सरकार ने 242 गैरकानूनी बेटिंग-जुआ वेबसाइट्स के लिंक ब्लॉक कर दिए। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के बाद अब तक 7800+ साइट्स बंद। युवाओं को फाइनेंशियल नुकसान से बचाने की मुहिम तेज। पूरी जानकारी।
बेटिंग ऐप्स पर सरकार का ताबड़तोड़ प्रहार: 242 लिंक ब्लॉक, युवाओं की कमाई डूबेगी या बचेगी?
सरकार का बेटिंग साइट्स पर ताबड़तोड़ हमला: 242 लिंक ब्लॉक, अब तक 7800 से ज्यादा बंद
16 जनवरी 2026 को भारत सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्ट्री (MeitY) ने 242 गैरकानूनी बेटिंग और जुआ वेबसाइट्स के लिंक ब्लॉक कर दिए। ये कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत हुई, जो अगस्त 2025 में पास हुआ था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब तक कुल 7800 से ज्यादा ऐसी वेबसाइट्स को ठप किया जा चुका है। खास बात ये कि एक्ट लागू होने के बाद ऐसी कार्रवाइयां तेज हो गई हैं। सरकार का मकसद साफ है- युवाओं को बचाना, फाइनेंशियल नुकसान रोकना और सोशल हार्म खत्म करना।
ऑनलाइन बेटिंग का बाजार भारत में अरबों का था। क्रिकेट मैच, कैसिनो गेम्स, लॉटरी- सब कुछ रियल मनी गेमिंग (RMG) पर चलता। लेकिन ये प्लेटफॉर्म्स बिना लाइसेंस के चलते, टैक्स चोरी करते, फ्रॉड फैलाते। युवा लाखों उड़ाते, कर्ज के जाल में फंसते। महाराष्ट्र, तेलंगाना जैसे राज्यों में ED ने सैकड़ों केस दर्ज किए। अब IT एक्ट की धारा 69A के तहत ISP को ऑर्डर- ये साइट्स एक्सेस न हों। मिरर लिंक्स, प्रॉक्सी डोमेन भी ट्रैक हो रहे।
प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 ने रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह बैन लगा दिया। 3 साल तक जेल या 1 करोड़ जुर्माना। बैंक इन प्लेटफॉर्म्स से ट्रांजेक्शन न करें। ऐप स्टोर्स ने भी हटाए। लेकिन समस्या ये कि नए-नए क्लोन्स आ जाते। सरकार की सतर्कता बढ़ी। जनवरी में ही 242 ब्लॉक- संक्रांति बेटिंग सीजन पर फोकस। सूत्रों ने कहा, युवाओं पर सबसे बुरा असर पड़ता। परिवार बर्बाद हो जाते।
ब्लॉकिंग के आंकड़े
| तारीख/पीरियड | ब्लॉक साइट्स | कुल |
|---|---|---|
| अगस्त 2025 (एक्ट) | 500+ | 500 |
| सितंबर-नवंबर | 3000+ | 3500 |
| दिसंबर 2025 | 1500 | 5000 |
| जनवरी 2026 (16 तारीख) | 242 | 7800+ |
बेटिंग का काला बाजार
- IPL मैच पर करोड़ों बेट।
- महेंद्र सिंह धोनी रिटायरमेंट पर सरगर्मी।
- अवैध ऐप्स UPI से पैसे लेते।
- विदेशी सर्वर, भारतीय यूजर्स टारगेट।
ED ने 110 करोड़ फ्रीज किए, 1200 क्रेडिट कार्ड जब्त।
क्यों जरूरी ये कदम?
लत की समस्या भयानक। सर्वे कहते 5 करोड़ युवा प्रभावित। सुसाइड केस बढ़े। आतंकर फंडिंग लिंक। परिवार टूटते। सरकार ने स्किल गेमिंग को अलग रखा लेकिन RMG पर जीरो टॉलरेंस। अब साइबर सेल 24/7 मॉनिटरिंग।
कानूनी पहलू
IT रूल्स 2021 से शुरूआत। एक्ट ने पुख्ता बनाया। अपील का रास्ता लेकिन ज्यादातर खारिज। ISP को 24 घंटे में ब्लॉक। यूजर्स को चेतावनी पॉपअप। VPN यूजर्स पर भी नजर। 1 करोड़ फाइन वसूली शुरू।
युवाओं पर असर
- स्टूडेंट्स परीक्षा से भटकते।
- नौकरी छोड़ बेटिंग।
- कर्ज लेकर हार।
NGO रिपोर्ट: 30% यूथ लत में। सरकार काउंसलिंग हेल्पलाइन चला रही।
वैकल्पिक मनोरंजन
- फ्री गेमिंग ऐप्स।
- स्किल बेस्ड रमी, लूडो (बिना रियल मनी)।
- ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट।
Dream11 जैसी कंपनियां अब स्किल पर फोकस।
राज्यों की भूमिका
महाराष्ट्र: 500+ केस।
तेलंगाना: ऐप बैन।
आंध्र: सख्ती।
केंद्र समन्वय कर रहा।
क्या बचेगा जुआ बाजार?
प्राइवेट टेबल गेम्स, ऑफलाइन कैसिनो (गोवा)। लेकिन ऑनलाइन मुश्किल। ब्लॉकलीस्ट बढ़ेगा। VPN बायपास पर छापे। सरकार बोली, सतत निगरानी।
परिवारों के लिए टिप्स
- बच्चों के फोन चेक करें।
- UPI ट्रांजेक्शन मॉनिटर।
- लत दिखे तो हेल्पलाइन 1800-XXX।
- फाइनेंशियल लिटरेसी सिखाएं।
ये कार्रवाई स्वागतयोग्य लेकिन चैलेंज बाकी। टेक सॉल्यूशंस जैसे AI मॉनिटरिंग जरूरी। जागरूकता अभियान चलें। जुआ लत बीमारी है, इलाज संभव। सरकार सही दिशा में। युवा बचेंगे तो देश बचेगा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- सरकार ने कितनी बेटिंग साइट्स ब्लॉक कीं?
242 नई, कुल 7800+। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत। - ऑनलाइन गेमिंग एक्ट कब पास हुआ?
अगस्त 2025। RMG बैन, 3 साल जेल प्रावधान। - ब्लॉकिंग कैसे होती है?
IT एक्ट 69A से ISP को ऑर्डर। मिरर साइट्स भी ट्रैक। - यूजर्स को क्या सजा?
फाइन, काउंसलिंग। प्लेटफॉर्म ऑपरेटर पर मुख्य कार्रवाई। - बेटिंग क्यों खतरनाक?
लत, कर्ज, फ्रॉड। युवाओं पर सोशल-फाइनेंशियल हार्म।
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