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राज ठाकरे का हुंकार: ‘शासकों को दफना दो’- नगरीय चुनाव हार के बाद BMC को जंग का मैदान बनाओ!

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Raj Thackeray MNS speech
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महाराष्ट्र नगरीय चुनाव में MNS को झटका लगा लेकिन राज ठाकरे ने हार नहीं मानी। नगरसेवकों को कहा- BMC समेत नगर निगमों को जंग का मैदान बनाओ, मराठी हितों की रक्षा करो। महायुती पर निशाना।

‘हमारी सांस मराठी है’: राज ठाकरे का मराठी अस्मिता का नारा, महायुती को ललकारा

राज ठाकरे का बेबाक ऐलान: नगर निगमों को जंग का मैदान बनाओ, ‘शासकों को दफना दो’

महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनावों के नतीजों ने राजनीतिक हलचल मचा दी। महायुती ने BMC सहित कई जगहों पर शानदार जीत हासिल की लेकिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस हार को स्वीकार करते हुए MNS प्रमुख राज ठाकरे ने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि पार्टी के चुने हुए नगरसेवक नगर निगमों को ‘जंग का मैदान’ बना देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘हम हताश नहीं होते। हमारे नगरसेवक वहां शासकों को दफना देंगे।’ ये बयान टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया।​

राज ठाकरे ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए MNS और शिवसेना दोनों के चुने हुए नगरसेवकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ा गया। ‘ये आसान चुनाव नहीं था। ये धनबल और बाहुबल की लड़ाई थी, जो शिवसेना के खिलाफ थी।’ राज ठाकरे ने जमीनी कार्यकर्ताओं की तारीफ की जो विपरीत हालातों में भी लड़े। BMC के 227 सदस्यों वाले सदन में महायुती को आरामदायक बहुमत मिला लेकिन राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि सत्ता के लोग मराठी लोगों को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।​

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर राज ठाकरे ने लिखा, ‘सच तो ये है कि आपको कहने की जरूरत भी नहीं। फिर भी कहता हूं- MMR हो या पूरा महाराष्ट्र, सत्ता के लोग और उनके समर्थक मराठी लोगों को तंग करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। इसलिए हमें मराठी लोगों के पीछे मजबूती से खड़ा होना है। चुनाव आते-जाते रहेंगे लेकिन ये कभी न भूलें कि हमारी सांस मराठी है।’ MNS को उम्मीद से कम सफलता मिली लेकिन हार से निराशा नहीं। ‘हमारे नगरसेवक सत्ता के खिलाफ डटकर मुकाबला करेंगे। मराठी हितों के खिलाफ कोई कदम उठा तो शासकों को सबक सिखाएंगे।’​

2026 के महाराष्ट्र नगरीय चुनाव 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को हुए, नतीजे 16 जनवरी को आए। BMC सबसे बड़ा दांव था- 74,000 करोड़ का बजट, मुंबई की आर्थिक राजधानी पर कंट्रोल। उद्धव और राज ठाकरे करीब 20 साल बाद एकजुट हुए थे मराठी अस्मिता के नाम पर। लेकिन महायुती (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) ने दबदबा बनाए रखा। अंबरनाथ में 12 कांग्रेस नगरसेवक बीजेपी में शामिल हो गए। शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने ‘गंदी और सांप्रदायिक राजनीति’ का आरोप लगाया।​

महाराष्ट्र नगरीय चुनाव परिणाम हाइलाइट्स

निगममहायुतीMNSशिवसेना UBTकांग्रेसअन्य
BMCबहुमतकुछ सीटेंकमजोरनगण्यनिर्दलीय
पुणेमजबूतन्यूनसीमितकमनिर्दलीय
नासिकजीतनगण्यप्रतिस्पर्धाकमजोर
ठाणेदबदबाकुछटक्करनगण्य

राज ठाकरे की रणनीति
MNS चीफ ने कहा कि पार्टी हार के कारणों का विश्लेषण करेगी। ‘क्या गलत हुआ, क्या छूटा, कहां कमजोरी आई- इस पर चर्चा होगी।’ लंबे समय की लड़ाई है मराठी लोगों, भाषा, अस्मिता और समृद्ध महाराष्ट्र के लिए। ये हमारी पहचान है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राज ठाकरे BMC में आक्रामक ताकत बनकर उभरना चाहते हैं, न कि सिर्फ सीटों की गिनती से।​

मराठी अस्मिता का मुद्दा
राज ठाकरे ने जोर दिया कि सत्ता का दुरुपयोग मराठी लोगों पर हो रहा। MMR क्षेत्र में नॉन-मराठी प्रतिनिधित्व रिकॉर्ड हाई पर। ठाकरे भाइयों ने मराठी कार्ड खेला लेकिन फडणवीस ने विकास का दांव चलकर जीत हासिल की। शिवसेना का पुराना दबदबा टूटा। 2022 के स्प्लिट के बाद पहली बड़ी टेस्टिंग।​

MNS का सफर

  • 2006: स्थापना, बाल ठाकरे से अलगाव।
  • 2009-19: विधानसभा में सीटें, फिर गिरावट।
  • 2024: असेंबली में संघर्ष।
  • 2026: नगरीय में कुछ सफलता लेकिन उम्मीद से कम।

महायुती की जीत के कारण

  • बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन मजबूत।
  • विकास के वादे।
  • विपक्ष के आंतरिक कलह।
  • फंडिंग पावर।​

राज ठाकरे के प्रमुख बयान

  • ‘हमारी सांस मराठी है।’
  • ‘नगरसेवक शासकों को दफनाएंगे।’
  • ‘मराठी हितों के खिलाफ कोई बर्दाश्त नहीं।’
  • ‘लंबी लड़ाई, हार-जीत आती रहेंगी।’​

भविष्य की रणनीति
MNS आंतरिक समीक्षा करेगी। BMC में नगरसेवक महायुती को कड़ी टक्कर देंगे। मराठी मुद्दों पर आंदोलन तेज। उद्धव-राज का गठजोड़ टूटा तो नया समीकरण। 2029 लोकसभा से पहले बड़ा टेस्ट।​

मुंबई की राजनीति अब BMC सदन में शिफ्ट। राज ठाकरे की चेतावनी साफ- सत्ता का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं। मराठी अस्मिता vs विकास का नया दौर शुरू। क्या MNS वापसी कर पाएगा?

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. राज ठाकरे ने नगरसेवकों को क्या निर्देश दिया?
    नगर निगमों को जंग का मैदान बनाएं, शासकों को दफनाएं अगर मराठी हितों के खिलाफ काम करें।
  2. MNS को कितनी सफलता मिली BMC चुनाव में?
    अपेक्षा से कम लेकिन कुछ सीटें जीतीं। महायुती को बहुमत।
  3. राज ठाकरे ने X पर क्या लिखा?
    हमारी सांस मराठी है, सत्ता मराठी लोगों को तंग करेगी तो जवाब देंगे।
  4. चुनाव कब हुए और नतीजे कब?
    15 जनवरी को वोटिंग, 16 जनवरी को नतीजे। 29 निगम शामिल।
  5. ठाकरे भाइयों का रुख क्या रहा?
    20 साल बाद एकजुट लेकिन महायुती जीती। मराठी कार्ड खेला।
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