गाजियाबाद के दसना में 7 साल की शिफा को पिता मोहम्मद अकरम और सौतेली मां निशा ने पीट-पीटकर मार डाला। पोस्टमॉर्टम में 13 चोटें, रिब्स फ्रैक्चर और इंटरनल ब्लीडिंग। बच्चों पर अत्याचार की पूरी कहानी।
क्या गंदे कपड़ों की सजा थी मौत? गाजियाबाद में सौतेली मां ने 6 साल की बच्ची को कमरे में बंद कर पीटा
गाजियाबाद हादसा: 7 साल की मासूम शिफा की पिता-सौतेली मां ने हत्या कर दी, पोस्टमॉर्टम ने खोला खौफनाक राज
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर इंसान का खून खौल जाएगा। दसना इलाके में रहने वाली सिर्फ 7 साल की मासूम बच्ची शिफा को उसके पिता मोहम्मद अकरम और सौतेली मां निशा ने बेरहमी से पीट-पीटकर जान ले ली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची के शरीर पर 13 गंभीर चोटें थीं, कई पसलियां टूटी हुईं और सिर व छाती में भारी इंटरनल ब्लीडिंग। ये क्रूरता शनिवार-रविवार को हुई, जब कपड़े गंदे होने पर सजा देने के नाम पर जान ले ली गई।
पुलिस के मुताबिक, अकरम पहली शादीशुदा था। उसकी पहली बीवी तराना उर्फ गुलजार 2022 में जलने से मर गई। एक साल बाद 2023 में उसने मेरठ के किथौर की निशा से दूसरी शादी कर ली। अकरम पानथ बाजार में जूते की दुकान चलाता है। उसके तीन बच्चे थे पहली बीबी से- 8 साल की फिजा, 6-7 साल की शिफा और 4 साल का आहिल। दूसरी शादी के बाद बच्चों पर अत्याचार शुरू हो गया। निशा उन्हें रोज पीटती, पिता चुप्पी साधे रहता। मां के भाई मोहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि पहले भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई न हुई।
शनिवार को शिफा नाले के पास खेल रही थी, कपड़े गंदे हो गए। गुस्साए अकरम-निशा ने उसे बुरी तरह पीटा। रात में ठंडी छत पर बंद कर दिया। रविवार को फिर पिटाई हुई। सोमवार सुबह 11 बजे अकरम काम पर गया। निशा ने शिफा को कमरे में बंद कर हाथ-पैरों और फिर छड़ी से 20 मिनट तक पीटा। बड़ी बहन फिजा ने बीच-बचाव किया लेकिन निशा न मानी। दोपहर 1 बजे पड़ोसी ने चीखें सुनीं, दरवाजा तोड़ा तो शिफा बेहोश। अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दंपति ने पहले कई अस्पताल घुमाए, शव छिपाने की कोशिश की। कब्र खोदकर दफनाने का प्लान था लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को खबर कर दी। वेव सिटी थाने में दादा मोहम्मद जहीर ने मंगलवार को शिकायत की, हत्या का केस दर्ज। एसएचओ सर्वेश कुमार ने कहा, दोनों ने कबूल लिया कि पीटा। पोस्टमॉर्टम से चोटें कन्फर्म। आहिल के शरीर पर भी निशान मिले। तराना के परिवार को बुलाया गया, बच्चे उनके हवाले होंगे।
वेव सिटी एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि शनिवार-रविवार को सजा दी। रात छत पर छोड़ा ठंड में। चोटें इतनी गंभीर कि मौत हो गई। अस्पताल रिकॉर्ड चेक हो रहे। ये सिर्फ एक घटना नहीं, लंबे अत्याचार की कहानी। सौतेली मां का क्रोध, पिता की लापरवाही। समाज में सौतेले रिश्तों का कड़वा सच।
ऐसे केसों के आंकड़े डराते हैं। एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में भारत में बच्चों पर क्रूरता के 1.5 लाख से ज्यादा केस। यूपी टॉप पर। सौतेले माता-पिता वाले 20% केसों में हत्या। गरीबी, तनाव, जागरूकता की कमी। लेकिन कानून सख्त- जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015, POCSO। फिर भी सजा कम।
शिफा की कहानी: समयरेखा
- 2022: पहली मां तराना की मौत (जलने से)
- 2023: अकरम की दूसरी शादी निशा से
- शनिवार: कपड़े गंदे, पहली पिटाई + छत पर रात
- रविवार: दूसरी पिटाई, बेहोशी
- सोमवार दोपहर: कमरे में 20 मिनट छड़ी से हमला, मौत
- मंगलवार: FIR दर्ज
बच्चों पर अत्याचार के प्रकार (एनसीआरबी डेटा)
| प्रकार | प्रतिशत | उदाहरण |
|---|---|---|
| शारीरिक | 45% | पिटाई, छड़ी |
| यौन | 25% | छेड़छाड़ |
| उपेक्षा | 20% | भूखा रखना |
| हत्या | 10% | पीट-पीटकर |
परिवार टूटने के संकेत
- दूसरी शादी के बाद अत्याचार शुरू
- बच्चे पिता से शिकायत, कोई सुनवाई न
- पड़ोसी चुप, डर से
- दफनाने की कोशिश
बाकी बच्चों का हाल
पहली पत्नी तराना की मौत
2022 में जल गई। दहेज का शक, लेकिन केस न। क्या कनेक्शन? जांच में।
कानूनी प्रावधान
समाज की जिम्मेदारी
सीखें क्या?
- सौतेले रिश्तों में सावधानी
- बच्चों की चीख सुनें
- कानून का डर फैलाएं
- परिवार जोड़ें
गाजियाबाद का ये केस हर माता-पिता के लिए警钟। शिफा जैसी हजारों चुपचाप तड़पती। समाज बदलना होगा। न्याय मिले, सजा हो।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- शिफा को क्यों पीटा गया?
कपड़े गंदे होने पर। शनिवार-रविवार को सजा दी, छत पर ठंड में छोड़ा। - पोस्टमॉर्टम में क्या मिला?
13 चोटें, पसलियां टूटीं, सिर-छाती में ब्लीडिंग। - आरोपी कौन? गिरफ्तार हुए?
पिता अकरम, सौतेली मां निशा। हिरासत में, कबूल लिया। - बाकी बच्चे सुरक्षित?
फिजा व आहिल पर निशान। नाना के पास भेजे जाएंगे। - पहली बीवी की मौत कैसे?
तराना 2022 में जली। दहेज शक, केस न।
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