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बंगाल में निपाह अलर्ट: 19 साल बाद फिर लौटा खूंखार वायरस, दो नर्स क्रिटिकल, केंद्र ने भेजी टीम!

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Nipah virus West Bengal, suspected Nipah cases 2026
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पश्चिम बंगाल के बरासत में दो नर्सों को निपाह वायरस संदिग्ध, दोनों क्रिटिकल। केंद्र ने रिस्पॉन्स टीम भेजी। लक्षण, बचाव और उपचार की पूरी जानकारी। 75% तक मौत दर वाली इस बीमारी से कैसे बचें? 

निपाह का डर: उत्तर 24 परगना में हाई अलर्ट, लक्षण क्या हैं और कैसे बचें इस घातक संक्रमण से?

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का अलर्ट: दो नर्स क्रिटिकल, केंद्र ने भेजी विशेषज्ञ टीम

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का खतरा मंडराने लगा है। उत्तर 24 परगना के बरासत में एक प्राइवेट हॉस्पिटल की दो नर्सों- एक पुरुष और एक महिला- को निपाह का संदिग्ध संक्रमण हो गया। दोनों की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है और वो वेंटिलेटर पर हैं। सैंपल कलयानी AIIMS के ICMR लैब में टेस्ट हुए, जहां प्रीलिमिनरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एक नर्स नादिया जिले की रहने वाली है, दूसरी पूर्व बर्धमान के काटवा की। दोनों हाल ही में पूर्व बर्धमान गई थीं काम के सिलसिले में। ये मामला 11 जनवरी 2026 को सामने आया।​​

केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। यूनियन हेल्थ मिनिस्टर जगत प्रकाश नड्डा ने ममता बनर्जी से फोन पर बात की और फुल सपोर्ट का भरोसा दिया। नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम भेजी गई, जिसमें NIV पुणे, NIE चेन्नई, AIIMS कलयानी और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स शामिल। स्टेट चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती ने नबanna में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। नॉर्थ 24 परगना, पूर्व बर्धमान और नादिया में सर्विलांस तेज। हाई रिस्क कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग चल रही है।​​

निपाह वायरस जोनोटिक बीमारी है, जो चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। फ्रूट बैट्स (मेगाबैट) मुख्य कैरियर। संक्रमित फल, खजूर की टट्टी या सुअर के जरिए ट्रांसमिट। इंसान से इंसान ड्रॉपलेट्स से। WHO के मुताबिक मोर्टेलिटी रेट 40-75%। भारत में केरल सबसे ज्यादा प्रभावित- 2018 में 17 मौतें। बंगाल में आखिरी बार 2007 में सिलीगुड़ी में 5 केस। फिलहाल कोई वैक्सीन या स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं, सिर्फ सपोर्टिव केयर। मॉनोक्लोनल एंटीबॉडीज ट्रायल में हैं।​

लक्षण शुरू में फ्लू जैसे- बुखार, सिरदर्द, मांसपेशी दर्द। 3-14 दिन बाद इंसेपलाइटिस- भ्रम, दौरा, कोमा। सांस लेने में दिक्कत। इंक्यूबेशन पीरियड 4-14 दिन। ICMR-NIV पुणे ही कन्फर्मेशन करता है। बंगाल सरकार ने स्क्रीनिंग, आइसोलेशन, PPE पर जोर दिया।​

निपाह का इतिहास भारत में

  • 2001: सिलीगुड़ी- 45 मौतें।
  • 2007: बंगाल- 5 केस।
  • 2018-2023: केरल में 6 आउटब्रेक, 50+ मौतें।
  • 2026: बंगाल के 2 संदिग्ध।
    कुल मिलाकर 100+ केस, हाई फैटेलिटी।

निपाह वायरस फैक्ट्स टेबल

विवरणजानकारी
फैटेलिटी रेट40-75% (WHO) 
मुख्य सोर्सफ्रूट बैट्स (प Pteropus)
ट्रांसमिशनसंक्रमित फल, सुअर, इंसान-इंसान
इंक्यूबेशन4-14 दिन
टेस्टिंग लैबICMR-NIV पुणे
ट्रीटमेंटसपोर्टिव (रिकवरी रेट 93% अगर माइल्ड)

लक्षण और चरण

  • दिन 1-4: फ्लू- बुखार, खांसी, थकान।
  • दिन 5-10: न्यूरोलॉजिकल- सिरदर्द, चक्कर, दौरा।
  • गंभीर: कोमा, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस।
    बचाव: बीमार जानवरों से दूर, कच्चे फल न खाएं, मास्क।

आयुर्वेदिक नजरिया
आयुर्वेद में इसे ‘कफ विकार’ से जोड़ा जाता। तुलसी, गिलोय, हल्दी इम्यूनिटी बूस्ट। लेकिन साइंस प्रायोरिटी। ICMR कहता- हाइजीन सबसे बड़ा हथियार।

बचाव के आसान उपाय

  • कच्चे डेट/जूस न पिएं, उबालें।
  • चमगादड़ क्षेत्रों से दूर।
  • हाथ धोएं, मास्क पहनें।
  • बीमार होने पर आइसोलेट।
  • सुअर मांस अच्छे से पकाएं।
    ये छोटे स्टेप्स जान बचा सकते।

क्या होगा अगला?
सैंपल NIV पुणे जा रहे। अगर कन्फर्म, कंटेनमेंट जोन। बंगाल ने 2007 का अनुभव इस्तेमाल किया। केंद्र-राज्य कोऑर्डिनेशन अच्छा। पैनिक न करें, अलर्ट रहें।

निपाह से बचाव की चेकलिस्ट

  • फल धोकर खाएं।
  • ओवररीप फ्रूट अवॉइड।
  • जानवरों से दूरी।
  • बुखार आने पर डॉक्टर।
  • कम्युनिटी सर्विलांस।

ये केस बंगाल के लिए चेतावनी। जल्दी डिटेक्शन से कंट्रोल संभव। ICMR और WHO गाइडलाइंस फॉलो।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. निपाह वायरस कैसे फैलता है?
    चमगादड़ों से संक्रमित फल, सुअर या ड्रॉपलेट्स से। इंसान-इंसान रिस्पिरेटरी से।
  2. बंगाल केस की पुष्टि कब?
    प्रीलिमिनरी पॉजिटिव कलयानी AIIMS। NIV पुणे फाइनल टेस्ट।​
  3. निपाह के लक्षण क्या?
    फ्लू, फिर इंसेपलाइटिस- बुखार, दौरा, कोमा।
  4. बचाव के तरीके?
    कच्चा फल न खाएं, हाथ धोएं, आइसोलेशन। कोई वैक्सीन नहीं।
  5. भारत में कितने आउटब्रेक?
    केरल में ज्यादातर। बंगाल 2007 के बाद पहला

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