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मकर संक्रांति का काला दिन: चाइनीज मांझा फंसते ही बाइक क्रैश, सूरत में 3 लोगों का परिवार खत्म

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Surat flyover kite string accident
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सूरत के चंद्रशेखर आजाद फ्लाईओवर पर मकर संक्रांति मनाने निकले रेहान, रेहाना व 7 साल की आयशा का बाइक मांझा में फंस गया। 70 फीट गिरे, पिता-बेटी की स्पॉट मौत, मां ने 1 दिन बाद दम तोड़ा। पूरा परिवार खत्म। 

सूरत का खौफनाक हादसा: बेटी को गोद में लेकर फ्लाईओवर से 70 फुट नीचे, मांझा ने ले ली तीनों की जान

सूरत फ्लाईओवर से 70 फीट का खतरनाक गिरावट: पतंग डोर ने खत्म किया पूरा परिवार

मकर संक्रांति की धूम में सूरत शहर गमगीन हो गया। चंद्रशेखर आजाद फ्लाईओवर (जिलानी ब्रिज) पर एक परिवार की बाइक पतंग की चाइनीज डोर में फंस गई। रेहान शेख अपनी पत्नी रेहाना और 7 साल की बेटी आयशा को गोद में लेकर उत्तरायण मनाने निकले थे। अचानक डोर रेहान के गले-हाथ में लिपट गई। एक हाथ से उसे हटाने की कोशिश में बाइक का बैलेंस बिगड़ा। तेज रफ्तार बाइक ब्रिज की दीवार से टकराई और तीनों 70 फीट नीचे गिर पड़े। पिता और बेटी की मौके पर मौत, मां ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ा।​

ये हादसा 14 जनवरी 2026 की शाम 5-6 बजे वेड रोड-अडाजन के बीच हुआ। रेहान सैयदपुरा के रहने वाले 35 साल के ज्वेलरी आर्टिसान थे, मूल रूप से पश्चिम बंगाल के। संक्रांति की छुट्टी में मोराभागल के सुभाष गार्डन जा रहे थे। रेहाना ने मौत से पहले बताया कि डोर अचानक सामने आ गई। रेहान ने बाइक एक हाथ से चलाई, दूसरा डोर हटाने लगा। बाइक दीवार से जा टकराई। नीचे गिरते वक्त रेहाना एक खड़े ऑटो पर पड़ीं, लेकिन चोटें गंभीर थीं। वो महावीर हॉस्पिटल पहुंचीं लेकिन 15 जनवरी को चल बसीं।​

रंडर पुलिस ने FIR दर्ज की। सब-इंस्पेक्टर एचएन परमार ने बताया कि चश्मदीदों से बयान लिए। शुरुआती जांच में मांझा के निशान मिले लेकिन पक्का होगा पोस्टमॉर्टम से। CCTV फुटेज में गिरावट कैद है। परिवार एकमात्र कमाने वाले रेहान पर निर्भर था। रिश्तेदारों ने सड़क सुरक्षा और मांझा बैन पर सवाल उठाए। सूरत म्युनिसिपल ने फ्लाईओवर पर पतंगबाजी रोकने के आदेश दिए थे लेकिन उल्लंघन हुआ।​

सूरत में उत्तरायण का क्रेज कमाल का है। लाखों छतों पर पतंगबाजी। लेकिन चाइनीज मांझा साये की तरह खतरा। डोरें सड़कों, ब्रिजों पर लटक जातीं। तेज हवा में चाकू बन जातीं। रेहान का केस दूसरा नहीं। उसी हफ्ते बिडर में संजीव कुमार का गला कट गया। गुजरात में 2025 में 15+ हादसे। एनएचएआई डेटा कहता है फेस्टिवल पर 25% एक्सीडेंट्स मांझा से।​

पिछले संक्रांति हादसों की तुलना

सालजगहहादसा प्रकारमौतें
2026सूरत (फ्लाईओवर)गिरावट3
2026बिडर (हाईवे)गला कटा1
2025इंदौरगला कटा1
2025अहमदाबादहाथ कटा2 (घायल)
2024सूरतब्रिज गिरावट2

चाइनीज मांझा क्यों कातिल?

