ईरान ने अमेरिकी दावों का खंडन किया कि वो US ठिकानों पर हमला करने की तैयारी कर रहा। विदेश मंत्रालय ने कहा- ये तनाव बढ़ाने की साजिश। खामेनेई ने ट्रंप को प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
ईरान में विरोध प्रदर्शन का सच: खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, US को दोष
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: हमले की अफवाहें झूठी, ट्रंप को दोष देकर ईरान ने दी चेतावनी
पश्चिम एशिया में तनाव तेज हो गया है। ईरान ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि तेहरान US ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ये दावे क्षेत्र में तनाव भड़काने की अमेरिकी साजिश का हिस्सा हैं। प्रेस टीवी के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी आक्रामकता का ‘मजबूत और निर्णायक’ जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने X पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान हमले के विकल्प तलाश रहा। जवाब में US ने स्पष्ट किया कि ‘सभी विकल्प खुले हैं’ और हमले का जवाब ‘बहुत मजबूत ताकत’ से दिया जाएगा।
ये बयानबाजी ईरान में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच आया। दिसंबर 2025 के आखिर में आर्थिक मुद्दों से शुरू हुए हंगामे हिंसक हो गए। ईरानी ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, तोड़फोड़ और अशांति हुई। सत्ता ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि उन्होंने बयानों से हिंसा भड़काई। विदेशी भाड़े के सैनिकों ने शहरों पर हमले किए, सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की मौत हुई। अनौपचारिक आंकड़ों में 109 सुरक्षाकर्मी शहीद। विपक्षी कार्यकर्ता सैकड़ों मौतें बता रहे। इंटरनेट कट गया था, अब चरणबद्ध बहाली।
इस्लामिक रिवोल्यूशन के लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने ट्रंप को सीधे निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि दंगे अमेरिकी-इजरायली एजेंसियों ने भड़काए। कुछ उपद्रवी ‘ट्रेनिंग लेकर भेजे गए।’ खामेनेई के मुताबिक ट्रंप मुख्य दोषी। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बोले कि जन समर्थन से दुश्मन हारेंगे। ईरान की इंटेलिजेंस ने US हथियार जब्त किए ‘उग्रवादियों’ से। विदेश मंत्री अराघची ने अल जजीरा को कहा, ‘युद्ध के लिए तैयार लेकिन बातचीत बेहतर।’
ट्रंप का रुख सख्त। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ‘मदद आ रही है’ कहकर प्रोत्साहित किया। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप का सबसे बड़ा काम अयातुल्ला राज गिराना हो सकता। JD वांस और मार्को रुबियो मिलिट्री-डिप्लोमैटिक ऑप्शन्स पर काम कर रहे। US ने कतर एयरबेस से कुछ पर्सनल हटाए। ईरान ने सहयोगी देशों से कहा कि US हमले पर उनके बेस टारगेट होंगे।
ईरान-अमेरिका टकराव टाइमलाइन
| तारीख | घटना |
|---|---|
| दिसंबर 2025 | आर्थिक विरोध शुरू |
| जनवरी 13, 2026 | US इंटेलिजेंस अलर्ट |
| जनवरी 14 | पर्सनल विड्रॉअल, ईरान चेतावनी |
| जनवरी 17 | खामेनेई का ट्रंप पर आरोप |
| जनवरी 18 | बघाई का खंडन |
प्रदर्शन आंकड़े विवादास्पद
- ईरान: 109 सुरक्षाकर्मी मृत
- HRANA: 2600+ कुल मौतें, 18,000 गिरफ्तारियां
- इंटरनेट ब्लैकआउट हटाने का प्लान चरणबद्ध |
ट्रंप के हथियार
- 25% टैरिफ इरान ट्रेड करने वालों पर
- मिलिट्री स्ट्राइक्स पर विचार
- प्रदर्शनकारियों को सपोर्ट
चीन ने विरोध किया।
ईरान की तैयारी
भारतीय नजरिया
भारत ने तनाव कम करने की अपील की। तेल आयात पर असर। US-ईरान टकराव से कच्चा तेल $90+ जा सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा।
इतिहास दोहराएगा?
- 1979: इस्लामिक रिवोल्यूशन
- 2020: सोलैमानी स्ट्राइक
- 2025: न्यूक्लियर साइट्स पर हवाई हमले
अब प्रदर्शन संकट।
क्षेत्रीय प्रभाव
विश्लेषकों का मत
ईरान का स्टैंड मजबूत। अमेरिका को उकसावे का दोषी बताया। ट्रंप की थ्रेट्स से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन बातचीत का दरवाजा खुला। प. एशिया शांति की उम्मीद।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान ने US के किस दावे को नकारा?
US ठिकानों पर हमले की तैयारी। तनाव भड़काने वाली साजिश कहा। - प्रदर्शनों में कितनी मौतें?
ईरान: 109 सुरक्षाकर्मी। विपक्ष: 2600+। आंकड़े विवादित। - ट्रंप ने क्या कहा?
प्रदर्शनकारियों को मदद का भरोसा। स्ट्राइक्स पर विचार। - ईरान की चेतावनी?
आक्रामकता पर मजबूत जवाब। - आगे क्या?
डिप्लोमेसी vs मिलिट्री ऑप्शन्स।
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