महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़! कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में शिंदे सेना ने राज ठाकरे की MNS से गठजोड़ कर BJP को मेयर पद से बाहर किया। 58 सीटों पर मजबूत, विकास का वादा। पूरी राजनीतिक गुत्थी सुलझेगी।
कल्याण-डोंबिवली में शिंदे का धमाका: राज ठाकरे के MNS से गठजोड़, BJP को मेयर पद से उखाड़ फेंका!
कल्याण-डोंबिवली में शिंदे सेना का MNS गठजोड़: BJP को मेयर पद से धक्का, महायुति में दरार?
महाराष्ट्र की राजनीति में फिर एक ऐसा ट्विस्ट आया है, जिसने सबको चौंका दिया। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के मेयर पद की जंग में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपने पुराने दुश्मन राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) से हाथ मिला लिया। ये गठजोड़ BJP के लिए बड़ा झटका है, जो महायुति का हिस्सा होने के बावजूद मेयर पद पर दावा ठोंक रही थी। शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने कोंकण भवन में बैठक के बाद इसकी पुष्टि की।
122 सीटों वाले KDMC चुनाव में शिंदे सेना सबसे बड़ी पार्टी बनी, 53 सीटें जीतीं। BJP ने 50 सीटें लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अकेले सरकार नहीं बना सकती। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 11, MNS को 5, कांग्रेस को 2 और NCP-SP को 1 सीट मिली। बहुमत के लिए 62 सीटें चाहिए। MNS के समर्थन से शिंदे सेना के पास 58 हो गईं। श्रीकांत ने कहा, चार UBT पार्षद भी साथ आ सकते हैं, तब बहुमत पूरा।
ये गठजोड़ क्यों हुआ? कल्याण-डोंबिवली शिंदे का गढ़ माना जाता है। BJP यहां मजबूत हुई, लेकिन शिंदे ने मेयर पद पूरा 5 साल के लिए रखना चाहा। BJP 2.5-2.5 साल की शेयरिंग पर अड़ी थी। MNS ने विकास के नाम पर समर्थन दिया। श्रीकांत बोले, ‘BJP से गठजोड़ बरकरार है, लेकिन KDMC का विकास पहले।’ एकनाथ शिंदे और BJP प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण मिलकर फैसला लेंगे।
महाराष्ट्र के नजिविक चुनावों में ये सिलसिला जारी है। उल्हासनगर में वंचित बहुजन अघाड़ी ने शिंदे को समर्थन दिया। ठाणे, भिवंडी में भी ऐसी होड़। मुंबई BMC का मेयर सस्पेंस अभी बरकरार, जहां BJP-शिंदे ने ठाकरे परिवार का 30 साल पुराना राज तोड़ा। BMC की 227 सीटों में BJP सबसे बड़ी, लेकिन गठबंधन की जंग।
राज ठाकरे का ये कदम क्या संदेश देता है? MNS चुनाव में कमजोर पड़ी, लेकिन स्ट्रैटेजिक सपोर्ट से रेलवांस बनाए रखा। उद्धव सेना ने इसे गद्दारी कहा। संजय राउत बोले, MNS नेतृत्व को कार्रवाई करनी चाहिए। शिंदे खेमे में खुशी, ये उनकी ताकत दिखाता है। लेकिन महायुति में तनाव बढ़ा।
कल्याण-डोंबिवली का महत्व समझिए। ये ठाणे जिले का सबसे अमीर निगम है। 12 लाख आबादी, IT हब, मेट्रो प्रोजेक्ट। मेयर पद पर कंट्रोल से विकास कार्यों पर पकड़। शिंदे ने कहा, सड़क, पानी, ड्रेनेज पर फोकस। MNS ने मराठी अस्मिता का मुद्दा उठाया था, अब गठजोड़ में वो साथ।
