हिमाचल के 1994 बैच IPS राकेश अग्रवाल बने NIA के नए DG। सादानंद दाते के बाद 31 अगस्त 2028 तक कमान। टेरर फाइनेंसिंग, रेडिकलाइजेशन केसेज में एक्सपर्ट। आंतरिक सुरक्षा को नई ताकत।
1994 बैच IPS राकेश अग्रवाल को NIA DG: कौन हैं ये आतंकवाद के खिलाफ जंग के सिपाही?
राकेश अग्रवाल बने एनआईए के नए महानिदेशक: आतंकवाद के खिलाफ नई जंग का आगाज
केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का डायरेक्टर जनरल नियुक्त कर दिया। ये नियुक्ति कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने 14 जनवरी 2026 को मंजूर की। अग्रवाल 1994 बैच के अधिकारी हैं और पहले से ही NIA में स्पेशल डायरेक्टर जनरल के पद पर तैनात थे। सादानंद वासंत दाते (1990 बैच, महाराष्ट्र कैडर) के महाराष्ट्र कैडर में समय से पहले वापसी के बाद वो 31 दिसंबर 2025 से एडिशनल चार्ज संभाल रहे थे। अब उनकी नियुक्ति 31 अगस्त 2028 तक, यानी रिटायरमेंट तक रहेगी।
राकेश अग्रवाल का ये प्रमोशन देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अहम है। NIA भारत की सबसे कारीगर एजेंसी है जो आतंकवाद, टेरर फाइनेंसिंग, रेडिकलाइजेशन और क्रॉस-बॉर्डर लिंकेज केस हैंडल करती है। अग्रवाल पहले से ही इन हाई-प्रोफाइल केसेज में इन्वॉल्व्ड हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी लीडरशिप में एजेंसी को नई दिशा मिलेगी। खासकर जब भारत आतंकी नेटवर्क्स से जूझ रहा है। DoPT के आदेश में साफ कहा गया कि वो लेवल-16 पे मैट्रिक्स पर काम करेंगे।
राकेश अग्रवाल का सफर कमाल का रहा। हिमाचल प्रदेश कैडर जॉइन करने के बाद उन्होंने स्टेट और सेंट्रल लेवल पर कई अहम पोस्टिंग्स संभालीं। NIA में पहले एडिशनल डायरेक्टर जनरल रहे, फिर 29 सितंबर 2025 को इन-सिटू प्रमोशन से स्पेशल DG बने। हिमाचल में होम गार्ड्स के DG भी रहे। उनके क्रेडिट में कॉम्प्लेक्स टेरर केस, फाइनेंशियल ट्रेल्स और रैडिकल नेटवर्क्स को तोड़ना शामिल है। क्राइसिस मैनेजमेंट में माहिर माने जाते हैं।
राकेश अग्रवाल की प्रमुख पोस्टिंग्स
| पद | संगठन | अवधि |
|---|---|---|
| डायरेक्टर जनरल | NIA | जनवरी 2026 – अगस्त 2028 |
| स्पेशल DG | NIA | सितंबर 2025 से |
| एडिशनल DG | NIA | पहले |
| DG होम गार्ड्स | हिमाचल प्रदेश | पहले |
| एडिशनल चार्ज DG | NIA | दिसंबर 2025 से |
NIA चीफ्स की समयरेखा
- सादानंद दाते: 202? – दिसंबर 2025 (समय से पहले महाराष्ट्र DGP)
- राकेश अग्रवाल: जनवरी 2026 – 2028
- पिछले DG: लंबे टेन्योर, स्टेबिलिटी जरूरी।
ये ट्रांजिशन एजेंसी की कंटीन्यूटी सुनिश्चित करता है।
अग्रवाल की ताजा जिम्मेदारियां
NIA के पास 1000+ केस हैं। हालिया: ISIS मॉड्यूल्स, खालिस्तान फंडिंग, हनीट्रैप केसेज। अग्रवाल के नेतृत्व में साइबर टेरर, क्रिप्टो फाइनेंसिंग पर फोकस बढ़ेगा। एजेंसी का मंडेट बढ़ा है- UCML, PMLA केस भी। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मजबूत प्रेजेंटेशन जरूरी। उनका एक्सपीरियंस इसमें मदद करेगा।
हिमाचल कैडर का गौरव
हिमाचल जैसे छोटे राज्य से राष्ट्रीय लेवल का पद। अग्रवाल पहले भी सेंट्रल डेपुटेशन पर रहे। IPS एसोसिएशन ने बधाई दी। राज्य के CM ने ट्वीट कर कहा, ‘गर्व का पल।’ ये अपॉइंटमेंट कैडर बैलेंस दिखाता है।
NIA की ताकत और चुनौतियां
- 10 ब्रांचेज, 50+ केस पेंडिंग।
- क्विक स्ट्राइक्स: 26/11 ट्रायल, पुलवामा केस।
- इंटरनेशनल कोऑपरेशन: फतवा नेटवर्क्स।
अग्रवाल के आने से ऑपरेशनल स्ट्रेंथ बढ़ेगी।
सादानंद दाते का जाना
1990 बैच के दाते ने NIA को मजबूत बनाया। महाराष्ट्र DGP बने। अग्रवाल का एडिशनल चार्ज स्मूथ ट्रांजिशन था। MHA ने स्टेबिलिटी पर फोकस किया।
क्यों अहम ये नियुक्ति?
- आतंकी मॉड्यूल्स बढ़ रहे।
- फाइनेंशियल ट्रेल्स कॉम्प्लेक्स।
- इंटेलिजेंस शेयरिंग जरूरी।
अग्रवाल का रिकॉर्ड परफेक्ट मैच।
IPS में टॉप पोस्ट्स
भविष्य की उम्मीदें
- टेरर फंडिंग पर सख्ती।
- रेडिकलाइजेशन रोक।
- टेक बेस्ड इन्वेस्टिगेशन।
राकेश अग्रवाल चुनौतियों से निपटेंगे।
राकेश अग्रवाल की नियुक्ति ने NIA को मजबूत लीडर दिया। देश सुरक्षित हाथों में। आतंक के खिलाफ जंग तेज होगी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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