ईरान सरकार ने कबूल किया- विरोध प्रदर्शनों में 5000 मौतें, जिसमें 500 सिक्योरिटी फोर्स। आतंकियों का आरोप। ट्रंप ने हस्तक्षेप की चेतावनी दी। कुरदी इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा। इंटरनेट ब्लैकआउट में छिपी सच्चाई।
1979 के बाद सबसे खूनी आंदोलन: ईरान में 5000 मौतें, ट्रंप ने कहा- नई लीडरशिप का वक्त
ईरान में प्रोटेस्ट का खूनी खेल: 5000 मौतों का सरकारी खुलासा, विदेशी साजिश का आरोप
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए आर्थिक विरोध प्रदर्शन अब 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का सबसे खूनी विद्रोह बन चुका है। रविवार को एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि सत्यापित आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 5000 लोग मारे गए, जिनमें 500 सिक्योरिटी फोर्स के जवान शामिल हैं। अधिकारी ने दोष ‘आतंकियों और सशस्त्र दंगाइयों’ पर डाला, जिन्होंने ‘निर्दोष ईरानियों’ को मारा। उन्होंने कहा कि आंकड़ा ज्यादा नहीं बढ़ेगा। कुरदी इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा हुई।
प्रोटेस्ट रियाल वैल्यू क्रैश से शुरू हुए। तेहरान से फैलकर पूरे देश में। लोग आर्थिक तंगी से नाराज थे, लेकिन जल्दी ही खामेनेई की सत्ता खत्म करने के नारे लगने लगे। इंटरनेट 8 जनवरी से कटा रहा, जिससे सच्चाई छिप गई। HRANA ने 3308 मौतें कन्फर्म कीं, 4382 जांचाधीन। 24,000+ गिरफ्तारियां। ईरान इंटरनेशनल ने 16,500 मौतों का अनुमान लगाया। टाइम मैगजीन ने 6000 कहा। लेकिन सरकारी आंकड़ा सबसे ज्यादा।
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा, ‘हम युद्ध में नहीं उलझेंगे, लेकिन घरेलू-अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को छोड़ेंगे नहीं।’ न्यायपालिका ने मोहरेब (भगवान के खिलाफ युद्ध) का एलान किया, जिसकी सजा फांसी है। ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा, ‘फांसी रुकवाने के लिए धन्यवाद।’ शनिवार को पोलिटिको को दिए इंटरव्यू में बोले, ‘ईरान में नई लीडरशिप का वक्त आ गया।’
ट्रंप की चेतावनी ने तनाव बढ़ाया। उन्होंने हस्तक्षेप की धमकी दी अगर प्रोटेस्टर्स मारे गए। खामेनेई ने अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। जून में इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। अधिकारी बोले, ‘इजरायल और विदेशी ग्रुप्स ने समर्थन दिया।’ कुरदी सीमा पर इराक से अलगाववादी घुसे। हेंगाव ग्रुप ने कुरदी इलाकों में भारी झड़पें बताईं।
मौतों का ब्रेकडाउन
| श्रेणी | सरकारी आंकड़ा | HRANA आंकड़ा | क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| कुल मौतें | 5000 | 3308+ | पूरे देश |
| सिक्योरिटी फोर्स | 500 | 147 | विविध |
| प्रोटेस्टर्स | – | 2403 | कुरदी सबसे ज्यादा |
| गिरफ्तारियां | – | 24,000+ | तेहरान+ |
प्रोटेस्ट टाइमलाइन
- 28 दिसंबर 2025: रियाल क्रैश, आर्थिक प्रोटेस्ट शुरू।
- 8 जनवरी 2026: इंटरनेट ब्लैकआउट।
- 10 जनवरी: ईरान इंटरनेशनल- 2000 मौतें 48 घंटे में।
- 14 जनवरी: HRANA-2571।
- 18 जनवरी: सरकारी-5000।
ईरान की रणनीति
- इंटरनेट काटकर खबरें दबाईं।
- मोहरेब चार्जशीट फांसी।
- विदेशी साजिश का नैरेटिव।
प्रोटेस्ट अब शांत, लेकिन आग बाकी।
ट्रंप का रुख
‘ईरान को नई लीडरशिप चाहिए। हम हस्तक्षेप करेंगे अगर जरूरी।’ वेनेजुएला मॉडल?
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट
कुरदी कनेक्शन
उत्तर-पश्चिम में अलगाववादी ऐक्टिव। इराक बॉर्डर से हमले। ऐतिहासिक टेंशन।
ग्लोबल रिएक्शन
- अमेरिका: ट्रंप सपोर्ट प्रोटेस्टर्स।
- इजरायल: चुप्पी।
- रूस-चीन: ईरान समर्थन।
भारतीय नजरिया
मिडिल ईस्ट तनाव से ऑयल प्राइस प्रभावित। भारत ईरान से तेल लेता। शिया-सुन्नी बैलेंस।
इतिहास दोहराया?
1979 क्रांति में हजारों मरे। अब भी सत्ता बरकरार। लेकिन युवा नाराज।
भविष्य क्या?
- फांसी आगे बढ़ेंगी।
- इकोनॉमी सुधार जरूरी।
- ट्रंप का अगला कदम।
5000 मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं, परिवारों का दर्द। ईरान में बदलाव की उम्मीद बाकी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान ने कितनी मौतें मानीं?
5000, जिसमें 500 सिक्योरिटी फोर्स। आतंकियों का आरोप। - प्रोटेस्ट कब-क्यों शुरू हुए?
28 दिसंबर 2025, रियाल क्रैश से। सत्ता विरोध में बदले। - खामेनेई ने क्या कहा?
विदेशी अपराधियों को सजा। युद्ध नहीं चाहते। - ट्रंप की चेतावनी क्या?
नई लीडरशिप, हस्तक्षेप अगर प्रोटेस्टर्स मरे। - कुरदी इलाकों में क्यों ज्यादा हिंसा?
अलगाववादी ऐक्टिव, बॉर्डर हमले।
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