पिछले चुनावों पर नजर डालें। 2022 में BMC में ठाकरे राज था। अब 2026 में बदलाव। शिंदे की बगावत ने शिवसेना दो फाड़ की। विधानसभा में महायुति मजबूत, लेकिन लोकल बॉडीज में अलग-अलग खेल। BJP को सबक- लोकल लीडर्स को तवज्जो दें।
KDMC चुनाव परिणाम तालिका
| पार्टी | सीटें | गठजोड़ के बाद |
|---|---|---|
| शिंदे शिवसेना | 53 | 58 (MNS+समर्थन) |
| BJP | 50 | – |
| उद्धव शिवसेना | 11 | संभावित 4 समर्थन |
| MNS | 5 | शिंदे के साथ |
| कांग्रेस | 2 | – |
| NCP-SP | 1 | – |
| बहुमत चिह्न | – | 62 |
महाराष्ट्र निगम चुनावों का इतिहास
- 2017: BJP सबसे बड़ा, लेकिन गठबंधन नहीं।
- 2022: BMC में उद्धव राज, अब टूटा।
- 2026: शिंदे का दबदबा, BJP को चुनौती।
शिंदे ने साबित किया, लोकल लेवल पर वे मजबूत।
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
- ये महायुति में पावर शेयरिंग की जंग।
- BMC मेयर पर असर पड़ेगा।
- MNS का रिवाइवल।
- उद्धव को झटका, क्रॉस वोटिंग की आशंका।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर नजर
227 सीटें। BJP सबसे बड़ी। शिंदे-MNS गठजोड़ का असर? मेयर चुनाव फरवरी में। ठाकरे भाइयों की पुरानी दुश्मनी फिर उभरेगी।
कल्याण-डोंबिवली के मुद्दे
- ट्रैफिक जाम: मेट्रो लाइन 12 पर काम।
- पानी की कमी: नया प्लांट प्रस्तावित।
- कचरा प्रबंधन: बायोगैस प्लांट।
- हाउसिंग: सस्ते मकान स्कीम।
नया मेयर इन पर फोकस करेगा।
शिंदे vs BJP: कारण
- मेयर पद पर पूरा कंट्रोल।
- लोकल वोट बैंक बचाना।
- श्रीकांत शिंदे का संसदीय क्षेत्र।
BJP नाराज, लेकिन विधानसभा फोकस।
MNS की रणनीति
राज ठाकरे ने मराठी मानूस का मुद्दा उठाया। 5 सीटों से लॉबी बनाई। विधानसभा चुनाव से पहले रेलवांस।
उद्धव सेना का स्टैंड
11 सीटें। कुछ पार्षद शिंदे की ओर। संजय राउत ने MNS को ललकारा।
भविष्य की संभावनाएं
- KDMC में शिंदे मेयर बनेगा।
- BMC में BJP-शिंदे डील।
- महायुति बरकरार, लेकिन टेंशन।
- लोकसभा में श्रीकांत मजबूत।
ये गठजोड़ महाराष्ट्र राजनीति को नया रंग देगा। शिंदे ने दिखाया, वे बालासाहेब की असली विरासत। राज ठाकरे ने स्मार्ट मूव। BJP को सोचना पड़ेगा। कल्याणवासियों को विकास मिलेगा। राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- KDMC में शिंदे सेना को कितनी सीटें मिलीं?
53 सीटें। MNS के 5 समर्थन से 58। बहुमत 62 है, UBT से और समर्थन आ सकता है। - BJP को मेयर पद क्यों नहीं मिला?
शिंदे ने MNS से गठजोड़ किया। BJP 50 सीटों पर अड़ी शेयरिंग पर, शिंदे पूरा टर्म चाहते। - राज ठाकरे ने समर्थन क्यों दिया?
KDMC के विकास के लिए। MNS ने मराठी हितों का जिक्र किया। - BMC मेयर चुनाव पर क्या असर?
सस्पेंस बढ़ा। BJP-शिंदे में डील होनी है। ठाकरे भाइयों की जंग तेज। - महायुति टूटेगी क्या?
श्रीकांत ने कहा बरकरार। लेकिन लोकल लेवल पर टेंशन। विधानसभा फोकस रहेगा।
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