गुजरात के राजकोट में 7 साल की बच्ची से लोहे की रॉड से रेप के आरोपी रामसिंह दूधवा को फांसी। POCSO कोर्ट ने 44 दिनों में सजा सुनाई। डिप्टी CM बोले- बेटियों पर हाथ=जान पर बनाम। जीरो टॉलरेंस पॉलिसी।
बच्ची का गला घोंटने वाला हत्यारा फांसी पर: राजकोट कोर्ट ने रेप केस में रिकॉर्ड 44 दिन में सजा सुनाई
गुजरात कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 7 साल की मासूम से रेप पर 40 दिनों में फांसी की सजा
गुजरात के राजकोट में स्पेशल POCSO कोर्ट ने एक ऐसी सजा सुनाई जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। 32 साल के रामसिंह दूधवा को 7 साल की मासूम बच्ची से बलात्कार और लोहे की रॉड से यौन शोषण के जुर्म में फांसी की सजा दी गई। खास बात ये कि 4 दिसंबर 2025 को हुई इस वारदात से सजा तक का पूरा प्रोसेस महज 44 दिनों में पूरा हो गया। जज वीए राणा ने इसे ‘रेरेस्ट ऑफ रेयर केस’ करार दिया। आरोपी मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है, तीन बच्चों का बाप।
हादसा आटकोट कस्बे के पास कनपर गांव के खेतों में हुआ। बच्ची अपने चचेरे भाई-बहनों संग खेल रही थी। रामसिंह बाइक पर आया, उसे भगा ले गया। पास के झाड़ियों में ले जाकर पहले रेप किया, फिर 5 इंच की लोहे की रॉड से भयानक यौन शोषण किया। बच्ची खून से लथपथ तड़पने लगी। चीखें सुनकर मौसी दौड़ी, पिता को फोन किया। एम्बुलेंस से कनपर अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देख राजकोट मेडिकल भेजा। डॉक्टरों ने बताया आंतरिक चोटें गंभीर।
पुलिस ने 8 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार किया। सबूत जुटाते वक्त उसने लोहे की रॉड से हमला किया, पुलिस ने पैर में गोली मार दी। आटकोट थाने में POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज। 19 दिसंबर को चालान पेश। DNA रिपोर्ट ने कनेक्शन साबित किया- क्राइम सीन पर मिले बाल आरोपी के, रॉड पर बच्ची का खून। बच्ची का बयान डिसीजनल साबित हुआ। परिवार ने कोर्ट को लेटर लिखा- स्पीडी ट्रायल और फांसी दो।
ट्रायल डे-टू-डे चला। 12 जनवरी को दोषी ठहराया। 17 जनवरी को फांसी। डिप्टी सीएम और होम मिनिस्टर हर्ष संघवी ने X पर पोस्ट किया, ‘बेटियों पर हमला=जिंदगी खत्म। गुजरात में जीरो टॉलरेंस। FIR से सजा तक 40 दिन। ये केस नहीं, मजबूत संदेश है। राजकोट रूरल पुलिस, वकीलों, ज्यूडिशियरी को बधाई।’ उन्होंने कहा निर्दोष बेटी को समय पर न्याय मिला।
ऐसा तेज फैसला दुर्लभ। ज्यादातर POCSO केस सालों चलते। गुजरात मॉडल नया उदाहरण।
गुजरात POCSO तेज ट्रायल के आंकड़े
| पैरामीटर | आटकोट केस | औसत केस |
|---|---|---|
| FIR से चालान | 11 दिन | 30-60 दिन |
| ट्रायल पूरा | 6 दिन | 1-2 साल |
| सजा | 44 दिन | 3-5 साल |
| DNA रिपोर्ट | मैच | लंबा इंतजार |
POCSO एक्ट 2012 की खासियतें
अन्य बड़े POCSO केस
बच्चियों की सुरक्षा के उपाय
- खेत-गलियों में न छोड़ें।
- स्ट्रेंजर डेंजर सिखाएं।
- लोकल पुलिस से कॉन्टैक्ट।
- स्कूलों में सेफ्टी क्लासेस।
- हेल्पलाइन 1098।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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