शिवसेना UBT सांसद संजय राउत ने दावोस में CM फडणवीस की यात्रा को पिकनिक बताया। अमृता फडणवीस ने पलटवार किया- सुबह 6 से रात 11 तक निवेश के लिए मीटिंग्स। टैक्सपेयर्स मनी पर सवाल, महाराष्ट्र के लिए फायदे बताए।
संजय राउत vs अमृता फडणवीस: दावोस यात्रा को पिकनिक बोला तो CM पत्नी बोलीं- रोज 17 घंटे काम कर रहे देवेंद्र
अमृता फडणवीस का संजय राउत पर तीखा हमला: दावोस पिकनिक नहीं, रोज 17 घंटे निवेश के लिए काम
महाराष्ट्र की राजनीति में दावोस सम्मेलन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बुधवार को तंज कसते हुए कहा कि भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में पिकनिक मना रहे हैं। उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की अहमियत पर सवाल उठाए और यात्रा खर्च सार्वजनिक करने की मांग की। राउत बोले, ‘ये सम्मेलन भारतीय नजरिए से हास्यास्पद है। मुंबई में बैठकर ही ये डील हो सकती थीं। टैक्सपेयर्स के पैसे का बर्बादी।’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने तुरंत जवाब दिया। मुंबई में एक इवेंट के साइडलाइन्स पर उन्होंने कहा, ‘मैं कभी उनकी भाषा नहीं समझ पाई। लेकिन इतना कहूंगी कि पिकनिक पर जाने वाला सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक कॉन्फ्रेंस और मीटिंग्स नहीं करता। महाराष्ट्र और भारत के लिए निवेश लाता है, रोजगार बढ़ाता है। ये उनके सारे बयानों की तरह बेबुनियाद है।’ अमृता ने जोर देकर कहा कि दावोस अंतरराष्ट्रीय मंच है जहां हर देश के प्रतिनिधि जाते हैं। हर राज्य के मुखिया का फर्ज है वहां जाकर बिजनेस ऑपर्च्युनिटी तलाशें।
देवेंद्र फडणवीस दावोस में स्टेकहोल्डर मीटिंग्स कर रहे। महाराष्ट्र को निवेश हब के रूप में प्रमोट कर रहे। उनके शेड्यूल में घंटों की डिस्कशन शामिल। राउत के मुताबिक भारतीय कंपनियों से MoU मुंबई में ही हो सकते थे लेकिन ग्लोबल इनवेस्टर्स से कनेक्ट दावोस का फायदा। बीजेपी नेता बोले कि ये यात्राएं राज्य की प्रगति के लिए जरूरी।
राजनेताओं के दावोस दौरे का खर्च विवाद
| विवाद बिंदु | संजय राउत का तर्क | अमृता फडणवीस का जवाब |
|---|---|---|
| पिकनिक | CMs घूमने गए | 17 घंटे काम |
| खर्च | टैक्सपेयर्स मनी | निवेश से रिटर्न |
| अहमियत | हास्यास्पद | ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी |
| MoU | मुंबई में हो जाता | इंटरनेशनल पार्टनर्स |
पिछले दावोस से फायदे
- 2025: महाराष्ट्र को 2.5 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव।
- 2024: 1.8 लाख करोड़ MoU, 50,000 जॉब्स।
- 2023: टाटा, अदानी जैसे डील्स।
फडणवीस 2025 में 3 लाख करोड़ टारगेट पर।
राजनीतिक बैकग्राउंड
शिवसेना UBT और महायुति के बीच टेंशन। राउत BMC चुनावों पर फोकस करने को कह रहे। फडणवीस सरकार मजबूत। अमृता सामाजिक कार्यों से सक्रिय। उनका ये बयान वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़।
राउत के अन्य बयान
- विपक्ष के हमले जारी।
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से गठबंधन की चर्चा।
- BMC चुनाव फोकस।
लेकिन दावोस टिप्पणी पर बैकफुट।
अमृता का स्टैंड
WEF दावोस का महत्व
विपक्ष vs सत्ता
- UBT: खर्च पर सवाल।
- बीजेपी: विकास का जवाब।
- जनता: नतीजे देखेगी।
महाराष्ट्र इकोनॉमी को बूस्ट
विवाद से सीख
- राजनीतिक बयानबाजी जारी।
- काम के नतीजे मायने रखें।
- यात्रा का हिसाब जरूरी।
अमृता का पलटवार सोशल मीडिया पर छा गया। राउत चुप। फडणवीस दावोस में व्यस्त। असली जजमेंट निवेश के आंकड़ों से होगा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- संजय राउत ने दावोस पर क्या कहा?
CMs पिकनिक मना रहे, खर्च बताएं। सम्मेलन बेकार। - अमृता ने क्या जवाब दिया?
पिकनिक वाले 6AM-11PM काम नहीं करते। निवेश आ रहा। - फडणवीस दावोस में क्या कर रहे?
मीटिंग्स, MoU, महाराष्ट्र प्रमोशन। - दावोस का फायदा क्या?
निवेश, जॉब्स, ग्लोबल कनेक्शन। - विवाद कब तक चलेगा?
BMC चुनाव तक। नतीजे फैसला करेंगे।
Leave a comment