राजस्थान सरकार ने सहज रिटेल के साथ पार्टनरशिप की, e-मित्रा को 13 जिलों में बढ़ाया। 73,000+ सेंटर्स पर बिल पेमेंट, सर्टिफिकेट, योजनाएं आसान। गांवों में डिजिटल सेवाएं, लोकल ऑपरेटर्स को कमाई का मौका।
e-मित्रा अब सुपरपावर: सहज पार्टनरशिप से 73,000 सेंटर्स पर बिल पेमेंट से लेकर सर्टिफिकेट तक!
राजस्थान e-मित्रा का नया अवतार: सहज संग 13 जिलों में डिजिटल सेवाओं का जलवा
राजस्थान सरकार ने डिजिटल इंडिया को ग्रामीण स्तर पर उतारने का बड़ा कदम उठाया है। राजकॉम्प इंफो सर्विसेज लिमिटेड (RISL) के जरिए सहज रिटेल के साथ पार्टनरशिप हुई है। सहज कनोरिया फाउंडेशन की पहल है, जो अब राज्य के 73,000 से ज्यादा e-मित्रा सेंटर्स पर अपनी B2C सेवाएं जोड़ेगी। ये सौदा जयपुर और अजमेर डिवीजनों के 13 जिलों में लागू होगा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिल भुगतान, सर्टिफिकेट, लाइसेंस जैसी सरकारी सेवाएं पहले से ही e-मित्रा से मिल रही हैं, लेकिन अब ये और विस्तार पाएंगी।
e-मित्रा राजस्थान का डिजिटल दोस्त है। 2015 से चल रहा ये प्लेटफॉर्म सरकारी योजनाओं को घर-द्वार पहुंचाता है। भामाशाह योजना के तहत महिलाएं बायोमेट्रिक से पेंशन, मनरेगा पैसे निकालती हैं। मोबाइल रिचार्ज, पेटीएम वॉलेट, ऑक्सीजन वॉलेट जैसी प्राइवेट सर्विसेज भी। एक स्टोरी सुनें- जोधपुर के रामलाल गांव में श्यामा बाई e-मित्रा चलाती हैं। पहले महीने 15 हजार कमाई, अब 25 हजार तक पहुंच गई। सरकार का लक्ष्य लास्ट-माइल डिलीवरी मजबूत करना, देरी खत्म करना।
सहज रिटेल कौन? कनोरिया फाउंडेशन की ये कंपनी ग्रामीण भारत को डिजिटल बनाती है। 25 राज्यों में 50,000+ सेंटर्स। बैंकिंग, इंश्योरेंस, टिकटिंग जैसी B2C सर्विसेज। राजस्थान में ये e-मित्रा को सुपरचार्ज करेगी। जयपुर, अजमेर के अलावा सीकर, झुंझुनू, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी, कोटा समेत 13 जिले कवर। इससे लोकल उद्यमियों को नई कमाई के रास्ते खुलेंगे। एक e-मित्रा ऑपरेटर बोले, ‘ट्रांजेक्शन बढ़े तो फैमिली का गुजारा आसान।’ RISL के अफसर कहते हैं, सर्विस अवेलेबिलिटी बढ़ेगी, एक्सेस आसान होगा।
ये पार्टनरशिप डिजिटल गवर्नेंस को बूस्ट देगी। राजस्थान ने e-मित्रा+ लॉन्च किया था- ATM जैसे सेल्फ-सर्विस कियोस्क। ग्राम पंचायतों में 8500+ लगे, 50+ सर्विसेज। अब सहज से और विस्तार। डिजिटल डिवाइड कम होगा, खासकर SC/ST, महिलाओं के लिए। स्टैट्स देखें- 2025 तक 10 करोड़+ ट्रांजेक्शन, 2 लाख+ रोजगार। 2026 में AI-ML पॉलिसी के साथ इंटीग्रेशन संभव।
e-मित्रा की सक्सेस स्टोरी
राजस्थान में e-मित्रा ने जिंदगियां बदलीं। उदाहरण:
- उदयपुर की लक्ष्मी ने भामाशाह कार्ड से पेंशन ली, बिना कलेक्टर ऑफिस जाए।
- कोटा के राहुल ने बिजली बिल, पानी बिल एक साथ पे किया।
- बारां जिले में किसान Fasal Bima Yojana अप्लाई।
कम पढ़े-लिखे युवा ऑपरेटर बन Rs20,000/महीना कमा रहे। सरकार का ‘वन पर्सन वन आइडेंटिटी’ मिशन e-मित्रा से जुड़ेगा।
13 जिलों की लिस्ट और इंपैक्ट
सहज की B2C सेवाएं क्या जोड़ेगी?
- मोबाइल/DTH रिचार्ज।
- इंश्योरेंस प्रीमियम।
- ट्रेन/बस टिकट।
- डिजिटल वॉलेट।
- PAN/Aadhaar अपडेट।
- ऑनलाइन शॉपिंग पेमेंट।
ये e-मित्रा को वन-स्टॉप शॉप बनाएंगी।
चुनौतियां और समाधान
- इंटरनेट कनेक्टिविटी: JioAirFiber, BSNL से सॉल्व।
- डिजिटल लिटरेसी: ट्रेनिंग कैंप।
- सिक्योरिटी: बायोमेट्रिक, OTP।
- फीस: नाममात्र Rs5-20/सर्विस।
सरकार 2026 तक 1 लाख सेंटर्स का टारगेट।
अर्थव्यवस्था पर असर
भविष्य की झलक
e-मित्रा अब UMANG ऐप से जुड़ा। वेब, मोबाइल, SMS। 2026 में AI चैटबॉट, वॉयस असिस्टेंट। राजस्थान डिजिफेस्ट समिट (जनवरी 2026) में नया ऐलान। स्टार्टअप्स को e-मित्रा कनेक्ट से मौका।
लोकल एंटरप्रेन्योर्स के लिए टिप्स
- CSC रजिस्ट्रेशन कराएं।
- ट्रेनिंग लें RISL से।
- हाई ट्रैफिक लोकेशन चुनें।
- कस्टमर सर्विस पर फोकस।
एक ऑपरेटर ने बताया, ‘दिन में 100 ट्रांजेक्शन से Rs500 कमाई। महीना 15 हजार पक्का।’
राजस्थान का ये कदम दूसरे राज्यों के लिए मॉडल। UP, MP फॉलो कर सकते। डिजिटल इंडिया का असली मतलब ग्रामीण सशक्तिकरण। सहज-e-मित्रा पार्टनरशिप से लाखों जिंदगियां आसान होंगी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- e-मित्रा पर कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी सहज के बाद?
बिल पेमेंट, सर्टिफिकेट, रिचार्ज, इंश्योरेंस, टिकटिंग। 100+ सरकारी+प्राइवेट। - 13 जिले कौन से कवर हो रहे?
जयपुर, अजमेर डिवीजन: सीकर, झुंझुनू, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी, कोटा आदि। - e-मित्रा सेंटर खोलने के लिए क्या चाहिए?
CSC रजिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग, लोकेशन। Rs15-20K/महीना कमाई संभव। - क्या ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट प्रॉब्लम होगी?
नहीं, Jio/BSNL से कवर। सेल्फ-सर्विस कियोस्क 24×7। - कितने e-मित्रा सेंटर हैं राजस्थान में?
73,000+। 2026 तक 1 लाख का टारगेट।
Leave a comment