राजस्थान के शेरगढ़ में आशापुरा माता मंदिर से 25 हजार, टीवी, माइक चोरी करने वाला 68 साल का बरकत खान 50वीं बार गिरफ्तार। अजमेर जेल से फरार था। 1984 से 50 केस, 10 साल जेल काट चुका। पूरी डिटेल्स।
1984 से चोरी का सिलसिला: राजस्थान पुलिस ने पकड़ा 50 बार का चोर, मंदिर से 25 हजार उड़ाए!
राजस्थान का सीरियल चोर बरकत खान: 68 साल में 50वीं चोरी, जेल से भागकर मंदिर लूटा
राजस्थान के बाड़मेर जिले के शेरगढ़ इलाके में एक ऐसी खबर सामने आई जो पुलिस और ग्रामीणों को हैरान कर गई। 68 साल के बुजुर्ग बरकत खान उर्फ बाबू को आशापुरा माता जी मंदिर से चोरी के आरोप में 50वीं बार गिरफ्तार किया गया। ये चोर इतना कुख्यात है कि जेल उसके लिए पुराना घर बन चुका। अजमेर जेल से फरार होकर वो सोइंत्रा गांव के मंदिर पर धावा बोल दिया। पुलिस ने रात की गश्त में उसे पकड़ लिया।
चोरी का माल देखकर लगेगा कि छोटा-मोटा काम था, लेकिन अपराधी का इतिहास बड़ा। मंदिर के सेफ से 25 हजार रुपये नकद, माइक सेट, एलईडी टीवी और चांदी का छत्र चुराया। मंदिर पर पिछले एक महीने में दो बार चोरी हुई थी। ग्रामीण रातें जागकर पहरा दे रहे थे। एसएचओ बुधा राम ने बताया कि रात गश्त के दौरान संदिग्ध बाबू मंदिर परिसर घूमता पकड़ा गया। उसके पास से चोरी का कुछ माल बरामद हो गया। साथियों की तलाश जारी।
बरकत खान पचपदरा का रहने वाला है। 1984 में पहला केस दर्ज, तब से 50 मुकदमे। ज्यादातर चोरी, लूट। 10 साल से ज्यादा जेल काट चुका। लेकिन सुधार का नामोनिशान नहीं। अजमेर जेल से भागा, सीधा शेरगढ़ पहुंचा। थानेदार बोले, ये आदतन अपराधी है। अब फिर जेल की हवा खाएगा। गांव वाले राहत महसूस कर रहे, लेकिन सतर्क।
ऐसे सीरियल चोरों का मनोविज्ञान क्या? क्रिमिनोलॉजिस्ट कहते हैं लत लग जाती है। बचपन गरीबी, फिर छोटी चोरी, आदत। बाबू जैसे बूढ़े अपराधी रिटायर नहीं होते। राजस्थान में मंदिर चोरी बढ़ रही। ग्रामीण इलाकों में सीसीटीवी कम, सेफ साधारण। चोर आसानी से लूट ले जाते।
राजस्थान पुलिस ने सिक्योरिटी बढ़ाई। नाइट पेट्रोलिंग तेज, संदिग्धों पर नजर। शेरगढ़ थाने ने स्पेशल टीम बनाई। क्या बाबू के साथी बाहर हैं? पूछताछ से पता चलेगा।
बरकत खान का अपराध इतिहास: समयरेखा
- 1984: पहला चोरी केस, करियर शुरू।
- 1990s-2000s: दर्जनों केस, जेल अक्सर।
- 2010s: 30+ केस, 10 साल जेल।
- 2025: अजमेर जेल फरार।
- जनवरी 2026: 50वां केस, मंदिर लूट।
राजस्थान में प्रमुख मंदिर चोरियां (हालिया)
सीरियल चोरों के प्रकार
- बुजुर्ग चोर: जैसे बाबू, अनुभव से चतुराई।
- गैंग: इंटर-स्टेट, बड़े हाईस्ट।
- लोकल: छोटे मंदिर टारगेट।
- तरीका: सेफ ब्रेक, डोनेशन बॉक्स चेक (कॉइन साउंड से)।
पचपदरा से शेरगढ़ कैसे?
बाबू पैदल या लोकल ट्रांसपोर्ट से। जेल फरार के बाद भूखा-प्यासा, आसान टारगेट मंदिर। चांदी छत्र बेचने का इरादा। पुलिस रिकवर कर चुकी।
प्रभावित ग्रामीण
सोइंत्रा गांव वाले डरे थे। माता जी का मंदिर आस्था केंद्र। चोरी से रोष। अब पुलिस पर भरोसा। नाइट वॉच बढ़ाए।
पुलिस की रणनीति
क्यों नहीं सुधरते?
- फैमिली सपोर्ट न होना।
- रिहैब न मिलना।
- आसान कमाई।
जेल सुधार जरूरी।
राजस्थान क्राइम ट्रेंड
बाबू का 50वां केस राजस्थान पुलिस का रिकॉर्ड। 42 साल का सफर। क्या अब सुधरेगा? या 51वें का इंतजार? समाज सोचे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- बरकत खान ने क्या चुराया?
मंदिर सेफ से 25 हजार रुपये, माइक सेट, एलईडी टीवी, चांदी का छत्र। - उस पर कितने केस हैं?
50 मुकदमे, पहला 1984 का। 10+ साल जेल काटी। - जेल से कैसे भागा?
अजमेर जेल से हाल ही फरार। डिटेल्स जांच में। - पुलिस ने कैसे पकड़ा?
रात गश्त में मंदिर परिसर घूमता हुआ। माल बरामद। - साथी हैं क्या?
पूछताछ जारी। कुछ सुराग मिले।
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