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राजस्थान कलेक्टर का अनोखा ऐलान: काम पूरा न हुआ तो सैलरी नहीं लूंगा, गरीबों के राशन का इंतजार खत्म!

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Rajasthan Rajsamand collector, Arun Kumar Hasija no salary, welfare verification drive
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राजस्थान के राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने जनवरी सैलरी रोकी जब तक वेलफेयर वेरिफिकेशन पूरा न हो। NFSA, पलनहार योजना, पेंशन स्कीम्स में तेजी। 88% काम 48 घंटे में, 30,000 गरीब लाभान्वित। IAS की अनोखी मिसाल।

IAS का मोटिवेशनल दांव: जनवरी सैलरी पर ब्रेक, वेरिफिकेशन 88% पूरा- पेंशन-राशन का नया रिकॉर्ड

राजस्थान कलेक्टर का सैलरी-रोक ऐलान: गरीबों के भत्ते पहुंचाने का अनोखा तरीका

राजस्थान के राजसमंद जिले के कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने एक ऐसा कदम उठाया है जो न सिर्फ अफसरों को झकझोर देगा बल्कि आम लोगों के दिल भी जीत लेगा। उन्होंने घोषणा कर दी कि जब तक जिले के सभी पात्र लोगों का वेलफेयर स्कीम्स में वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता, वो अपनी जनवरी की सैलरी नहीं लेंगे। ये फैसला नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA), पलनहार योजना और सोशल सिक्योरिटी पेंशन स्कीम्स के लिए लिया गया। कलेक्टर साहब का कहना है कि 30,000 गरीब लोग मासिक 1500 रुपये पर गुजारा करते हैं, अगर उनका भत्ता 3 महीने लेट हो जाए तो कितना बड़ा अन्याय है।​

हसीजा ने साफ कहा, ‘दो रास्ते हैं काम करवाने के- या कोड़े लगाओ या मोटिवेट करो। मैंने मोटिवेशन चुना। हमारी सैलरी 10 दिन लेट हो तो EMI, स्कूल फीस की टेंशन, सोचो गरीब क्या गुजारेगा।’ इस ऐलान के बाद चमत्कार हो गया। 48 घंटों में 88 पर्सेंट बेनिफिशियरी वेरिफाई हो गए। कुल 1,67,688 केस पूरे, 22,752 बाकी। अफसरों ने वादा किया कि 31 जनवरी तक सब साफ हो जाएगा। जिले में 1,90,440 पेंशनधारक हैं, NFSA और पलनहार में भी तेजी आई। ये पर्सनल प्लेज है, किसी पर जोर नहीं।​

कलेक्टर हसीजा का ये स्टाइल नया नहीं। पहले नाइट चौपाल लगाकर Agri Stack में किसानों का रजिस्ट्रेशन बढ़ाया। जिले में 2 लाख किसान थे, आधे से ज्यादा अब पोर्टल पर। ‘फार्मर्स राइट्स रजिस्ट्रेशन फोर्टनाइट’ चलाया। शाम 4 से रात 8 बजे गांवों में कैंप लगाए- मंदिर, खेत, चौपाल। लैपटॉप-टैबलेट से स्पॉट रजिस्ट्रेशन। पाटवार संघ ने हड़ताल की धमकी दी लेकिन हसीजा ने समझाया कि लॉन्ग टर्म में काम कम होगा। 15 दिनों में 15,373 किसान रजिस्टर। अब सालाना 6000 केंद्र से, राज्य 2000 टॉपअप- कुल 8000 तीन बार। आपदा में सब्सिडी डायरेक्ट बैंक में।

राजस्थान में वेलफेयर का बैकग्राउंड
राज्य में 71.46 लाख पेंशनधारक, 4 करोड़ NFSA कवर। लेकिन 20.36 लाख लोग वेरिफिकेशन के चक्कर में बाहर। जटिल प्रोसीजर, बार-बार दौड़, जागरूकता कम। कलेक्टर जैसे IAS ऑफिसर इनोवेटिव तरीके आजमा रहे। हसीजा का मॉडल कॉपी हो सकता।​

हसीजा की सैलरी स्ट्रक्चर

कंपोनेंटअमाउंट (लगभग)
बेसिक पे75,000-85,000
ग्रेड पे15,000
DA (50%)30,750-34,650
HRA18,000-25,500
टोटल1.5 लाख+/महीना ​

वेलफेयर स्कीम्स स्टेटस (राजसमंद)

स्कीमबेनिफिशियरीवेरिफाइडबाकी
सोशल सिक्योरिटी पेंशन1,90,44088%22,752
NFSA राशनलक्ष्य 30,000 गरीबतेजी से
पलनहार योजनाअनाथ बच्चेप्रगति में
Agri Stack किसान2 लाख+50%+– 

IAS मोटिवेशन के फायदे

  • अफसर जाग गए, स्पीड बढ़ी।
  • पेपरलेस, फील्ड वर्क।
  • लॉन्ग टर्म वर्कलोड कम।
  • गरीबों को तुरंत फायदा।

कलेक्टर साहब के पिछले कैंपेन

  • नाइट चौपाल: किसान घर पर।
  • मोबाइल कैंप्स: टैबलेट से रजिस्टर।
  • यूनियन को मनाया: स्ट्राइक टली।

राजस्थान चैलेंजेस

  • 20 लाख+ बाहर।
  • सालाना वेरिफिकेशन जरूरी।
  • दफ्तरों की भीड़।
  • जागरूकता अभियान कम।

अन्य जिलों के लिए सीख

  • पर्सनल एग्जांपल सेट करें।
  • फील्ड विजिट अनिवार्य।
  • टेक्नोलॉजी यूज: ऐप, पोर्टल।
  • टारगेट डेट लाइन।

हसीजा का विजन
‘मैंने चुना मोटिवेशन। कोशिश करो तो रिजल्ट आएगा। गरीब का भरोसा जीतो।’ 31 जनवरी डेडलाइन। अगर पूरा हुआ तो राजस्थान मॉडल बनेगा।

सोशल मीडिया पर वायरल
लोग बोल रहे- ‘सच्चा IAS’, ‘गरीबों का मसीहा’। मीम्स, वीडियो शेयर। लेकिन सवाल भी- क्या ये परमानेंट सॉल्यूशन?

क्या कॉपी करें अन्य कलेक्टर?
हां, लेकिन सिस्टम सुधार जरूरी। डिजिटल वेरिफिकेशन, आधार लिंकिंग, मोबाइल ऐप। केंद्र-राज्य कोऑर्डिनेशन।

गरीबों की जिंदगी में फर्क
1500 रुपये से घर चलता। 3 महीने वेट तो भूखमरी। अब तुरंत पहुंच। किसान को 8000 सालाना। आपदा में तुरंत मदद।

ये स्टोरी प्रेरणा है। कलेक्टर साहब साबित कर रहे कि लीडरशिप में एक्शन बोलता। जनवरी सैलरी का इंतजार सबको।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. कलेक्टर ने सैलरी क्यों रोकी?
    वेलफेयर वेरिफिकेशन पूरा होने तक। NFSA, पेंशन, पलनहार के लिए।
  2. कितना काम हो गया?
    88% वेरिफिकेशन 48 घंटे में। 1,67,688 केस पूरे।
  3. डेडलाइन क्या?
    31 जनवरी। अफसरों ने वादा किया।
  4. पहले क्या पहल की?
    Agri Stack में 15,373 किसान 15 दिन में रजिस्टर।
  5. राजस्थान में कितने बाहर?
    20.36 लाख स्कीम्स से।

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