  • नायलॉन से बना, 50 किलो प्रेशर झेले।
  • ग्लास कोटिंग से धारदार।
  • हवा में 100 किमी/घंटा स्पीड।
  • बैन 2022 से लेकिन ब्लैक मार्केट बूम।
    सूरत में छापे मारे लेकिन सप्लाई चालू।

परिवार ने क्या खोया?
रेहान परिवार का इकलौता कमाने वाला। बेटी आयशा स्कूल जा रही। छोटा सा घर, सपने। अब सब मातम। रिश्तेदार रो-रोकर बुरे हाल। ‘भाई साहब अच्छे इंसान थे, त्योहार मनाने निकले थे…’ एक चचेरा भाई बोला। विरोध प्रदर्शन हुआ, कलेक्टर को मांग पत्र।

सरकारी कदम क्या?
गुजरात सरकार ने मांझा बैन सख्त किया। सूरत पुलिस ने 100+ केस, लाखों जब्त। लेकिन जश्न में लोग भूल जाते। एनजीटी ने कोर्ट में फाइन 1 लाख तक। केंद्र कस्टम्स अलर्ट। फिर भी लोकल दुकानें बेचतीं। जागरूकता कैंप चल रहे।

बचाव के आसान उपाय

  • बाइक पर नेक प्रोटेक्टर, फुल स्कार्फ।
  • फ्लाईओवर पर स्पीड 30 किमी/घंटा।
  • डोर दिखे तो तुरंत रुकें।
  • बच्चों को कॉटन मांझा दें।
  • छतों से ही उड़ाएं, सड़क दूर।
  • ग्रुप राइडिंग में अलर्ट रहें।

उत्तरायण की परंपरा
सूर्य उत्तरायण, तिल-गुड़ खाएं। पतंग उड़ाकर आसमान रंगें। लेकिन आयुर्वेद कहता है सावधानी पहले। महाभारत काल से पतंग, लेकिन सुरक्षित तरीके से। आजकल ड्रोन तक आ गए लेकिन खतरा वही।

कानूनी एक्शन

  • IPC 304A: लापरवाही से मौत।
  • मोटर व्हीकल एक्ट 134A: हिट एंड रन चेक।
  • मांझा बैन वायलेशन: 6 महीने जेल।
    पुलिस दोषी ढूंढेगी।

सूरत के अन्य हादसे

  • 2024: ब्रिज पर दो युवक गिरे।
  • 2025: हाथ कटने से 5 घायल।
  • हर साल 10+ केस।
    शहर को जागना होगा।

संजीव, रेहान की मौतें व्यर्थ न जाएं। संक्रांति रोशनी का त्योहार, अंधेरे को हराने का। लेकिन जिम्मेदारी लें। मांझा न उड़ाएं, जीवन बचाएं। सुरक्षित पतंगबाजी करें।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सूरत हादसे में क्या हुआ?
    रेहान की बाइक मांझा में फंसी, फ्लाईओवर से 70 फीट गिरे। पिता-बेटी स्पॉट मौत, मां 1 दिन बाद।
  2. चंद्रशेखर आजाद फ्लाईओवर कहां है?
    सूरत में वेड रोड-अडाजन जोड़ता। जिलानी ब्रिज भी कहते।
  3. मांझा बैन है फिर क्यों बिकता?
    ब्लैक मार्केट, कम सजा। छापे मारते लेकिन स्टॉक आता रहता।
  4. बचने के टिप्स क्या?
    स्कार्फ लपेटें, कम स्पीड, डोर देख रुकें। फ्लाईओवर अवॉइड।
  5. गुजरात में कितने हादसे हो चुके?
    2026 में 5+, पिछले साल 15। पीक उत्तरायण टाइम।

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