अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड हासिल करने वाले देशों को टैरिफ की धमकी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर डेनमार्क पर दबाव। यूरोप ने समर्थन दिया, वर्किंग ग्रुप बनेगा। पूरी अपडेट।
ट्रंप की धमकी से दुनिया हिली: ग्रीनलैंड न सौंपा तो टैरिफ युद्ध, रूस-चीन का डर दिखाया
ट्रंप की ग्रीनलैंड पर टैरिफ धमकी: विरोधियों को सबक सिखाने का नया हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ग्रीनलैंड को निशाना बनाया है। व्हाइट हाउस में हेल्थ राउंडटेबल के दौरान उन्होंने कहा, ‘अगर देश ग्रीनलैंड प्लान के साथ नहीं चलेंगे तो उन पर टैरिफ लगा सकता हूं। ये हमारी नेशनल सिक्योरिटी के लिए जरूरी है।’ डेनमार्क का हिस्सा ये आर्कटिक द्वीप खनिजों से भरा है। ट्रंप का दावा है कि रूस और चीन की बढ़ती दिलचस्पी से खतरा है। ये धमकी फ्रांस-जर्मनी पर दवाओं के दामों वाली टैरिफ थ्रेट से तुलना की।
ग्रीनलैंड विवाद पुराना है। 2019 में ट्रंप ने इसे खरीदने की बात कही थी। 2025 में दोबारा जोर पकड़ा। वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद आर्कटिक फोकस बढ़ा। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने साफ इनकार किया। फॉरेन मिनिस्टर लार्स लोके रासमुसेन बोले, ‘ये संप्रभुता का उल्लंघन है, इंटरनेशनल लॉ के खिलाफ।’ बुधवार को व्हाइट हाउस में JD वांस और मार्को रुबियो से बात हुई लेकिन ‘फंडामेंटल डिसएग्रीमेंट’ रहा। फिर भी हर 2-3 हफ्ते वर्किंग ग्रुप बनेगा।
ट्रंप की रणनीति साफ- आर्थिक दबाव। रूस ने धमकी को ‘मिथ’ कहा। चीन ने अमेरिका को दोषी ठहराया। यूरोप ने डेनमार्क समर्थन में ट्रूप्स भेजे। बाइपार्टिसन यूएस कांग्रेस डेलिगेशन कोपेनहेगन गया। फ्रेंच फाइनांस मिनिस्टर ने ट्रेड वॉर की आशंका जताई। ट्रंप का तर्क- ग्रीनलैंड के मिनरल्स (रेयर अर्थ), मिलिट्री बेस (थुले एयर बेस), शिपिंग रूट्स जरूरी।
ट्रंप के टैरिफ हथियार पहले चले
- रशियन ऑयल खरीदने वालों पर पनिशमेंट।
- ईरान ट्रेड पर 25% टैरिफ।
- फार्मा प्राइस पर EU को धमकी।
अब ग्रीनलैंड के लिए नया।
ग्रीनलैंड का स्ट्रैटेजिक महत्व
| संसाधन/फायदा | महत्व | खतरा |
|---|---|---|
| रेयर अर्थ मिनरल्स | EV बैटरी, टेक | चीन की माइनिंग |
| थुले एयर बेस | मिसाइल डिफेंस | रूस सबमरीन |
| आर्कटिक शिपिंग | नॉर्थईस्ट पैसेज | जलवायु परिवर्तन |
| 80% बर्फ | जलस्तर वृद्धि | ग्लोबल वार्मिंग |
डेनमार्क-ग्रीनलैंड का स्टैंड
- स्वायत्त क्षेत्र, लोकल गवर्नमेंट।
- 56,000 पॉपुलेशन, इनUIT कल्चर।
- यूरोपियन सपोर्ट, NATO में डेनमार्क।
- कोई तत्काल खतरा नहीं मानते।
अमेरिका की मूव्स
- स्पेशल एनवॉय जेफ लैंड्री मार्च में विजिट।
- रुबियो-वांस डील फाइनलाइज करेंगे।
- मिलिट्री ऑप्शन पर चर्चा (पहले कहा था)।
यूरोप की चिंता
भारत का एंगल
भारत आर्कटिक काउंसिल मेंबर। रेयर अर्थ पर चीन निर्भरता। ट्रंप का दांव ग्लोबल सप्लाई चेन हिला सकता। भारत को नई डील ढूंढनी पड़ेगी।
इतिहास के आईना
- 1867: रूस से अलास्का $7.2 मिलियन में खरीदा।
- 1917: वर्जिन आइलैंड्स डेनमार्क से।
- ट्रंप: ग्रीनलैंड ‘फ्री’ होना चाहिए।
क्या होगा अगला?
- वर्किंग ग्रुप मीटिंग्स।
- टैरिफ अगर डेनमार्क न माने।
- रूस-चीन रिएक्शन।
ट्रंप सीरियस दिख रहे।
विश्लेषण: टैरिफ डिप्लोमेसी
ट्रंप का फेवरेट हथियार। कनाडा-Mexico डील, चाइना फेज-1। ग्रीनलैंड पर कामयाबी मिले तो आर्कटिक कंट्रोल। लेकिन NATO क्रैक हो सकता।
ग्रीनलैंडवासी क्या कहते?
- लोकल लीडर्स: हम अमेरिका नहीं चाहते।
- इंडिपेंडेंस मूवमेंट।
- मिनरल्स से इकोनॉमी बूस्ट लेकिन पर्यावरण चिंता।
ट्रंप स्टेटमेंट हाइलाइट्स
‘ग्रीनलैंड NATO ने डिस्कस किया। हमारी मिलिट्री ताकत जरूरी। रूस-चीन को रोकना है।’
ग्लोबल इंपैक्ट
- रेयर अर्थ प्राइस बढ़ेंगी।
- आर्कटिक मिलिट्री बिल्डअप।
- ट्रेड टेंशन।
ये विवाद दुनिया को देख रहा। ट्रंप की डीलमेकिंग vs डेनमार्क की संप्रभुता। टैरिफ बम फटेगा या डील? वक्त बताएगा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ट्रंप ने ग्रीनलैंड के लिए क्या धमकी दी?
विरोधी देशों पर टैरिफ। नेशनल सिक्योरिटी का हवाला। - डेनमार्क ने क्या कहा?
खरीद असंभव, संप्रभुता का उल्लंघन। - वर्किंग ग्रुप का क्या रोल?
हर 2-3 हफ्ते बातचीत, कंपромाइज ढूंढना। - ग्रीनलैंड क्यों महत्वपूर्ण?
मिनरल्स, मिलिट्री बेस, आर्कटिक रूट्स। - टैरिफ किन देशों पर?
डेनमार्क, EU सपोर्टर्स। स्पष्ट नहीं।
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