुमारी जजमेंट के तहत FIR जरूरी।
ममता ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। कहा ED का दुरुपयोग हो रहा। TMC ने भी हाई कोर्ट में ED को पार्टी से जुड़ी जानकारी लीक न करने का निर्देश मांगा। लेकिन हाई कोर्ट ने 9 जनवरी को हंगामे के कारण सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी। ED ने सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 32 के तहत इमरजेंसी हस्तक्षेप मांगा। बोलीं- ये दुर्लभ केस है जहां सुप्रीम कोर्ट को केंद्र एजेंसी की ताकत बचानी होगी।
I-PAC कोलकाता कोयला घोटाले का केंद्र है। अवैध खनन से 2742 करोड़ की कमाई, मनी लॉन्ड्रिंग। I-PAC ने प्रतीक जैन के जरिए फंड्स रिसीव किए। ED को डिजिटल और फिजिकल प्रूफ मिले। ममता के हस्तक्षेप से वो गायब। राज्य पुलिस ने FIR के बहाने CCTV कैमरे जब्त कर सबूत नष्ट किए। ये BNS के तहत चोरी, पब्लिक सर्वेंट अवरोध जैसे अपराध।
ED ने वेस्ट बंगाल में ममता सरकार के खिलाफ कई केस चलाए:
| केस का नाम | राशि (करोड़) | स्टेटस |
|---|---|---|
| अवैध कोयला खनन (I-PAC) | 2742 | जांच जारी |
| कटे स्मगलिंग | 400+ | चार्जशीट |
| स्कूल जॉब्स घोटाला | 100+ | कोर्ट में |
| MGNREGA फंड्स | 500+ | रेड्स जारी |
ममता के हस्तक्षेप की समयरेखा
- 8 जनवरी: ED की I-PAC पर छापेमारी शुरू।
- उसी दिन: ममता, DGP, कमिश्नर पहुंचे, सबूत छीने।
- 9 जनवरी: हाई कोर्ट में हंगामा, सुनवाई टली।
- 13 जनवरी: ED की सुप्रीम कोर्ट याचिका।
राज्य vs केंद्र टकराव
ED-PMLA केंद्र के अधीन। राज्य पुलिस दखल न दे। लेकिन बंगाल में पैटर्न: रेड पर हंगामा, FIR, ट्रांसफर डिमांड। ED बोली- ये फ्यूचर जांचों को डराएगा। सुप्रीम कोर्ट से मांग- CBI FIR, सबूत लौटाओ, कार्रवाई करो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी ने कहा- ममता कानून से ऊपर। कांग्रेस ने ED का दुरुपयोग का आरोप लगाया। TMC बोली- राजनीतिक रेड। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ये जंग तेज।
पिछले विवाद
- संदीप सिंह मामले में DGP राजीव कुमार पर ED ने CBI रेड की मांग की।
- शुभेंदु अधिकारी केस में राज्य पुलिस का दखल।
- कोयला, जॉब्स घोटालों में लगातार टकराव।
कानूनी पहलू
ED की याचिका आर्टिकल 32 के तहत। सुप्रीम कोर्ट अगर CBI को FIR का आदेश दे तो बड़ा झटका। ललिता कुमारी: संज्ञेय अपराध पर FIR जरूरी। ममता ट्रेंड लॉयर हैं, खुद लड़ सकती हैं।
इंडस्ट्री इंपैक्ट
I-PAC राजनीतिक कंसल्टेंसी है, कई पार्टियों को सर्विस। इस केस से सियासी फंडिंग जांच तेज। कोयला माफिया पर नजर।
लोग क्या कह रहे
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो। ED सपोर्टर्स vs TMC। बंगाल में कानून व्यवस्था पर बहस।
ED का सुप्रीम कोर्ट जाना बंगाल पॉलिटिक्स बदल सकता। ममता का जवाब? कोर्ट का फैसला? 14 जनवरी हाई कोर्ट सुनवाई। इंतजार।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ED ने ममता पर क्या आरोप लगाया?
I-PAC छापे में हस्तक्षेप, सबूत छीनना, पुलिस दुरुपयोग। कानून हाथ में लेना। - I-PAC कोयला घोटाला क्या है?
2742 करोड़ अवैध खनन मनी लॉन्ड्रिंग। प्रतीक जैन को 20 करोड़ फंड्स। - सुप्रीम कोर्ट से ED ने क्या मांगा?
CBI FIR, सबूत लौटाना, जांच सुरक्षा। - ममता क्या कर रही?
राजनीतिक रेड बताकर बचाव। हाई कोर्ट में ED पर रोक की मांग। - हाई कोर्ट सुनवाई कब?
14 जनवरी 2026 को।
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