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पीएम मोदी का असम गिफ्ट: 35 किमी ऊंचा कॉरिडोर बनेगा, अमृत भारत ट्रेनें फ्लैग ऑफ- सफर बदल जाएगा

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Kaziranga elevated corridor, PM Modi Assam visit 2026
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पीएम मोदी ने असम के कालीाबोर में 6,957 करोड़ के काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की नींव रखी। 35 किमी ऊंचा कॉरिडोर वन्यजीवों को सुरक्षित करेगा। दो अमृत भारत ट्रेनें फ्लैग ऑफ। कनेक्टिविटी और पर्यावरण का बैलेंस। 

काजीरंगा बचाने का सुपर प्लान: NH-715 पर ऊंचा रास्ता, वन्यजीवों की जान बचेगी, यात्रा तेज होगी

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: मोदी ने रखी 6,957 करोड़ की नींव, असम का कनेक्टिविटी और वन्यजीव दोनों सुरक्षित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के कालीाबोर में 6,957 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की भूंमि पूजन कर दी। ये NH-715 के कालीाबोर-नुमालीगढ़ स्ट्रेच का हिस्सा है, जिसमें 34.45 किलोमीटर ऊंचा वाइल्डलाइफ फ्रेंडली कॉरिडोर बनेगा। गाड़ियां ऊपर से जाएंगी, गैंडे-हाथी-हिरण नीचे से सुरक्षित निकल सकेंगे। साथ ही दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें फ्लैग ऑफ कीं- डिब्रूगढ़-गोमती नगर और कामाख्या-रोहतक।​

पीएम मोदी ने कहा, ‘काजीरंगा असम की आत्मा है। ये सिर्फ नेशनल पार्क नहीं, भारत की जैव विविधता का अनमोल रत्न है।’ प्रोजेक्ट से मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा, सड़क हादसे घटेंगे, इको-टूरिज्म बढ़ेगा। असम CM हिमंता बिस्वा सरमा बोले, ‘सपने में भी नहीं सोचा था कि PM 90 किमी कॉरिडोर को 7,000 करोड़ देंगे। विकास और संरक्षण का बैलेंस।’​

प्रोजेक्ट डिटेल्स
कुल लंबाई: 86 किमी (35 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर, 21 किमी बायपास, 30 किमी चौड़ीकरण)
लागत: 6,957 करोड़
समय: 4 साल (2030 तक पूरा)
फायदा: ऊपरी असम-अरुणाचल कनेक्टिविटी, ट्रैवल टाइम कम, रोजगार।​

काजीरंगा का दर्द
दुनिया का 30% वन्य गैंडा यहां। NH-715 पार्क काटती है। मानसून में जानवर सड़क क्रॉस करते हुए 50+ हादसे सालाना। हाथी-हिरण भी शिकार। ऊंचा कॉरिडोर से जानवरों को आजादी। पर्यावरणविद् खुश।​

अमृत भारत ट्रेनें

  1. डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ): असम-यूपी लिंक।
  2. कामाख्या-रोहतक: असम-हरियाणा, दिल्ली कनेक्ट।
    मॉडर्न सुविधाएं, समय कम। वंदे भारत स्लीपर गुवाहाटी-कोलकाता कल शुरू हुई।​

प्रोजेक्ट ब्रेकडाउन

हिस्सालंबाईउद्देश्य
एलिवेटेड कॉरिडोर35 किमीवन्यजीव सुरक्षित क्रॉसिंग
बायपास (जाखलाबंधा, बोकाखाट)21 किमीशहर डीकंजेशन
हाईवे चौड़ीकरण30 किमी2 से 4 लेन

असम के फायदे

  • जोरहाट-गोलाघाट-गुवाहाटी तेज।
  • पर्यटन बूस्ट: 2 मिलियन विजिटर्स सालाना।
  • 5,000+ जॉब्स लोकल लोगों को।
  • सेफ्टी: हादसे 70% कम।​

मोदी का NE फोकस

  • 100+ विजिट्स 10 साल में।
  • इंफ्रा: ब्रॉडगेज, एयरपोर्ट्स।
  • एक्ट ईस्ट पॉलिसी।

पर्यावरण बैलेंस

  • वन्यजीव कॉरिडोर: गैंडा, टाइगर, डियर।
  • इको-टूरिज्म: लोकल गाइड्स।
  • सस्टेनेबल डेवलपमेंट।

इतिहास
काजीरंगा 1905 में बना। UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज। 2,400 गैंडे। प्रोजेक्ट पहला ऐसा।

लोकल रिएक्शन

  • CM सरमा: हिस्टोरिक मोमेंट।
  • पर्यावरणविद्: लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन।
  • ट्रैवलर्स: स्वागत।

भविष्य

  • 2030: पूरा।
  • मॉनिटरिंग सिस्टम।
  • अन्य पार्क्स में कॉपी।

पीएम बोले, ‘सड़कें बनेंगी, जंगल बचेंगे।’ असम का नया अध्याय।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. काजीरंगा कॉरिडोर क्या है?
    35 किमी ऊंचा हाईवे, जानवर नीचे से निकलेंगे।
  2. लागत कितनी?
    6,957 करोड़, 4 साल में पूरा।
  3. ट्रेनें कौन-सी?
    डिब्रूगढ़-लखनऊ, कामाख्या-रोहतक।
  4. फायदे क्या?
    हादसे कम, कनेक्टिविटी बेहतर, जॉब्स।
  5. कब पूरा होगा?
    2030 तक।

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