JNU में 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के Umar Khalid-Sharjeel Imam बेल रिजेक्ट पर छात्रों ने मोदी-शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। दिल्ली CM रेखा गुप्ता बोलीं- देश स्तब्ध, राष्ट्रविरोधी हरकत शर्मनाक। FIR दर्ज, जांच तेज।
मोदी-शाह को कब्र की धमकी? JNU कैंपस में जो नारे हुए, देश हिल गया- दिल्ली CM अलर्ट
JNU में फिर सनसनी: मोदी-शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे, दिल्ली CM का देश को झकझोरने वाला बयान
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार वजह और भी गंभीर है। 5 जनवरी 2026 को कैंपस में कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक नारे लगाए। ये प्रोटेस्ट सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ था, जिसमें 2020 दिल्ली दंगों के साजिश मामले में पूर्व JNU छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल याचिका खारिज कर दी गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘JNU जैसी घटनाओं’ का नाम देकर पूरे देश को स्तब्ध बताया। उन्होंने कहा कि दंगा आरोपियों और ‘आतंकियों’ के लिए बेल की मांग करना, राष्ट्र के खिलाफ बोलना शर्मनाक है।
ये घटना रविवार रात सबरमती हॉस्टल के बाहर हुई। JNUSU ने 5 जनवरी 2020 की कैंपस हिंसा की छठी वर्षगांठ मनाने के नाम पर कैंडल लाइट विगिल बुलाई थी। शुरू में शांतिपूर्ण रही, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हवा बदल गई। वीडियो में छात्र चिल्लाते सुनाई दिए- ‘मोदी-शाह की कबर खुदेगी JNU की धरती पर’ जैसे भड़काऊ नारे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद BJP नेता, ABVP और DUSU ने तीखी निंदा की। JNU प्रशासन ने तुरंत वसंत कुंज पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दिल्ली पुलिस ने FIR ठोंकी- भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने का इरादा), 353(1) (लोकउपद्रव फैलाने वाले बयान) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत। JNU सिक्योरिटी चीफ की शिकायत पर केस दर्ज। यूनिवर्सिटी ने प्रॉक्टोरियल इंक्वायरी शुरू की। रिपोर्ट में कहा गया- 30-35 छात्र थे, नारे जानबूझकर दोहराए गए, कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ा। ये हेट स्पीच है, कैंपस हार्मनी बिगाड़ने वाली। पुलिस वीडियो वेरिफाई कर रही, कानूनी राय ले रही। संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर CM रेखा गुप्ता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा- ‘देश युवाओं से उम्मीद रखता है, वो राष्ट्र को आगे ले जाएं। लेकिन JNU जैसी घटनाएं देखकर स्तब्ध हैं। दंगा आरोपी और आतंकी समर्थन, अशोभनीय नारे- ये दुर्भाग्यपूर्ण।’ दिल्ली शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने इसे ‘राष्ट्र के खिलाफ’ करार दिया, सेडिशन का मामला बताया। DUSU ने कहा- JNU एंटी-नेशनल साजिशों का अड्डा नहीं बनेगा। संविधान के साथ खड़े हो। ABVP ने लेफ्ट ग्रुप्स पर हमला बोला। BJP मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली।
JNUSU ने सफाई दी- प्रोटेस्ट को गलत रंग दिया गया। हम शांतिपूर्ण आंदोलन के पक्षधर। 2020 हिंसा के खिलाफ विगिल था। लेकिन रिपोर्ट कहती है नारे साफ सुनाई दिए, इरादतन। JNU का इतिहास विवादों से भरा- 2019 कथित एंटी-सीएए नारे, 2020 हमला। हर बार पुलिस केस, कोर्ट। सुप्रीम कोर्ट ने उमर-शरजील की बेल डिनाय कर दी, कहा सबूत मजबूत। 2020 दंगे में 53 मौतें, साजिश का केस।
JNU विवादों की समयरेखा
- 2019: कथित ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नारे, अर्नब गोस्वामी कनेक्शन।
- 5 जनवरी 2020: कैंपस हमला, 30+ घायल।
- 2020 दिल्ली दंगे: उमर खालिद, शरजील इमाम आरोपी।
- 5 जनवरी 2026: मोदी-शाह नारे, FIR।
प्रमुख प्रतिक्रियाएं
कानूनी धाराएं
2020 दंगों का बैकग्राउंनड
दिल्ली दंगे CAA-NRC प्रोटेस्ट से भड़के। उमर खालिद, शरजील इमाम पर चॉरी साजिश। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सबूत चेन पूरी। बेल रिजेक्ट। JNU कनेक्शन पुराना।
राजनीतिक कोण
BJP इसे एंटी-नेशनल बताकर हमला। विपक्ष फ्री स्पीच की बात। लेकिन कोर्ट ने साफ- डिसेंट और हेट स्पीच अलग। यूनिवर्सिटी ने हार्मनी पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर #JNUShame ट्रेंडिंग।
युवाओं के लिए संदेश
राष्ट्रीय युवा दिवस पर CM ने कहा- युवा राष्ट्रनिर्माता। लेकिन फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब हिंसा भड़काना नहीं। कैंपस में शांति जरूरी। डिबेट हो, लेकिन देशभक्ति न भूलें।
ऐसे विवादों से सीख
- नारे लगाने से पहले सोचें, कानून सख्त।
- डिसेंट vs हेट स्पीच की लाइन समझें।
- यूनिवर्सिटी कैंपस डिबेट का जगह, साजिश का नहीं।
- FIR के बाद इंक्वायरी तय करेगी।
JNU का ये चैप्टर फिर साबित करता है कि कैंपस पॉलिटिक्स संवेदनशील। देश एकता चाहता है। क्या छात्र सुधरेंगे? वक्त बताएगा। लेकिन युवा शक्ति को गलत रास्ते न ले जाएं।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- JNU प्रोटेस्ट में कौन से नारे लगे?
मोदी-शाह के खिलाफ भड़काऊ, जैसे ‘कबर खुदेगी JNU धरती पर’। सुप्रीम कोर्ट फैसले पर। - दिल्ली CM ने क्या कहा?
देश JNU जैसी घटनाओं से स्तब्ध। दंगा आरोपी-आतंकी समर्थन शर्मनाक। - पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
FIR दर्ज- BNS धारा 352,353(1),3(5)। वीडियो जांच, इंक्वायरी। - JNUSU का स्टैंड क्या?
प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण, मिसकैरेक्टराइज्ड। 2020 हिंसा विगिल। - DUSU-ABVP ने क्यों निंदा की?
एंटी-नेशनल, संविधान विरोधी। सख्त एक्शन की मांग।
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