ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर से फोन पर बात की जब तेहरान में विरोध प्रदर्शन में 2500+ मौतें हो चुकीं। भारत ने 10 हज़ार नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा। अमेरिकी हस्तक्षेप का डर। पूरी अपडेट।
ईरान संकट का राज: जयशंकर को फोन पर अराघची ने बताया, भारत ने 10 हजार लोगों को किया सावधान
जयशंकर को ईरान FM का फोन: तेहरान में 2500 मौतें, भारत ने क्यों कहा सभी नागरिक लौट आएं
विदेश मंत्री एस जयशंकर को बुधवार को ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ‘ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का कॉल आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की।’ ये बातचीत तब हुई जब ईरान में हालात बेहद नाजुक हैं। तेहरान समेत 280+ जगहों पर 20 दिन से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। खामेनेई सरकार पर आर्थिक संकट, रियाल की कीमत गिरने और राजनीतिक नाराजगी का आरोप। क्रैकडाउन में 2500 से ज्यादा लोग मारे गए।
भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा। करीब 10,000 भारतीय वहां हैं- ज्यादातर छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी। कमर्शियल फ्लाइट्स से लौटने की सलाह। यात्रा न करें। ये अलर्ट जयशंकर के कॉल से ठीक पहले आया। अराघची ने अपनी 15 जनवरी की दिल्ली विजिट कैंसल कर दी। कारण? तेहरान में इंटरनेट ब्लैकआउट, सरकारी साइट्स डाउन। ईरान की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ धमकी दी है। अगर प्रदर्शनकारियों को मारा या फांसी दी गई तो ‘बहुत सख्त कार्रवाई’ होगी। ट्रंप ने ईरान के ट्रेड पार्टनर्स पर 25% टैरिफ लगाए। भारत पर दबाव क्योंकि ईरान से पुराना तेल खरीद का रिश्ता। 2019 में ट्रंप के पहले टर्म में भारत को तेल बंद करना पड़ा था। अब चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से अफगानिस्तान, रूस, सेंट्रल एशिया कनेक्टिविटी ईरान पर निर्भर। कोई सैन्य हस्तक्षेप हुआ तो भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को झटका।
ईरान संकट की समयरेखा
- दिसंबर 2025: आर्थिक क्राइसिस से प्रदर्शन शुरू।
- जनवरी 2026: 20वां दिन, 280+ शहर, 2500 मौतें।
- 14 जनवरी: जयशंकर को अराघची कॉल।
- भारत अलर्ट: सभी नागरिक लौटो।
- ट्रंप वार्निंग: मिलिट्री एक्शन संभव।
भारत के हित ईरान में
| क्षेत्र | महत्व |
|---|---|
| तेल आपूर्ति | पहले टॉप-3 सप्लायर |
| चाबहार पोर्ट | अफगानिस्तान कनेक्टिविटी |
| INSTC कॉरिडोर | रूस-भारत ट्रेड रूट |
| 10,000 नागरिक | छात्र, तीर्थयात्री सुरक्षित? |
पिछले संपर्क
Jaishankar और अराघची की ये पहली बात नहीं। जुलाई 2025 में रियो डी जेनिरो BRICS समिट में मिले। वेस्ट एशिया टेंशंस, ईरान-इजरायल कॉन्फ्लिक्ट पर चर्चा। जून में फोन कॉल। भारत ने डी-एस्केलेशन की अपील की। ईरान ने फंसे भारतीयों को निकालने में मदद की। अब ये कॉल संकट के बीच डिप्लोमेसी का हिस्सा।
ट्रंप का ईरान पॉलिसी
ट्रंप ने कहा प्रदर्शनकारियों की फांसी रुक गई। लेकिन सैन्य हस्तक्षेप का खतरा। अमेरिका मिडिल ईस्ट बेस से ट्रूप्स हटा रहा। भारत-US रिश्ते मजबूत लेकिन ईरान बैलेंस जरूरी। टैरिफ से ट्रेड प्रभावित।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
- खामेनेई इस्तीफा।
- आर्थिक सुधार, रियाल स्थिरता।
- इंटरनेट फ्रीडम।
सरकार ने क्रैकडाउन किया, सबसे खराब इतिहास में।
भारत की डिप्लोमेसी
MEA ने फ्रेश एडवाइजरी जारी की। दिल्ली में इरानी राजदूत से बात। चाबहार प्रोजेक्ट पर नजर। BRICS फ्रेमवर्क में ईरान के साथ बैलेंस। अमेरिका से भी चर्चा। नागरिक सुरक्षा प्रायोरिटी।
वेस्ट एशिया का असर भारत पर
- तेल कीमतें बढ़ेंगी।
- शिपिंग रूट्स प्रभावित।
- अफगानिस्तान कनेक्टिविटी रुकेगी।
- प्रवासी भारतीय खतरे में।
भारत तटस्थ रुख, डिप्लोमेसी पर जोर।
ईरान में भारतीयों की स्थिति
क्या होगा आगे?
अराघची का कैंसल्ड विजिट संकेत देता है। ट्रंप की धमकी से टेंशन। भारत मॉनिटरिंग पर। शांति के लिए डिप्लोमेसी जरूरी। ईरान स्थिर हो तो भारत को फायदा।
सीख
- डिप्लोमेसी से संकट सुलझाएं।
- नागरिक सुरक्षा पहले।
- रीजनल बैलेंस रखें।
- ट्रेड पार्टनर्स से बातचीत।
जयशंकर-अराघची कॉल ने भारत की सतर्कता दिखाई। ईरान संकट से सबक लें। शांति ही हल।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- जयशंकर को अराघची ने क्यों फोन किया?
ईरान के आसपास बदलती स्थिति पर चर्चा। प्रदर्शन, मौतें, रीजनल टेंशन। - ईरान में कितने भारतीय फंसे हैं?
करीब 10,000- छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी। सभी को लौटने को कहा। - ट्रंप ने ईरान पर क्या धमकी दी?
प्रदर्शनकारियों को मारा तो सैन्य कार्रवाई। 25% टैरिफ ट्रेड पार्टनर्स पर। - भारत का ईरान से क्या हित है?
चाबहार पोर्ट, तेल, अफगान कनेक्टिविटी। - अराघची का भारत विजिट कैंसल क्यों?
तेहरान प्रदर्शन के कारण।
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