तमिलनाडु के करूर में TVK रैली के दौरान भगदड़ से 41 मौतें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI जांच में विजय को 19 जनवरी को फिर बुलाया। देरी, भीड़ प्रबंधन पर सवाल। पूरी अपडेट्स और टाइमलाइन।
करूर स्टाम्पेड केस: विजय को CBI ने फिर बुलाया 19 जनवरी को, क्या खुलेगा नया राज?
करूर स्टाम्पेड केस: TVK चीफ विजय को CBI ने दोबारा समन भेजा, 19 जनवरी को दिल्ली में पूछताछ
तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई भयानक भगदड़ ने पूरे देश को हिला दिया था। एक्टर से राजनेता बने थलपथी विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में 41 लोग जिंदा कुचल दिए गए, 60 से ज्यादा घायल हुए। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश पर CBI ने जांच तेज कर दी है। पार्टी चीफ विजय को 11 जनवरी को दिल्ली बुलाया गया था, जहां 6 घंटे पूछताछ हुई। अब 19 जनवरी को फिर हाजिर होने का समन। विजय ने कहा कि पार्टी जिम्मेदार है, लेकिन राज्य सरकार और पुलिस की लापरवाही मुख्य वजह।
ये हादसा करूर टाउन के ग्राउंड पर विजय के स्वागत समारोह में हुआ। परमिशन 10,000 लोगों की थी, लेकिन 25,000 से ज्यादा उमड़ आए। विजय की आने में देरी, पानी-खाने की कमी, शौचालय न होना, रास्तों में जाम- इन सबने अफरा-तफरी मचा दी। लोग बेहोश होने लगे, भगदड़ मच गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे। करूर टाउन पुलिस ने TVK के जिला सेक्रेटरी विजयगन, बैंड सेक्रेटरी सीटी निर्मल कुमार पर 105 (कल्पना में हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) जैसे धारे लगाईं।
सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को CBI जांच का आदेश दिया। मद्रास हाईकोर्ट ने SIT बनाई थी, लेकिन TVK ने SOP के लिए अपील की थी। कोर्ट ने कहा, ‘हर नागरिक को निष्पक्ष जांच का हक।’ पूर्व जज अजय रस्तोगी की अगुवाई में 3 सदस्यीय कमिटी बनी, जिसमें दो IPS अधिकारी। CBI को हर महीने रिपोर्ट देनी होगी। जस्टिस माहेश्वरी ने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच पर सवाल उठाए। तमिलनाडु सरकार बोली, SIT ईमानदार अफसरों वाली।
विजय 11 जनवरी को दोपहर 11:29 बजे ब्लैक रेंज रोवर से CBI हेडक्वार्टर पहुंचे। एंटी-करप्शन विंग ने पूछताछ की। 6 घंटे बाद शाम को बाहर आए। TVK के जॉइंट जनरल सेक्रेटरी निर्मल कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमने CBI को सरकार की लापरवाही बताई। CM स्टालिन ने असेंबली में 607 पुलिस बोले, DGP ने 500। विरोधाभास है।’ BJP पर राजनीति का आरोप लगाया।
पुलिस का कहना है विजय की 2 घंटे देरी से भीड़ बेकाबू हुई। रास्तों पर जाम, बॉटलनेक नहीं हटाए। TVK देरी से जिम्मेदार ठहराती है, लेकिन पुलिस मैनेजमेंट पर उंगली उठाती। विजय ने इसे DMK की साजिश कहा, पार्टी ने खारिज किया। सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी रखी है।
करूर हादसे के बाद राजनीति गरमाई। DMK सरकार पर लापरवाही के आरोप। विजय की फिल्म ‘जना नायक’ रिलीज पर सवाल उठे। TVK ने कहा, कोर्ट फैसला बाद में जवाब देंगे। तमिलनाडु में भीड़ प्रबंधन पर नई SOP की जरूरत। पिछले सालों के हादसे याद आए- हाजी अली, बठिंडा।
करूर स्टाम्पेड टाइमलाइन
- 27 सितंबर 2025: TVK रैली, भगदड़, 41 मौतें।
- अक्टूबर: मद्रास HC SIT बनाई।
- 10 अक्टूबर: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
- 13 अक्टूबर: CBI जांच, 3 सदस्य कमिटी।
- 11 जनवरी 2026: विजय की पहली पूछताछ।
- 19 जनवरी: दूसरा समन।
मुख्य आंकड़े
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| मौतें | 41 |
| घायल | 60+ |
| अनुमति | 10,000 लोग |
| वास्तविक भीड़ | 25,000+ |
| पुलिस तैनात | 500-607 (विवादित) |
| आरोपी | विजयगन, निर्मल कुमार |
राज्य सरकार vs TVK आरोप
- सरकार: विजय की देरी, अपर्याप्त व्यवस्था।
- TVK: पुलिस जाम नहीं हटाई, पानी-शौचालय न दिया।
- विरोधाभास: पुलिस संख्या पर।
CBI फैक्ट चेक करेगी।
पीड़ित परिवारों का दर्द
- ज्यादातर गरीब, ग्रामीण।
- मुआवजा मांग, न्याय की उम्मीद।
- विजय ने आर्थिक मदद दी, लेकिन जिम्मेदारी स्वीकारी।
राजनीतिक प्रभाव
भीड़ प्रबंधन में लापरवाही के सबक
- SOP सख्त करें।
- CCTV, पानी स्टेशन अनिवार्य।
- रास्ते क्लियर रखें।
- देरी से बचें।
करूर केस ने दिखाया कि राजनीतिक रैलियों में जिम्मेदारी कौन ले। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी अच्छी। विजय जैसा स्टार नेता सतर्क रहें। 41 परिवारों को न्याय मिले, वही सबसे बड़ा संदेश।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- करूर स्टाम्पेड में कितने मरे?
41 लोग, ज्यादातर महिलाएं-बच्चे। 60 से ज्यादा घायल। 27 सितंबर 2025 को TVK रैली में। - CBI ने विजय को क्यों बुलाया?
पूछताछ के लिए। पहली 11 जनवरी, दूसरी 19 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट के CBI जांच आदेश पर। - सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
CBI प्रोब, पूर्व जज रस्तोगी की 3 सदस्य कमिटी। मासिक रिपोर्ट। - TVK का आरोप क्या?
सरकार-पुलिस लापरवाही। देरी, भीड़ प्रबंधन फेल। DMK साजिश। - पुलिस संख्या पर विवाद क्यों?
CM ने 607, DGP ने 500 बोले। CBI जांचेगी।
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